Tuesday, 04 Aug 2026 | 08:04 AM

Trending :

Family Court Judges, Lawyers No Uniform? Kids Scared

Family Court Judges, Lawyers No Uniform? Kids Scared

नई दिल्ली28 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

फाइल फोटो।

भारत के मुख्य न्यायाधीश(CJI) सूर्यकांत ने सोमवार को कहा कि यह बहुत जरूरी है कि फ़ैमिली कोर्ट बच्चों के मन से मनोवैज्ञानिक डर को खत्म करें, और इसके लिए कोर्ट के पारंपरिक कामकाज में कुछ बदलाव किए जाएं। उन्होंने पूछा कि क्या फ़ैमिली कोर्ट में ये काले चोगे होने चाहिए?

CJI ने कहा कि जब हम फ़ैमिली कोर्ट के लिए एक नई सोच और अवधारणा बना रहे हैं, तो क्या इससे बच्चे के मन में कोई मनोवैज्ञानिक डर पैदा नहीं होगा? उन्होंने सुझाव दिया कि फैमिली कोर्ट में पीठासीन जज और वकील यूनिफॉर्म में नहीं आने चाहिए। जस्टिस सूर्यकांत ने ये बातें दिल्ली के रोहिणी में एक फैमिली कोर्ट की आधारशिला रखने जाने के कार्यक्रम में कहीं।

उन्होंने कहा कि फैमिली कोर्ट में आप सभी के लिए, हमारे पीठासीन अधिकारी कोर्ट की पोशाक में नहीं बैठेंगे। बार के सदस्य भी काले और सफेद चोगे में नहीं आएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी भी पुलिस की वर्दी में नहीं आएंगे, क्योंकि यह पूरा माहौल बच्चों के मन में डर पैदा करता है, खासकर तब जब वे किसी भी व्यवस्था के सबसे ज्यादा पीड़ित होते हैं।

जस्टिस सूर्यकांत ने ये भी कहा…

  • हर कोई कोर्ट आना नहीं चाहता। जब हम सुधारों की बात करते हैं और जब हम फैमिली कोर्ट की अवधारणा को विवादों को सुलझाने के एक मंच के रूप में देखते हैं, तो यह सिविल संपत्ति विवादों जैसा नहीं है।
  • इसका मकसद मानवीय रिश्तों को सुधारना, उन पर विचार करना और उन्हें ठीक करना है। क्या हम इन्हें ‘पारिवारिक समाधान केंद्र’ नहीं कह सकते?
  • फैमिली कोर्ट में अन्य कोर्ट के मुकाबले ज्यादार मुकदमों और विवादों के विपरीत, ये दूर के पक्षों या बेजान संस्थाओं के बीच नहीं होते हैं। ये मामले परिवारों के भीतर से ही उठते हैं।
  • ऐसे व्यक्तियों के बीच, जो कभी एक साझा जीवन में साथी थे, वे माता-पिता, देखभाल करने वालों या एक ही घर के सदस्यों के रूप में आपसी जिम्मेदारियों को साझा करना जारी रख सकते हैं।
  • इसलिए, परिवार न्यायालय के समक्ष आने वाले विवादों के भारी भावनात्मक, सामाजिक और वित्तीय परिणाम होते हैं, जो तात्कालिक कानूनी विवाद से कहीं आगे तक जाते हैं।

कार्यक्रम में दिल्ली सीएम, सुप्रीम कोर्ट के अन्य जज भी शामिल

इस कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मनमोहन ने कहा कि दिल्ली में, जिला न्यायपालिका को जिन निरंतर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, वे तीन प्रकार की हैं। पहली है बजट, दूसरी है कर्मचारी और तीसरी है जगह। उन्होंने कहा कि जगह का अर्थ है अदालत के कमरे, साथ ही रहने की व्यवस्था (आवासीय आवास) भी।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय ने भी इस कार्यक्रम में अपने विचार रखे।

———–

ये खबर भी पढ़ें…

पीरियड्स में पेड लीव की याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज:CJI बोले– कानून बनाया तो महिलाओं को कोई काम नहीं देगा, उनका करियर खत्म हो जाएगा

सुप्रीम कोर्ट में 13 मार्च को देशभर में महिला छात्रों और कामकाजी महिलाओं को पीरियड्स में पेड लीव देने की मांग वाली याचिका खारिज हो गई। CJI सूर्यकांत ने कहा कि ऐसी याचिकाएं अनजाने में महिलाओं के बारे में बनी रूढ़ियों को और मजबूत कर सकती हैं। यह कानून बनाया तो महिलाओं को कोई काम नहीं देगा, उनका करियर खत्म हो जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
सऊदी अरब में भारतीय भी खरीद सकेंगे अपना घर:ऑयल इकोनॉमी पर निर्भरता घटाने का बड़ा फैसला; 24 लाख प्रवासियों को सीधा फायदा

June 26, 2026/
12:53 pm

सऊदी अरब ने अपने रियल एस्टेट सेक्टर को विदेशियों के लिए खोल दिया है। ‘सऊदी प्रॉपर्टीज’ नाम के नए डिजिटल...

Lahore HC Appoints IHRC Co-Chairman for 2026

February 27, 2026/
8:10 am

एडवोकेट अली चंगेजी संधू के साथ पाकिस्तानी पूर्व MP महेंद्र पाल सिंह और और सरबजीत कौर। पाकिस्तान के लाहौर हाईकोर्ट...

अगर हमारे पास इंडक्शन नहीं है या भारत में एलपीजी संकट है तो इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर के फायदे, जानिए इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर का उपयोग कैसे करें

March 18, 2026/
10:43 am

विद्युत उपकरण कुकर | छवि: एआई/फ़्रीपिक इलेक्ट्रिक प्रेशर कुकर का उपयोग करने का सही तरीका: आजकल एलपीजी इंजन की भारी...

मैंने पिता की मौत प्लान की:राम कपूर का बड़ा खुलासा, शिल्पा शिंदे बोलीं- मैं अनाथ, शेल्टर होम में रहती हूं, घरवालों ने भगा दिया

July 28, 2026/
12:39 pm

टेलीविजन एक्टर राम कपूर ने हाल ही में खुलासा किया है कि उन्होंने अपने पिता की मौत प्लान की थी।...

मैहर में दादी करा रही थी बाल विवाह:कलेक्टर के निर्देश पर टीम ने मौके पर पहुंचकर शादी रोकी; कानून के बारे में बताया

April 30, 2026/
8:40 am

मैहर जिले के ग्राम रामगढ़ में प्रशासन ने बुधवार रात करीब 8 बजे एक नाबालिग का बाल विवाह रुकवाया। कलेक्टर...

मूवी रिव्यू – ‘है जवानी तो इश्क होना है’:वरुण धवन की कॉमिक टाइमिंग संभालती फिल्म, कमजोर कहानी और लंबाई बनी बड़ी चुनौती

June 5, 2026/
10:39 am

डेविड धवन की फिल्मों को देखने जाते वक्त दर्शक लॉजिक नहीं, हंसी ढूंढते हैं। गलतफहमियां, रिश्तों का गड़बड़झाला, भागदौड़ और...

US Secretary of State Marco Rubio stressed that Quad cooperation continues beyond formal meetings.

May 26, 2026/
1:25 pm

आखरी अपडेट:26 मई, 2026, 13:25 IST कर्नाटक में लंबे समय से चल रहे सत्ता संघर्ष पर चर्चा के लिए पार्टी...

राजनीति

Family Court Judges, Lawyers No Uniform? Kids Scared

Family Court Judges, Lawyers No Uniform? Kids Scared

नई दिल्ली28 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

फाइल फोटो।

भारत के मुख्य न्यायाधीश(CJI) सूर्यकांत ने सोमवार को कहा कि यह बहुत जरूरी है कि फ़ैमिली कोर्ट बच्चों के मन से मनोवैज्ञानिक डर को खत्म करें, और इसके लिए कोर्ट के पारंपरिक कामकाज में कुछ बदलाव किए जाएं। उन्होंने पूछा कि क्या फ़ैमिली कोर्ट में ये काले चोगे होने चाहिए?

CJI ने कहा कि जब हम फ़ैमिली कोर्ट के लिए एक नई सोच और अवधारणा बना रहे हैं, तो क्या इससे बच्चे के मन में कोई मनोवैज्ञानिक डर पैदा नहीं होगा? उन्होंने सुझाव दिया कि फैमिली कोर्ट में पीठासीन जज और वकील यूनिफॉर्म में नहीं आने चाहिए। जस्टिस सूर्यकांत ने ये बातें दिल्ली के रोहिणी में एक फैमिली कोर्ट की आधारशिला रखने जाने के कार्यक्रम में कहीं।

उन्होंने कहा कि फैमिली कोर्ट में आप सभी के लिए, हमारे पीठासीन अधिकारी कोर्ट की पोशाक में नहीं बैठेंगे। बार के सदस्य भी काले और सफेद चोगे में नहीं आएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी भी पुलिस की वर्दी में नहीं आएंगे, क्योंकि यह पूरा माहौल बच्चों के मन में डर पैदा करता है, खासकर तब जब वे किसी भी व्यवस्था के सबसे ज्यादा पीड़ित होते हैं।

जस्टिस सूर्यकांत ने ये भी कहा…

  • हर कोई कोर्ट आना नहीं चाहता। जब हम सुधारों की बात करते हैं और जब हम फैमिली कोर्ट की अवधारणा को विवादों को सुलझाने के एक मंच के रूप में देखते हैं, तो यह सिविल संपत्ति विवादों जैसा नहीं है।
  • इसका मकसद मानवीय रिश्तों को सुधारना, उन पर विचार करना और उन्हें ठीक करना है। क्या हम इन्हें ‘पारिवारिक समाधान केंद्र’ नहीं कह सकते?
  • फैमिली कोर्ट में अन्य कोर्ट के मुकाबले ज्यादार मुकदमों और विवादों के विपरीत, ये दूर के पक्षों या बेजान संस्थाओं के बीच नहीं होते हैं। ये मामले परिवारों के भीतर से ही उठते हैं।
  • ऐसे व्यक्तियों के बीच, जो कभी एक साझा जीवन में साथी थे, वे माता-पिता, देखभाल करने वालों या एक ही घर के सदस्यों के रूप में आपसी जिम्मेदारियों को साझा करना जारी रख सकते हैं।
  • इसलिए, परिवार न्यायालय के समक्ष आने वाले विवादों के भारी भावनात्मक, सामाजिक और वित्तीय परिणाम होते हैं, जो तात्कालिक कानूनी विवाद से कहीं आगे तक जाते हैं।

कार्यक्रम में दिल्ली सीएम, सुप्रीम कोर्ट के अन्य जज भी शामिल

इस कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस मनमोहन ने कहा कि दिल्ली में, जिला न्यायपालिका को जिन निरंतर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, वे तीन प्रकार की हैं। पहली है बजट, दूसरी है कर्मचारी और तीसरी है जगह। उन्होंने कहा कि जगह का अर्थ है अदालत के कमरे, साथ ही रहने की व्यवस्था (आवासीय आवास) भी।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय ने भी इस कार्यक्रम में अपने विचार रखे।

———–

ये खबर भी पढ़ें…

पीरियड्स में पेड लीव की याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज:CJI बोले– कानून बनाया तो महिलाओं को कोई काम नहीं देगा, उनका करियर खत्म हो जाएगा

सुप्रीम कोर्ट में 13 मार्च को देशभर में महिला छात्रों और कामकाजी महिलाओं को पीरियड्स में पेड लीव देने की मांग वाली याचिका खारिज हो गई। CJI सूर्यकांत ने कहा कि ऐसी याचिकाएं अनजाने में महिलाओं के बारे में बनी रूढ़ियों को और मजबूत कर सकती हैं। यह कानून बनाया तो महिलाओं को कोई काम नहीं देगा, उनका करियर खत्म हो जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.