आगर मालवा के जैन अजीतनाथ मंदिर में भगवान अजीतनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जैन समाज के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया और मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में रंगा नजर आया। महोत्सव के दौरान मुंबई के भयंदर से आए गिरनारी ग्रुप ने विशेष आयोजन किया। इसमें केसर, गुलाब सहित विभिन्न जड़ी-बूटियों और पवित्र द्रव्यों से भगवान अजीतनाथ का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधानपूर्वक पक्षाल (अभिषेक) किया गया। इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक भाव से अभिभूत कर दिया। कल्याणक में महाराजश्री ने श्रद्धालुओं को प्रेरित किया यह मोक्ष कल्याणक महोत्सव सोमवार सुबह करीब 10 बजे प्रारंभ हुआ। इसमें बंधु त्रिपुटी महाराजश्री-आगमरत्न, प्रशमरत्न एवं वज्ररत्न सागर महाराज की पावन उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उनके सान्निध्य में संपन्न हुए कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को धर्म और आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर वज्ररत्न सागर महाराज ने अपने प्रवचनों में दान, शील, तप और प्रभु भक्ति को मोक्ष प्राप्ति के सच्चे मार्ग बताया। उन्होंने श्रद्धालुओं को संयम, साधना और आत्मचिंतन का महत्व समझाते हुए धर्ममय जीवन अपनाने का संदेश दिया। धर्म के सिद्धांतों को अपनाने का संकल्प कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धापूर्वक भगवान का पक्षाल कर धर्मलाभ प्राप्त किया। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, आस्था और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिला। अंत में श्रद्धालुओं ने भगवान अजीतनाथ के मोक्ष कल्याणक की शुभकामनाएं देते हुए धर्म के सिद्धांतों को अपनाने का संकल्प लिया।














































