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Teenage Pregnancy Risks: डॉक्टर के मुताबिक 14 साल की उम्र में प्रेग्नेंसी बेहद खतरनाक होती है, क्योंकि इस उम्र में शरीर पूरी तरह विकसित नहीं होता. इससे मां और बच्चे दोनों की जान के लिए खतरा हो सकता है. किशोरी की मेंटल हेल्थ के लिए भी प्रेग्नेंसी घातक साबित हो सकती है. इससे डिलीवरी में खतरनाक कॉम्प्लिकेशंस पैदा हो सकती हैं.
डॉक्टर सोनाली गुप्ता के अनुसार 14 साल की उम्र में प्रेग्नेंसी जानलेवा भी हो सकती है.
Early Pregnancy Dangers: उत्तराखंड के मुनस्यारी में एक लड़की का महज 13 साल की उम्र में बाल विवाह कर दिया गया. शादी के बाद किशोरी 14 साल की उम्र में प्रेग्नेंट हो गई और जब डिलीवरी के लिए उसे अस्पताल ले जाया गया, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ. अस्पताल प्रशासन से पुलिस को सूचना दी और आगे की कानूनी कार्रवाई की गई. डॉक्टर्स की मानें तो 14 साल की उम्र में प्रेग्नेंसी लड़की और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों के लिए जानलेवा हो सकती है. इससे कई गंभीर कॉम्प्लिकेशंस पैदा हो सकती हैं और सही ट्रीटमेंट न मिलने पर जान जा सकती है. प्रेग्नेंसी के लिए 20 से 30 साल की उम्र सबसे अच्छी मानी जाती है.
ग्रेटर नोएडा के ब्लिस आईवीएफ एंड गायनी केयर सेंटर की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. सोनाली गुप्ता ने News18 को बताया कि इतनी कम उम्र में प्रेग्नेंसी शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से भी बेहद जोखिम भरी होती है. किशोरावस्था में शरीर पूरी तरह विकसित नहीं होता है, जिससे मां और बच्चे दोनों की जान को खतरा हो सकता है. 14 साल की उम्र में शरीर पूरी तरह परिपक्व नहीं होता है और खासकर गर्भाशय और पेल्विक एरिया की ग्रोथ अधूरी रहती है. ऐसे में प्रेग्नेंसी के दौरान कॉम्प्लिकेशंस पैदा हो सकती हैं. इससे समय से पहले डिलीवरी, कम वजन का बच्चा, और डिलीवरी के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग जैसे खतरे होते हैं. कई मामलों में ऑपरेशन की जरूरत भी पड़ सकती है, जो इतनी कम उम्र में बेहद रिस्की होता है.
डॉक्टर ने बताया कि इतनी कम उम्र में प्रेग्नेंसी का सबसे बड़ा खतरा मां की सेहत पर पड़ता है. किशोरियों में एनीमिया यानी खून की कमी कॉमन है और प्रेग्नेंसी के दौरान यह समस्या और बढ़ जाती है. इससे शरीर कमजोर हो जाता है और डिलीवरी के समय जान का खतरा भी बढ़ सकता है. इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर, प्रेग्नेंसी से जुड़ी डायबिटीज और इंफेक्शन का खतरा भी अधिक रहता है. सिर्फ शारीरिक ही नहीं, मानसिक स्वास्थ्य पर भी इसका गहरा असर पड़ता है. इतनी कम उम्र में प्रेग्नेंसी एक बड़ा मानसिक दबाव बन जाती है. इससे डर, तनाव, डिप्रेशन और अकेलेपन की भावना पैदा हो सकती है. इससे उसका भविष्य और सामाजिक जीवन बुरी तरह प्रभावित होता है.
एक्सपर्ट के मुताबिक कम उम्र में गर्भावस्था का असर बच्चे पर भी पड़ता है. ऐसे मामलों में जन्म लेने वाले बच्चों का वजन कम होता है और उनमें विकास से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा ज्यादा रहता है. इसके अलावा नवजात शिशु की मृत्यु दर भी ज्यादा हो सकती है. इसलिए यह सिर्फ मां ही नहीं, बल्कि बच्चे के लिए भी खतरनाक स्थिति होती है. ऐसी घटनाओं से बचने के लिए समाज में जागरुकता बढ़ाने की जरूरत है. प्रेग्नेंसी के लिए आमतौर पर 20 से 30 साल की उम्र सबसे ज्यादा सुरक्षित मानी जाती है. हालांकि तकनीक की मदद से 35-40 की उम्र तक महिलाएं मां बन सकती हैं.
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अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें














































