देवास में प्राचीन मेढकी वाटर वर्क्स बावड़ी और धार्मिक स्थल को बचाने के लिए हिंदू समाज ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सिविल लाइन थाने के निर्माण को तुरंत रोकने की मांग की। सामाजिक कार्यकर्ता अनिल सिंह ठाकुर ने बताया कि शहर की यह अति प्राचीन बावड़ी खतरे में है। यह बावड़ी कभी देवास शहर की प्यास बुझाती थी। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि इसकी साफ-सफाई की जाए तो इसमें आज भी पर्याप्त पानी उपलब्ध है। बावड़ी में लगा बोरिंग आसपास के किसानों के बोरिंग को रिचार्ज कर रहा है, जो इसकी जल संरक्षण क्षमता को दर्शाता है। परिसर में धार्मिक स्थान भी है
परिसर में एक प्राचीन आंकड़े के पेड़ से गणेश जी की प्रतिमा निकली थी, जिसके बाद एक भक्त ने मंदिर की स्थापना की। प्रत्येक बुधवार को श्री गणेश मंदिर में पूजा-पाठ और भजन होते हैं। साथ ही, हनुमान मंदिर में भजन, सुंदरकांड और हनुमान चालीसा जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी परिसर में पीपल के पेड़ की परिक्रमा कर प्रतिदिन जल भी चढ़ाया जाता है। विगत कुछ दिनों से मेढकी बावड़ी के आसपास मिट्टी एकत्रित कर उसे बावड़ी में डालने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह प्राचीन धरोहर को समाप्त कर सिविल लाइन थाना बनाने की तैयारी है। मेढकी चक और आसपास की कॉलोनियों के निवासियों को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विधायक ने पार्क बनावाने की कही थी बात
स्थानीय लोगों ने बताया कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले विधायक गायत्री राजे पंवार और महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल ने यहां आमजन और बच्चों के मनोरंजन के लिए एक पार्क का भूमि पूजन किया था। नगर निगम परिषद में इसका प्रस्ताव भी पारित हुआ था। 22 सितंबर 2025 को यह भूमि शिव शक्ति सेवा मंडल को अस्थायी गार्डन के लिए सौंपी गई थी। निवासियों ने सवाल उठाया है कि नगर निगम ने किस नियम के तहत गार्डन की जमीन पर पक्का निर्माण की अनुमति दी, जबकि यह नियमानुसार अवैध है। उन्होंने यह भी पूछा कि नगर निगम ने गार्डन की जमीन राजस्व विभाग को कैसे सौंप दी।














































