Sunday, 30 Aug 2026 | 01:42 PM

Trending :

कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट 134 दिन बाद खुले:पंजाब-हरियाणा के श्रद्धालु भी पहुंचे भरमौर, एकांतवास से लौटे भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र

कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट 134 दिन बाद खुले:पंजाब-हरियाणा के श्रद्धालु भी पहुंचे भरमौर, एकांतवास से लौटे भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र

हिमाचल प्रदेश के भरमौर में मशहूर कार्तिक स्वामी मंदिर कुगती के कपाट 134 दिन बाद मंगलवार को विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। लगभग चार महीने तेरह दिन तक बंद रहने के बाद मंदिर खुलने से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बन गया है। मंदिर में पूरी रात जागरण चलता रहा। इसमें हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा, जम्मू समेत कई राज्यों के सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। मंगलवार सुबह विशेष पूजा, हवन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर के कपाट खोले गए। अब विभिन्न प्रदेशों से भरमौर पहुंचे श्रद्धालु कार्तिक स्वामी के दर्शन कर रहे हैं। बैसाखी संक्रांति पर कार्तिक स्वामी मंदिर लौट आते हैं
बता दें कि, सर्दियों में कुगती में भारी बर्फबारी होती है। यहां पर 15 नवंबर के आसपास हिमपात शुरू हो जाता है। इसलिए, मान्यता है कि भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र कार्तिक स्वामी दीपावली के बाद एकांतवास (पाताल लोक) में चले जाते हैं और उनके लौटने तक मंदिर के कपाट बंद रहते हैं। बैसाखी संक्रांति पर कार्तिक स्वामी मंदिर लौट आते हैं। कपाट बंद होने के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में जाना पूर्णतः वर्जित माना जाता है। इसलिए, ग्रामीण और श्रद्धालु इस परंपरा का सख्ती से पालन करते हैं। मंदिर की परंपरा से जुड़ी एक विशेष मान्यता भी है। प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में प्रसिद्ध यह स्थान
कार्तिक स्वामी को भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र के रूप में पूजा जाता है। पौराणिक मान्यता है कि भगवान गणेश से एक प्रसंग के बाद वे इस दुर्गम स्थान पर आकर निवास करने लगे थे। आज यह स्थान एक प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। कुगती धार्मिक आस्था का केंद्र
यह मंदिर धार्मिक आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ ट्रैकिंग और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी जाना जाता है, जो इसे पर्यटन का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाता है। मणिमहेश जाने पर रोक
कुगती स्थित कार्तिक मंदिर आने वाले श्रद्धालु मणिमहेश यात्रा पर जरूर जाते हैं। हालांकि इस बार अभी मणिमहेश जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है, क्योंकि इस बार वहां भारी हिमपात हुआ है। इससे मणिमहेश जाने वाले रास्ते पूरी तरह बंद हैं। इसी तरह बीते साल मानसून की भारी बारिश और बादल फटने से भी मणिमहेश के रास्ते पूरी तरह टूटे हुए हैं। इसे देखते हुए SDM भरमौर ने धंछो से आगे मणिमहेश की तरफ जाने पर पूरी तरह रोक लगाई है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Nancy Grewal Murder Canada | Anti-Khalistan Day March 3

March 8, 2026/
5:00 am

इन्फ्लुएंसर नैन्सी ग्रेवाल की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। – फाइल फोटो पंजाबी यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल की हत्या के...

Rahul Roy Blushes on 90s Nostalgia Special

June 7, 2026/
12:10 pm

52 मिनट पहले कॉपी लिंक आशिकी फेम एक्टर राहुल रॉय टीवी रियलिटी शो ‘लाफ्टर शेफ्स – अनलिमिटेड एंटरटेनमेंट सीजन 3’...

NCL Recruitment 1607 Posts | Govt Jobs Apply Online Today

May 30, 2026/
8:00 pm

9 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड में 1607 पदों पर भर्ती की।...

तमिलनाडु विधानसभा के लिए 23 अप्रैल को डाला जाएगा वोट, 4 मई को अटल बिहारी वाजपेयी का नारा, जानें पूरा कार्यक्रम

March 15, 2026/
4:59 pm

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने रविवार (15 मार्च,...

PM Shram Yogi Mandhan: Rs 55 Mein 3000 Pension

May 7, 2026/
3:05 pm

नई दिल्ली9 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्र सरकार देश के असंगठित क्षेत्र के श्रमिक को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए...

ब्रेट ली ने प्रीति संग अफेयर की अफवाहें खारिज कीं:बोले- हम अच्छे दोस्त थे और हैं, कभी किसी बॉलीवुड एक्ट्रेस को डेट नहीं किया

August 5, 2026/
2:18 pm

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने हाल ही में मुंबई दौरे के दौरान एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस प्रीति...

उज्जैन के महाकाल रेस्टोरेंट में लगी आग:समय रहते आग पर काबू पाया, बड़ा हादसा टला

April 15, 2026/
12:03 am

उज्जैन के महाकाल क्षेत्र स्थित गुदरी चौराहे पर मंगलवार को महाकाल रेस्टोरेंट में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। घटना...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट 134 दिन बाद खुले:पंजाब-हरियाणा के श्रद्धालु भी पहुंचे भरमौर, एकांतवास से लौटे भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र

कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट 134 दिन बाद खुले:पंजाब-हरियाणा के श्रद्धालु भी पहुंचे भरमौर, एकांतवास से लौटे भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र

हिमाचल प्रदेश के भरमौर में मशहूर कार्तिक स्वामी मंदिर कुगती के कपाट 134 दिन बाद मंगलवार को विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। लगभग चार महीने तेरह दिन तक बंद रहने के बाद मंदिर खुलने से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बन गया है। मंदिर में पूरी रात जागरण चलता रहा। इसमें हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा, जम्मू समेत कई राज्यों के सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। मंगलवार सुबह विशेष पूजा, हवन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर के कपाट खोले गए। अब विभिन्न प्रदेशों से भरमौर पहुंचे श्रद्धालु कार्तिक स्वामी के दर्शन कर रहे हैं। बैसाखी संक्रांति पर कार्तिक स्वामी मंदिर लौट आते हैं
बता दें कि, सर्दियों में कुगती में भारी बर्फबारी होती है। यहां पर 15 नवंबर के आसपास हिमपात शुरू हो जाता है। इसलिए, मान्यता है कि भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र कार्तिक स्वामी दीपावली के बाद एकांतवास (पाताल लोक) में चले जाते हैं और उनके लौटने तक मंदिर के कपाट बंद रहते हैं। बैसाखी संक्रांति पर कार्तिक स्वामी मंदिर लौट आते हैं। कपाट बंद होने के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में जाना पूर्णतः वर्जित माना जाता है। इसलिए, ग्रामीण और श्रद्धालु इस परंपरा का सख्ती से पालन करते हैं। मंदिर की परंपरा से जुड़ी एक विशेष मान्यता भी है। प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में प्रसिद्ध यह स्थान
कार्तिक स्वामी को भगवान शिव के ज्येष्ठ पुत्र के रूप में पूजा जाता है। पौराणिक मान्यता है कि भगवान गणेश से एक प्रसंग के बाद वे इस दुर्गम स्थान पर आकर निवास करने लगे थे। आज यह स्थान एक प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। कुगती धार्मिक आस्था का केंद्र
यह मंदिर धार्मिक आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ ट्रैकिंग और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी जाना जाता है, जो इसे पर्यटन का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाता है। मणिमहेश जाने पर रोक
कुगती स्थित कार्तिक मंदिर आने वाले श्रद्धालु मणिमहेश यात्रा पर जरूर जाते हैं। हालांकि इस बार अभी मणिमहेश जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है, क्योंकि इस बार वहां भारी हिमपात हुआ है। इससे मणिमहेश जाने वाले रास्ते पूरी तरह बंद हैं। इसी तरह बीते साल मानसून की भारी बारिश और बादल फटने से भी मणिमहेश के रास्ते पूरी तरह टूटे हुए हैं। इसे देखते हुए SDM भरमौर ने धंछो से आगे मणिमहेश की तरफ जाने पर पूरी तरह रोक लगाई है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.