Saturday, 01 Aug 2026 | 05:44 AM

Trending :

EXCLUSIVE

हाईकोर्ट ने रेप केस में वॉइस सैंपल जांच सही ठहराई:निष्पक्ष ट्रायल के लिए इसे जरूरी बताया, पीड़िता की याचिका खारिज

हाईकोर्ट ने रेप केस में वॉइस सैंपल जांच सही ठहराई:निष्पक्ष ट्रायल के लिए इसे जरूरी बताया, पीड़िता की याचिका खारिज

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने बलात्कार और एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामले में कॉल रिकॉर्डिंग और वॉइस सैंपल की एफएसएल जांच को सही ठहराया है। कोर्ट ने पीड़िता की याचिका खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। ट्रायल कोर्ट ने 1 मई 2024 को दी थी अनुमति
ग्वालियर के विशेष न्यायाधीश (अत्याचार) ने 1 मई 2024 को आरोपी के आवेदन पर पेन ड्राइव में मौजूद कॉल रिकॉर्डिंग की जांच और आरोपी व पीड़िता के वॉइस सैंपल की एफएसएल जांच की अनुमति दी थी। निष्पक्ष सुनवाई के लिए साक्ष्य का अधिकार जरूरी
जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के की एकलपीठ ने कहा कि निष्पक्ष सुनवाई के लिए आरोपी को अपने बचाव में साक्ष्य प्रस्तुत करने का अधिकार है। केवल ट्रायल शुरू होने के आधार पर जांच से इनकार नहीं किया जा सकता। पीड़िता ने जांच को बताया अनावश्यक देरी
पीड़िता की ओर से कहा गया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और बयान दर्ज हो चुके हैं। ऐसे में वॉइस सैंपल जांच की अनुमति ट्रायल को अनावश्यक रूप से लंबा करने का प्रयास है।
याचिका में कहा गया कि आरोपी का आवेदन स्पष्ट नहीं है। कॉल रिकॉर्डिंग की तारीख, समय और उसकी प्रामाणिकता का उल्लेख नहीं किया गया, इसलिए जांच की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
टीएमसी को नेतृत्व संकट का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि कल्याण बनर्जी मांग कर रहे हैं कि ममता उनमें और अभिषेक में से किसी एक को चुनें

June 11, 2026/
6:39 pm

तृणमूल कांग्रेस गहरे नेतृत्व संकट का सामना कर रही है क्योंकि कल्याण बनर्जी कथित तौर पर मांग कर रहे हैं...

बंगाल चुनाव 2026: असम, पुडुचेरी जीतेंगे और बंगाल में बदलाव तय, दिलीप घोष का बड़ा बयान

April 9, 2026/
11:51 am

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल के खड़गपुर से भाजपा नेता दिलीप घोष ने दावा किया कि बंगाल सहित...

थिएटर में फिल्म देखने पहुंचे शरवरी और वेदांग रैना:मैं वापस आऊंगा' पर एक्ट्रेस ने लिखा इमोशनल नोट, कहा- दर्शकों ने फिल्म को अपनाया

June 28, 2026/
4:46 pm

फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ सिनेमाघरों में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। हाल ही में फिल्म के मुख्य कलाकार शरवरी...

Khabar Hatke- China AI Son | UP Youth Hookah

April 13, 2026/
4:30 am

चीन में एक बूढ़ी मां के लिए उसके मृतक बेटे का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वर्जन तैयार किया गया है। वहीं,...

Jasmine Sandlas Dehradun Show Controversy

July 20, 2026/
1:50 pm

पंजाबी सिंगर जैस्मिन सैंडलस का 17 जुलाई को देहरादून में हुआ था LIVE शो। देहरादून में 17 जुलाई को हुए...

2 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जली:उमरिया में टूटी 11 केवी लाइन से भड़की आग, ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड ने पाया काबू

April 12, 2026/
5:38 pm

उमरिया जिले की चंदिया तहसील के मझगंवा गांव में गेहूं के खेत में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया।...

MP के कॉलेजों पर सवा करोड़ से ज्यादा बकाया:उच्च शिक्षा विभाग ने मार्च तक का दिया समय, बिजली-जलकर का करना होगा पेमेंट

March 25, 2026/
9:59 am

मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों पर लंबित बिजली बिल और जलकर वसूली को लेकर सख्ती बढ़ा दी है।...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

हाईकोर्ट ने रेप केस में वॉइस सैंपल जांच सही ठहराई:निष्पक्ष ट्रायल के लिए इसे जरूरी बताया, पीड़िता की याचिका खारिज

हाईकोर्ट ने रेप केस में वॉइस सैंपल जांच सही ठहराई:निष्पक्ष ट्रायल के लिए इसे जरूरी बताया, पीड़िता की याचिका खारिज

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने बलात्कार और एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामले में कॉल रिकॉर्डिंग और वॉइस सैंपल की एफएसएल जांच को सही ठहराया है। कोर्ट ने पीड़िता की याचिका खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। ट्रायल कोर्ट ने 1 मई 2024 को दी थी अनुमति
ग्वालियर के विशेष न्यायाधीश (अत्याचार) ने 1 मई 2024 को आरोपी के आवेदन पर पेन ड्राइव में मौजूद कॉल रिकॉर्डिंग की जांच और आरोपी व पीड़िता के वॉइस सैंपल की एफएसएल जांच की अनुमति दी थी। निष्पक्ष सुनवाई के लिए साक्ष्य का अधिकार जरूरी
जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के की एकलपीठ ने कहा कि निष्पक्ष सुनवाई के लिए आरोपी को अपने बचाव में साक्ष्य प्रस्तुत करने का अधिकार है। केवल ट्रायल शुरू होने के आधार पर जांच से इनकार नहीं किया जा सकता। पीड़िता ने जांच को बताया अनावश्यक देरी
पीड़िता की ओर से कहा गया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और बयान दर्ज हो चुके हैं। ऐसे में वॉइस सैंपल जांच की अनुमति ट्रायल को अनावश्यक रूप से लंबा करने का प्रयास है।
याचिका में कहा गया कि आरोपी का आवेदन स्पष्ट नहीं है। कॉल रिकॉर्डिंग की तारीख, समय और उसकी प्रामाणिकता का उल्लेख नहीं किया गया, इसलिए जांच की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.