खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में संत ब्रजराजपुरी महाराज की मृत्यु को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पहले जहां संत की मौत को सामान्य बताया जा रहा था, वहीं अब संत समाज और परिजनों ने इसमें संदेह जताते हुए जांच की मांग उठाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार को प्रशासन की मौजूदगी में समाधि स्थल से शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया। ओंकार पर्वत स्थित ओंकार बिंदु पर संत ब्रजराजपुरी (गुरु धर्मेंद्र पुरी) के निधन के बाद संत परंपरा के अनुसार उनकी देह को विधिवत समाधि दे दी गई थी। लेकिन इसके बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया। समाधि के दो दिन बाद संत ओंकार दास उदासीन और संत के बेटे शिवकुमार रघुवंशी थाने पहुंचे और साथ ही कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन देकर संत की मौत पर संदेह जताया और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की। इधर, 5 दिन बाद समाधी से संत का शव बाहर निकाला गया और मौके पर पोस्टमार्टम किया गया। यह प्रक्रिया करीब 5 घंटे तक चली। इस दौरान थाना मांधाता प्रभारी अनोख सिंदया, नायब तहसीलदार उदय मंडलोई, डॉक्टर रवि वर्मा, डॉ. राज हिरवे सहित मेडिकल टीम और प्रशासनिक अमला मौजूद रहा। फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे सैंपल
सिविल हॉस्पिटल ओंकारेश्वर के डॉक्टर रवि वर्मा ने बताया कि मृतक के विभिन्न अंगों के सैंपल फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। इधर, एसपी मनोज कुमार राय ने कहा कि, पूरे मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।













































