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वर्ल्ड अपडेट्स:लंदन में 2 भारतीयों ने सड़क पर पान थूका, डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना लगा

वर्ल्ड अपडेट्स:लंदन में 2 भारतीयों ने सड़क पर पान थूका, डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना लगा

लंदन के ब्रेंट इलाके में सार्वजनिक जगह पर पान थूकने के मामले में भारतीय मूल के दो लोगों पर 1,391 पाउंड (करीब 1.45 लाख रुपये) का जुर्माना लगाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों लोगों को पहले मौके पर ही 100 पाउंड का जुर्माना भरने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने इसे नहीं भरा। इसके बाद मामला कोर्ट पहुंच गया और जुर्माना कई गुना बढ़ गया। ब्रेंट सिटी काउंसिल ने पान थूकने के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि इससे सार्वजनिक जगहें गंदी होती हैं और सफाई पर काफी खर्च बढ़ जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, काउंसिल को हर साल करीब 30,000 पाउंड (लगभग 30 लाख रुपये) सिर्फ पान के दाग साफ करने में खर्च करने पड़ते हैं। पहला मामला एडगवेयर इलाके के रहने वाले अक्षीतकुमार भद्रे पटेल का है। उन्होंने जून 2025 में किंग्सबरी रोड पर एक मेट्रो स्टेशन के पास पान थूका था। वे कोर्ट में पेश नहीं हुए, इसलिए उनके खिलाफ फैसला उनकी गैरमौजूदगी में ही सुनाया गया। समय पर जुर्माना न भरने के कारण उनकी रकम 10 गुना से ज्यादा बढ़ गई। दूसरा मामला रुइसलिप इलाके के रहने वाले हितेश पटेल का है। उन्होंने वेम्बली हिल रोड पर पान थूका था। वे भी कोर्ट में पेश नहीं हुए और उनके खिलाफ भी गैरहाजिरी में ही फैसला हुआ, जिससे उन पर भी भारी जुर्माना लगा। उत्तर-पश्चिम लंदन के ब्रेंट और आसपास के इलाकों में पान थूकने की समस्या बढ़ रही है, जिस पर स्थानीय प्रशासन सख्त हो गया है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, पान के दाग हटाना मुश्किल और महंगा होता है, इसके लिए खास तरीके से सफाई करनी पड़ती है। काउंसिल ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है। इसके तहत जगह-जगह चेतावनी वाले बैनर लगाए जा रहे हैं, अधिकारी गश्त कर रहे हैं और मौके पर ही 100 पाउंड तक का जुर्माना लगाया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… कनाडा पुलिस बोली- भारत से जुड़े अपराध का कोई सबूत नहीं, ट्रूडो सरकार के दावे से पलटे कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने कहा है कि भारत सरकार से जुड़े किसी एजेंट से कनाडा के लोगों को फिलहाल कोई खतरा नहीं है। RCMP के कमिश्नर माइक डुहेम ने गुरुवार को CTV को दिए इंटरव्यू में कहा कि मौजूदा जांच में किसी विदेशी सरकार से सीधा संबंध साबित नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा, “2024 में मैंने जो कहा था, वह उस समय की जांच पर आधारित था। लेकिन अब जो हम देख रहे हैं, उसमें हर मामले को किसी विदेशी संस्था से जोड़ना संभव नहीं है।” यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के भारत दौरे के बाद दोनों देशों के रिश्तों में सुधार देखा जा रहा है। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने एनआईए द्वारा घोषित आतंकी हरदीप निज्जर की हत्या को भारत से जोड़कर आरोप लगाए थे, जिससे दोनों देशों के संबंध खराब हो गए थे। साल 2023 में पैदा हुए तनाव के बाद भारत और कनाडा अपने रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं, और हालिया कूटनीतिक प्रयासों से इसमें सुधार भी दिख रहा है। ट्रम्प ने जापानी पीएम की मौजूदगी में कहा- हमें भी पर्ल हार्बर हमले की जानकारी नहीं थी, वैसा ही हमने ईरान में किया अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने गुरुवार को जापान की प्रधानमंत्री को उस समय चौंका दिया, जब उन्होंने 1941 में हुए पर्ल हार्बर हमले का जिक्र कर दिया। ट्रम्प ने यह बात हल्के अंदाज में कही, लेकिन यह टिप्पणी जापान के लिए असहज करने वाली मानी जा रही है। ट्रम्प ने PM साने ताकाइची के साथ एक बैठक के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। तब उनसे एक रिपोर्टर ने पूछा- अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला करने से पहले अपने सहयोगियों को क्यों नहीं बताया। इस पर ट्रम्प ने कहा, “हमने किसी को नहीं बताया क्योंकि हम सरप्राइज देना चाहते थे। सरप्राइज के बारे में जापान से बेहतर कौन जानता है?” उन्होंने एक जापानी पत्रकार से मजाकिया लहजे में कहा, “तुमने मुझे पर्ल हार्बर के बारे में क्यों नहीं बताया?” ताकाइची, जो ट्रांसलेटर के जरिए बात समझ रही थीं, उन्होंने कुछ नहीं कहा, लेकिन ऐसा लगा कि वह यह सुनकर असहज हो गई थीं। दरअसल, 7 दिसंबर 1941 को जापान ने अमेरिका के हवाई स्थित पर्ल हार्बर सैन्य अड्डे पर अचानक हमला किया था। इस हमले में 2400 से ज्यादा अमेरिकी मारे गए थे। इसके बाद अमेरिका द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल हो गया था। नेपाल में बालेन शाह 27 मार्च को PM पद की शपथ ले सकते हैं, एक दिन पहले सांसदों का शपथ ग्रहण समारोह नेपाल में बड़ा राजनीतिक बदलाव होने जा रहा है। हाल ही में हुए संसदीय चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) की बंपर जीत के बाद अब बालेंद्र (बालेन) शाह 27 मार्च को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारी में हैं। RSP ने 23 फरवरी को हुए चुनाव में 275 में से 182 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। इससे साफ हो गया है कि बालेन शाह के नेतृत्व में एक ही पार्टी की सरकार बनेगी। चुनाव से पहले ही पार्टी ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया था और अब सरकार बनाने की तैयारियां आखिरी चरण में हैं। सांसदों का शपथ ग्रहण 26 मार्च को दोपहर 2 बजे होगा। इससे पहले उसी दिन सुबह 11:30 बजे सबसे वरिष्ठ सांसद को शपथ दिलाई जाएगी। 78 साल के अर्जुन नरसिंह केसी सबसे उम्रदराज चुने गए सांसद हैं, जो पहले खुद राष्ट्रपति से शपथ लेंगे और फिर बाकी सांसदों को शपथ दिलाएंगे।

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लंदन के ब्रेंट इलाके में सार्वजनिक जगह पर पान थूकने के मामले में भारतीय मूल के दो लोगों पर 1,391 पाउंड (करीब 1.45 लाख रुपये) का जुर्माना लगाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों लोगों को पहले मौके पर ही 100 पाउंड का जुर्माना भरने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने इसे नहीं भरा। इसके बाद मामला कोर्ट पहुंच गया और जुर्माना कई गुना बढ़ गया। ब्रेंट सिटी काउंसिल ने पान थूकने के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि इससे सार्वजनिक जगहें गंदी होती हैं और सफाई पर काफी खर्च बढ़ जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, काउंसिल को हर साल करीब 30,000 पाउंड (लगभग 30 लाख रुपये) सिर्फ पान के दाग साफ करने में खर्च करने पड़ते हैं। पहला मामला एडगवेयर इलाके के रहने वाले अक्षीतकुमार भद्रे पटेल का है। उन्होंने जून 2025 में किंग्सबरी रोड पर एक मेट्रो स्टेशन के पास पान थूका था। वे कोर्ट में पेश नहीं हुए, इसलिए उनके खिलाफ फैसला उनकी गैरमौजूदगी में ही सुनाया गया। समय पर जुर्माना न भरने के कारण उनकी रकम 10 गुना से ज्यादा बढ़ गई। दूसरा मामला रुइसलिप इलाके के रहने वाले हितेश पटेल का है। उन्होंने वेम्बली हिल रोड पर पान थूका था। वे भी कोर्ट में पेश नहीं हुए और उनके खिलाफ भी गैरहाजिरी में ही फैसला हुआ, जिससे उन पर भी भारी जुर्माना लगा। उत्तर-पश्चिम लंदन के ब्रेंट और आसपास के इलाकों में पान थूकने की समस्या बढ़ रही है, जिस पर स्थानीय प्रशासन सख्त हो गया है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, पान के दाग हटाना मुश्किल और महंगा होता है, इसके लिए खास तरीके से सफाई करनी पड़ती है। काउंसिल ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है। इसके तहत जगह-जगह चेतावनी वाले बैनर लगाए जा रहे हैं, अधिकारी गश्त कर रहे हैं और मौके पर ही 100 पाउंड तक का जुर्माना लगाया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… कनाडा पुलिस बोली- भारत से जुड़े अपराध का कोई सबूत नहीं, ट्रूडो सरकार के दावे से पलटे कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) ने कहा है कि भारत सरकार से जुड़े किसी एजेंट से कनाडा के लोगों को फिलहाल कोई खतरा नहीं है। RCMP के कमिश्नर माइक डुहेम ने गुरुवार को CTV को दिए इंटरव्यू में कहा कि मौजूदा जांच में किसी विदेशी सरकार से सीधा संबंध साबित नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा, “2024 में मैंने जो कहा था, वह उस समय की जांच पर आधारित था। लेकिन अब जो हम देख रहे हैं, उसमें हर मामले को किसी विदेशी संस्था से जोड़ना संभव नहीं है।” यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के भारत दौरे के बाद दोनों देशों के रिश्तों में सुधार देखा जा रहा है। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने एनआईए द्वारा घोषित आतंकी हरदीप निज्जर की हत्या को भारत से जोड़कर आरोप लगाए थे, जिससे दोनों देशों के संबंध खराब हो गए थे। साल 2023 में पैदा हुए तनाव के बाद भारत और कनाडा अपने रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं, और हालिया कूटनीतिक प्रयासों से इसमें सुधार भी दिख रहा है। ट्रम्प ने जापानी पीएम की मौजूदगी में कहा- हमें भी पर्ल हार्बर हमले की जानकारी नहीं थी, वैसा ही हमने ईरान में किया अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने गुरुवार को जापान की प्रधानमंत्री को उस समय चौंका दिया, जब उन्होंने 1941 में हुए पर्ल हार्बर हमले का जिक्र कर दिया। ट्रम्प ने यह बात हल्के अंदाज में कही, लेकिन यह टिप्पणी जापान के लिए असहज करने वाली मानी जा रही है। ट्रम्प ने PM साने ताकाइची के साथ एक बैठक के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। तब उनसे एक रिपोर्टर ने पूछा- अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला करने से पहले अपने सहयोगियों को क्यों नहीं बताया। इस पर ट्रम्प ने कहा, “हमने किसी को नहीं बताया क्योंकि हम सरप्राइज देना चाहते थे। सरप्राइज के बारे में जापान से बेहतर कौन जानता है?” उन्होंने एक जापानी पत्रकार से मजाकिया लहजे में कहा, “तुमने मुझे पर्ल हार्बर के बारे में क्यों नहीं बताया?” ताकाइची, जो ट्रांसलेटर के जरिए बात समझ रही थीं, उन्होंने कुछ नहीं कहा, लेकिन ऐसा लगा कि वह यह सुनकर असहज हो गई थीं। दरअसल, 7 दिसंबर 1941 को जापान ने अमेरिका के हवाई स्थित पर्ल हार्बर सैन्य अड्डे पर अचानक हमला किया था। इस हमले में 2400 से ज्यादा अमेरिकी मारे गए थे। इसके बाद अमेरिका द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल हो गया था। नेपाल में बालेन शाह 27 मार्च को PM पद की शपथ ले सकते हैं, एक दिन पहले सांसदों का शपथ ग्रहण समारोह नेपाल में बड़ा राजनीतिक बदलाव होने जा रहा है। हाल ही में हुए संसदीय चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) की बंपर जीत के बाद अब बालेंद्र (बालेन) शाह 27 मार्च को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारी में हैं। RSP ने 23 फरवरी को हुए चुनाव में 275 में से 182 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। इससे साफ हो गया है कि बालेन शाह के नेतृत्व में एक ही पार्टी की सरकार बनेगी। चुनाव से पहले ही पार्टी ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया था और अब सरकार बनाने की तैयारियां आखिरी चरण में हैं। सांसदों का शपथ ग्रहण 26 मार्च को दोपहर 2 बजे होगा। इससे पहले उसी दिन सुबह 11:30 बजे सबसे वरिष्ठ सांसद को शपथ दिलाई जाएगी। 78 साल के अर्जुन नरसिंह केसी सबसे उम्रदराज चुने गए सांसद हैं, जो पहले खुद राष्ट्रपति से शपथ लेंगे और फिर बाकी सांसदों को शपथ दिलाएंगे।

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