ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय ने परिसर में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है और चेतावनी दी है कि नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह कदम शहर में बढ़ते डॉग बाइट के मामलों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मद्देनजर उठाया गया है। विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर एक आदेशात्मक बैनर लगाया गया है। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि कोई भी व्यक्ति परिसर के अंदर आवारा कुत्तों को भोजन वितरित करते पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रबंधन ने इस निर्णय को सर्वोच्च न्यायालय में आवारा कुत्तों के हमलों से संबंधित याचिका पर आए आदेश का अनुपालन बताया है। 7-8 लोग डॉग बाइट के शिकार हुए थे दरअसल, ग्वालियर में प्रतिदिन 250 से अधिक डॉग बाइट के मामले सामने आ रहे हैं। हाल ही में, विश्वविद्यालय परिसर में ही एक आवारा कुत्ते ने एक ही दिन में 7 से 8 लोगों को काट लिया था। इस घटना के बाद छात्र-छात्राओं, प्रोफेसरों और सुबह टहलने आने वाले लोगों में दहशत फैल गई थी। विश्वविद्यालय परिसर में लड़कों और लड़कियों के छात्रावास, प्रोफेसरों के आवास सहित अन्य आवासीय क्षेत्र हैं। यहां प्रतिदिन लगभग पांच हजार लोग सुबह-शाम टहलने आते हैं। ऐसे में सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता स्वाभाविक है। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. विमलेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि प्रबंधन ने सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों को भोजन न देने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के परिपालन में यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि परिसर में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए यह निर्णय आवश्यक हो गया था।













































