Sunday, 05 Apr 2026 | 10:34 PM

Trending :

रीवा में रविवार रात सैकड़ों वाहन जाम में फंसे:रतहरा से नए बस स्टैंड और सिरमौर चौराहे तक लगी कतारें, घंटों तक रेंगते रही गाड़ियां दुबले-पतले लोगों को रात में नहीं खाना चाहिए चावल, जानें राइस खाने का आयुर्वेदिक नियम शराबी पिता ने 4 वर्षीय बेटे के पीटा, मौत:छतरपुर में लाठी से किया था वार; भोपाल में 5 दिन इलाज के बाद मौत; आरोपी गिरफ्तार शाजापुर में अनियंत्रित होकर कार खंभे से टकराई:बाइक सवार को बचाने की कोशिश में हुआ हादसा अनार ही नहीं, इसका छिलका भी है रामबाण! जानें कैसे दूर करता है पिंपल्स, पेट की बीमारी और कमजोरी रीवा में हिंदू एकता के लिए भव्य शोभायात्रा:जनप्रतिनिधियों समेत 5 हजार लोग शामिल हुए, 10 किमी मार्ग पर पुष्पवर्षा और स्वागत
EXCLUSIVE

आयुर्वेद के अनुसार खाने का सही समय सूरज के साथ क्यों जरूरी है

authorimg

भूख लगने पर खाना के सिवा कुछ नहीं दिखता है, और न खाओ तो सबसे पहले दिमाग काम करना बंद कर देता है. इसलिए लोग खाने के सही समय को नजरअंदाज करके इस बात पर ध्यान देते हैं, कि जब भूख लगे तब खाना खा लेना चाहिए.जबकि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के अनुसार, हमारा शरीर कोई मशीन नहीं है, बल्कि प्रकृति का हिस्सा है. इसे ठीक रखने के लिए दवाइयों या सख्त डाइट की बजाय सूरज के रिदम का सम्मान करना चाहिए.

वास्तव में बॉडी सन क्लॉक के हिसाब से चलती है.सदियों पुराना आयुर्वेद यही सिखाता आ रहा है कि खाने का समय घड़ी से नहीं, बल्कि सूर्योदय और सूर्यास्त से तय होना चाहिए. जब हम सूरज के साथ खाते हैं तो पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर अंदर से खुद ठीक होने लगता है.

बीमारियों की जड़ सूरज को नजरअंदाज करना
आजकल हम घड़ी के हिसाब से जीते हैं, जिससे शरीर सूरज के पीछे चलता है. जब हम सूरज ढलने के बाद भी भारी खाना खाते हैं तो पाचन तंत्र पर बोझ पड़ता है और कई बीमारियां शुरू हो जाती हैं. आयुर्वेद का मूल मंत्र है– जब सूरज तेज हो, तब खाएं; जब सूरज डूब जाए, तब आराम करें. इस साधारण नियम को अपनाकर लोग बिना किसी सख्त डाइट के स्वस्थ रह सकते हैं.

हर समय का खाना अलग होना चाहिए
ब्रेकफास्ट
आयुर्वेद के अनुसार, दिन के तीन मुख्य समय हैं और हर समय का खाना अलग होना चाहिए. सुबह की शुरुआत हल्के और सादे भोजन से करें. सूरज उगते ही शरीर में पाचन की आग धीरे-धीरे जलनी शुरू होती है, इसलिए भारी या तला-भुना खाना न खाएं. इसके बजाय हल्दी वाला दूध, पोहा, उपमा, इडली, पोहा, फल या हल्का दलिया जैसे खाद्य पदार्थ लें. ये पेट को आराम देते हैं, एनर्जी बढ़ाते हैं और दिनभर तरोताजा रखते हैं.

लंच
इसके बाद दोपहर का समय सबसे जरूरी है. जब सूरज सबसे ऊपर होता है, तब पाचन की अग्नि सबसे तेज जलती है. आयुर्वेद कहता है कि दोपहर का भोजन सबसे पौष्टिक और भरपूर होना चाहिए. इस समय दाल-चावल, रोटी-सब्जी, सांभर-चावल, घी वाली खिचड़ी खा सकते हैं. भारी और पौष्टिक भोजन दोपहर में ही पचता है, क्योंकि अग्नि मजबूत होती है.

डिनर
शाम को सूरज ढलते ही शरीर धीमा हो जाता है. पाचन की आग कमजोर पड़ जाती है, इसलिए रात का खाना हल्का और जल्दी पचने वाला होना चाहिए. सूप, खिचड़ी, मूंग दाल, नरम सब्जियां, दही-चावल या हल्की रोटी-सब्जी अच्छे विकल्प हैं. भारी, तला-भुना, मसालेदार या ज्यादा मीठा खाना रात में परेशानी पैदा करता है – जैसे अपच, भारीपन, नींद न आना या वजन बढ़ना.

रात में तेज भूख का मतलब गड़बड़ी
आयुर्वेद में यह भी कहा गया है कि ‘जब भी भूख लगे, खाओ’ जैसी आम सलाह गलत है. भूख का समय सूरज के साथ जुड़ा होता है. सुबह हल्की भूख, दोपहर में तेज भूख और शाम को बहुत कम भूख महसूस होनी चाहिए. अगर शाम को ज्यादा भूख लग रही है तो इसका मतलब है कि दिन का खान-पान गड़बड़ है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
लेफ्टिनेंट कर्नल की याचिका पर सुनवाई:कोर्ट ने कहा-आपसी सहमति से बने संबंध को नहीं माना जा सकता रेप; एफआईआर रद्द

March 15, 2026/
12:24 am

वो युवती जो कि पहले तो लव रिलेशन में रहती है,आपसी सहमति से संबंध बनाती है, और फिर बाद में...

ईदगाह, अमरावत-पटेल नगर में कल बिजली कटौती:भोपाल के 35 इलाकों में असर; रायसेन रोड, राजीव नगर में भी सप्लाई नहीं

March 28, 2026/
5:42 pm

भोपाल के करीब 35 इलाकों में रविवार को 5 से 6 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इन इलाकों में बिजली...

BPCL issued a statement and said that the domestic households are given top priority.

March 12, 2026/
12:22 pm

आखरी अपडेट:मार्च 12, 2026, 12:22 IST जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हमले को लेकर कांग्रेस पार्टी की ओर...

दलौदा कृषि मंडी से लहसुन चोरी का खुलासा:दो आरोपी गिरफ्तार, 75 किलो लहसुन बरामद, तफ्तीश जारी

March 1, 2026/
8:57 pm

मंदसौर जिले की दलौदा थाना पुलिस ने कृषि उपज मंडी से हुई लहसुन चोरी का खुलासा किया है। पुलिस ने...

रंगपंचमी पर महाकाल को एक लोटा केसर जल अर्पित होगा:भस्म आरती में अर्पित होगा रंग, चेकिंग के बाद ही भक्तों को प्रवेश मिलेगा

March 7, 2026/
11:06 am

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में रंगपंचमी पर भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को इस बार सिर्फ एक लोटा केसर...

टटीरी सॉन्ग विवाद में बादशाह को हाईकोर्ट से राहत:गिरफ्तारी पर रोक लगाई, हरियाणा महिला आयोग बोला- पेश हो जाता तो, ये नौबत न आती

March 19, 2026/
4:50 pm

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ‘टटीरी सॉन्ग’ विवाद में फंसे सिंगर बादशाह की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। हालांकि...

राजनीति

आयुर्वेद के अनुसार खाने का सही समय सूरज के साथ क्यों जरूरी है

authorimg

भूख लगने पर खाना के सिवा कुछ नहीं दिखता है, और न खाओ तो सबसे पहले दिमाग काम करना बंद कर देता है. इसलिए लोग खाने के सही समय को नजरअंदाज करके इस बात पर ध्यान देते हैं, कि जब भूख लगे तब खाना खा लेना चाहिए.जबकि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के अनुसार, हमारा शरीर कोई मशीन नहीं है, बल्कि प्रकृति का हिस्सा है. इसे ठीक रखने के लिए दवाइयों या सख्त डाइट की बजाय सूरज के रिदम का सम्मान करना चाहिए.

वास्तव में बॉडी सन क्लॉक के हिसाब से चलती है.सदियों पुराना आयुर्वेद यही सिखाता आ रहा है कि खाने का समय घड़ी से नहीं, बल्कि सूर्योदय और सूर्यास्त से तय होना चाहिए. जब हम सूरज के साथ खाते हैं तो पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर अंदर से खुद ठीक होने लगता है.

बीमारियों की जड़ सूरज को नजरअंदाज करना
आजकल हम घड़ी के हिसाब से जीते हैं, जिससे शरीर सूरज के पीछे चलता है. जब हम सूरज ढलने के बाद भी भारी खाना खाते हैं तो पाचन तंत्र पर बोझ पड़ता है और कई बीमारियां शुरू हो जाती हैं. आयुर्वेद का मूल मंत्र है– जब सूरज तेज हो, तब खाएं; जब सूरज डूब जाए, तब आराम करें. इस साधारण नियम को अपनाकर लोग बिना किसी सख्त डाइट के स्वस्थ रह सकते हैं.

हर समय का खाना अलग होना चाहिए
ब्रेकफास्ट
आयुर्वेद के अनुसार, दिन के तीन मुख्य समय हैं और हर समय का खाना अलग होना चाहिए. सुबह की शुरुआत हल्के और सादे भोजन से करें. सूरज उगते ही शरीर में पाचन की आग धीरे-धीरे जलनी शुरू होती है, इसलिए भारी या तला-भुना खाना न खाएं. इसके बजाय हल्दी वाला दूध, पोहा, उपमा, इडली, पोहा, फल या हल्का दलिया जैसे खाद्य पदार्थ लें. ये पेट को आराम देते हैं, एनर्जी बढ़ाते हैं और दिनभर तरोताजा रखते हैं.

लंच
इसके बाद दोपहर का समय सबसे जरूरी है. जब सूरज सबसे ऊपर होता है, तब पाचन की अग्नि सबसे तेज जलती है. आयुर्वेद कहता है कि दोपहर का भोजन सबसे पौष्टिक और भरपूर होना चाहिए. इस समय दाल-चावल, रोटी-सब्जी, सांभर-चावल, घी वाली खिचड़ी खा सकते हैं. भारी और पौष्टिक भोजन दोपहर में ही पचता है, क्योंकि अग्नि मजबूत होती है.

डिनर
शाम को सूरज ढलते ही शरीर धीमा हो जाता है. पाचन की आग कमजोर पड़ जाती है, इसलिए रात का खाना हल्का और जल्दी पचने वाला होना चाहिए. सूप, खिचड़ी, मूंग दाल, नरम सब्जियां, दही-चावल या हल्की रोटी-सब्जी अच्छे विकल्प हैं. भारी, तला-भुना, मसालेदार या ज्यादा मीठा खाना रात में परेशानी पैदा करता है – जैसे अपच, भारीपन, नींद न आना या वजन बढ़ना.

रात में तेज भूख का मतलब गड़बड़ी
आयुर्वेद में यह भी कहा गया है कि ‘जब भी भूख लगे, खाओ’ जैसी आम सलाह गलत है. भूख का समय सूरज के साथ जुड़ा होता है. सुबह हल्की भूख, दोपहर में तेज भूख और शाम को बहुत कम भूख महसूस होनी चाहिए. अगर शाम को ज्यादा भूख लग रही है तो इसका मतलब है कि दिन का खान-पान गड़बड़ है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.