तमिलनाडु के मदुरै कोर्ट ने तूतीकोरिन के सथानकुलम कस्टोडियल डेथ केस में 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाई है। यह मामला 2020 में पिता-पुत्र की हिरासत में मौत से जुड़ा है। दरअसल, 19 जून 2020 को पुलिस ने व्यापारी पी जयराज और उनके बेटे जे बेनिक्स को लॉकडाउन के दौरान दुकान खुली रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। दोनों को सथानकुलम पुलिस स्टेशन ले जाया गया और फिर न्यायिक हिरासत में भेजा गया, जहां कुछ ही दिनों में उनकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुलिस स्टेशन में रातभर दोनों के साथ मारपीट की गई। उनके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान और खून बहने के संकेत मिले थे। मद्रास हाईकोर्ट के निर्देश पर मामले की जांच राज्य की सीबी-सीआईडी से लेकर CBI को सौंपी गई। CBI ने 10 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक इंस्पेक्टर, दो सब-इंस्पेक्टर और अन्य कॉन्स्टेबल शामिल थे। एजेंसी ने सभी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। जांच के दौरान एक महिला कांस्टेबल ने बताया कि पिता-पुत्र को रातभर पीटा गया था। पुलिस स्टेशन में टेबल और लाठियों पर खून के निशान थे। यह गवाही मामले में अहम साबित हुई। जांच में यह भी सामने आया कि सथानकुलम थाने का CCTV फुटेज सुरक्षित नहीं रखा गया। रिकॉर्डिंग रोजाना अपने आप डिलीट हो जाती थी, जिससे महत्वपूर्ण सबूत नहीं मिल पाए। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…














































