बड़ा गणपति चौराहे पर फ्लायओवर बनाने का मामला दो साल से चल रहा है। वर्कऑर्डर के बाद भी अब तक यूटिलिटी लाइनों की शिफ्टिंग का काम ही शुरू नहीं हुआ है। लाइनों की शिफ्टिंग में ही एक साल लग जाएगा। उसके बाद कहीं फ्लायओवर निर्माण शुरू हो सकेगा। बड़ा गणपति के साथ ही चंदन नगर ब्रिज की समीक्षा के लिए शनिवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अफसरों की बैठक ली। मंत्री ने साफ कहा कि काम समयबद्ध तरीके से पूरा होना चाहिए, क्योंकि पुल को सिंहस्थ से पहले तैयार करना है। बड़ा गणपति फ्लायओवर को लेकर अफसरों ने कहा, ड्रेनेज और पानी की यूटिलिटी लाइनें चौराहे से गुजर रही हैं। इनमें एक लाइन अंतिम चौराहे की ओर से आ रही है। इन लाइनों को हटाकर नई लाइनें डालनी होंगी। 8 से 10 दिन में काम शुरू कर देंगे। पूरा काम अंडरग्राउंड तरीके से किया जाएगा। बैठक में महापौर पुष्यमित्र भार्गव, निगमायुक्त क्षितिज सिंघल, आईडीए के सीईओ परीक्षित झाड़े, एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर और मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अफसर मौजूद रहे।
काम के दौरान ट्रैफिक की दिक्कत, वैकल्पिक मार्ग तैयार होंगे
अफसरों ने बताया कि बड़ा गणपति चौराहे पर मेट्रो स्टेशन भी प्रस्तावित है। ऐसे में जब यहां ब्रिज और मेट्रो दोनों का काम चलेगा तो यातायात का दबाव काफी बढ़ेगा। इस पर पुलिस विभाग से वैकल्पिक ट्रैफिक प्लान तैयार करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि कहां से ज्यादा ट्रैफिक इस रास्ते पर आता है तो बताया गया कि रामबाग और किला मैदान की तरफ से आने वाला भारी यातायात इसी मार्ग से गुजरता है। इसके लिए जिंसी और कंडीलपुरा को वैकल्पिक मार्ग के रूप में देखा गया, लेकिन दोनों ही सड़कें अभी संकरी हैं। इस पर विजयवर्गीय ने निर्देश दिए कि पहले इन मार्गों को दुरुस्त किया जाए, ताकि निर्माण के दौरान शहर को ट्रैफिक परेशानी न झेलनी पड़े। सुस्त एजेंसियों पर सख्ती
काम में देरी करने वाली निर्माण एजेंसियों का मुद्दा भी उठा। एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर ने कहा सड़कें बनाने वाली एजेंसियां समय पर काम नहीं कर रही हैं। कई बार जवाब मिलता है कि लेबर नहीं मिल रही। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने भी माना कि कई बार निर्देश देने के बावजूद एजेंसियां समय सीमा में काम नहीं कर रही हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि सोमवार को सभी एजेंसियों को बुलाकर स्पष्ट बात करें और जवाबदेही तय करें।
1 एजेंसी के पास कई काम
बैठक में बड़ा गणपति पर यूटिलिटी लाइन शिफ्टिंग का काम लेने वाली एजेंसी पर भी सवाल उठे। बैठक में कहा गया कि वरुण जैन की कंपनी ने इस काम के साथ कई अन्य प्रोजेक्ट भी ले रखे हैं, ऐसे में एक ही एजेंसी इतने काम समय पर पूरे नहीं कर पाएगी। एजेंसी की ओर से बैठक में मौजूद प्रतिनिधि ने दावा किया कि सभी काम तय समय सीमा में पूरे किए जाएंगे। चंदन नगर फ्लायओवर : 8 दिन में जारी होगा टेंडर
चंदन नगर फ्लायओवर प्रोजेक्ट पर भी चर्चा हुई। आईडीए की ओर से बताया गया कि इस प्रोजेक्ट के टेंडर 8 दिन में जारी कर दिए जाएंगे। आईडीए सीईओ ने कहा कि अगले डेढ़ महीने में वर्क ऑर्डर और एक साल में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है। हालांकि यहां भी निगम की ड्रेनेज और पानी की लाइनें निर्माण में बाधा बन रही हैं। बैठक में चंदन नगर से नगीन नगर तक जाने वाली सड़क पर भी चर्चा हुई।













































