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सोहराब के किरदार पर रणवीर बोले- उसे बस अटेंशन चाहिए:रजत कपूर की फिल्म में असल जिंदगी से जुड़े किरदार, विनय पाठक बोले- बदलाव जरूरी

सोहराब के किरदार पर रणवीर बोले- उसे बस अटेंशन चाहिए:रजत कपूर की फिल्म में असल जिंदगी से जुड़े किरदार, विनय पाठक बोले- बदलाव जरूरी

फिल्म ‘एवरीबडी लव्स सोहराब हांडा’ पर रजत कपूर, विनय पाठक और रणवीर शौरी ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। रजत कपूर ने फिल्म में अभिनय के साथ इसे लिखा, डायरेक्ट किया और अपलॉज एंटरटेनमेंट के साथ प्रोड्यूस किया है। उन्होंने बताया कि सोहराब हांडा ऐसा किरदार है जो हर किसी का ध्यान खींचता है। रणवीर शौरी और विनय पाठक ने कहानी और किरदारों की गहराई पर बात की। यह मर्डर मिस्ट्री फिल्म 10 अप्रैल को ZEE5 पर स्ट्रीम हो चुकी है। सवाल: फिल्म का टाइटल ‘एवरीबडी लव्स सोहराब हांडा’ दिलचस्प है। सोहराब में ऐसा क्या है कि हर किरदार उससे जुड़ जाता है? जवाब / रजत कपूर: सोहराब हांडा एक खास इंसान है। कुछ लोग कमरे में आते ही माहौल अपने कब्जे में ले लेते हैं। सोहराब भी वैसा ही है। उसे हर किसी का ध्यान चाहिए और वह ऐसा करने का तरीका ढूंढ लेता है। उसकी पर्सनैलिटी मैग्नेटिक है। सवाल: रणवीर, आप सोहराब हांडा के बारे में क्या कहना चाहेंगे? जवाब / रणवीर शौरी: जैसा रजत सर ने कहा, वह हमेशा ध्यान चाहता है। इंडस्ट्री में ऐसे लोग हैं जिन्हें ज्यादा भाव चाहिए होता है। वह अलग-अलग लोगों से अलग तरीके से जुड़ता है, लेकिन एक बात कॉमन है- उसे अटेंशन चाहिए। सवाल: विनय जी, आप सोहराब हांडा का किरदार निभा रहे हैं। इसके लिए आपको क्या करना पड़ा? जवाब / विनय पाठक: मेरे लिए यह आसान था, क्योंकि स्क्रिप्ट अच्छी तरह लिखी गई थी। रजत बहुत रिसर्च करके लिखते हैं। हर किरदार असल जिंदगी से जुड़ा लगता है। इसलिए निभाना आसान हुआ। सभी किरदारों में गहराई और रोचकता है। सवाल: रजत जी, फिल्म के किरदार असल जिंदगी से प्रभावित हैं। क्या किसी खास व्यक्ति से प्रेरित होकर आपने कहानी लिखी? जवाब / रजत कपूर: किसी एक व्यक्ति को देखकर किरदार नहीं लिखा जाता। हम अनुभवों, दोस्तों और आसपास के लोगों से छोटी-छोटी बातें लेकर किरदार बनाते हैं। फिल्म में सभी किरदार खास हैं, ताकि रिश्ते अच्छे से दिखाए जा सकें। सवाल: क्या लिखते वक्त सारे किरदार आपके दिमाग में साफ होते हैं? जवाब / रजत कपूर: हां, एक आइडिया होता है कि कहानी किस दिशा में जाएगी। बाद में एक्टर्स किरदार को और निखार देते हैं। सवाल: रणवीर, जब आपने कहानी सुनी तो आपका पहला रिएक्शन क्या था? जवाब / रणवीर शौरी: रजत कुछ नया लिखते हैं तो उसे पढ़ने का उत्साह रहता है। उनके साथ काम करके मैंने बहुत कुछ सीखा है। फिल्म ऊपर से साधारण लग सकती है, लेकिन अंदर से अलग और खास है। रजत कपूर:: फिल्म में बेहतरीन कलाकार हैं- हर एक शानदार है। इतने अच्छे एक्टर्स का साथ काम करना खास अनुभव है। सवाल: विनय जी, फिल्म में जिस तरह से पिता-पुत्र का रिश्ता दिखाया गया है। इससे आप कितना जुड़ाव महसूस करते हैं? जवाब / विनय पाठक: किरदार भले काल्पनिक हो, लेकिन उसमें सच्चाई है। कई बार लगेगा कि ये हमारे आसपास के लोग हैं। यही अच्छे किरदार की पहचान है कि वह असली लगे। रजत कपूर: अगर दर्शकों को लगे कि वे इन किरदारों को जानते हैं, तो वही फिल्म की असली सफलता है। सवाल: शूटिंग के दौरान कोई भावनात्मक या मुश्किल पल आया? जवाब / रणवीर शौरी: कई सीन में 15 किरदार एक साथ थे। ऐसे सीन करना मुश्किल और रोमांचक था। रजत कपूर: इतने किरदारों को एक फ्रेम में सही तरीके से दिखाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन यही मजा था। शुरुआत में सब अराजक लगता था, फिर धीरे-धीरे सेट हो जाता था। सवाल: अप्लॉज एंटरटेनमेंट के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब / रजत कपूर: बहुत अच्छा। उन्होंने स्क्रिप्ट पढ़कर तुरंत हां कहा और पूरे समय सपोर्टिव रहे। उन्होंने काम में दखल नहीं दिया, जिससे काम आसान हो गया। सवाल: इस फिल्म को किस जॉनर में रखेंगे? जवाब / रजत कपूर: यह मर्डर मिस्ट्री है, लेकिन सिर्फ “किसने किया” नहीं, बल्कि “क्यों किया” पर ज्यादा फोकस है। सवाल: विनय जी, कंटेंट और दर्शकों की पसंद में आए बदलाव को कैसे देखते हैं? जवाब / विनय पाठक: यह बदलाव अच्छा है। अब कहानी आधारित फिल्में बन रही हैं। ओटीटी के आने से प्लेटफॉर्म बढ़े हैं, जिससे हर तरह की कहानियों को मौका मिल रहा है। सवाल: आज के कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा में इस फिल्म को कहां रखते हैं? जवाब / रजत कपूर: मुझे नहीं लगता कि पूरी तरह कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा चल रहा है। हमने एक फिल्म बनानी चाही और बना दी। आगे क्या होगा, यह समय बताएगा। रणवीर शौरी: ऐसी फिल्मों की एक खास ऑडियंस होती है। वह बड़ी नहीं होती, लेकिन मौजूद जरूर है। विनय पाठक: हम उम्मीद करते हैं कि ऐसी फिल्मों की ऑडियंस धीरे-धीरे बढ़े।

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