Saturday, 23 May 2026 | 09:28 PM

Trending :

EXCLUSIVE

स्ट्रोक के लक्षणों को न करें नजरअंदाज, ‘बचाव’ फॉर्मूला से बनेगी बात

authorimg

स्ट्रोक या ब्रेन अटैक एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है. यह तब होता है जब मस्तिष्क तक खून पहुंचने में रुकावट आ जाती है, जिससे मस्तिष्क की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं. ऐसे में हर मिनट मायने रखता है, क्योंकि जितनी जल्दी इलाज मिले, उतनी बेहतर रिकवरी की संभावना होती है.

नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) स्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह देता है, क्योंकि समय पर पहचान और त्वरित कार्रवाई से जान बचाई जा सकती है. ऐसे में एनएचएम आसान और कारगर बचाव फॉर्मूला के बारे में जानकारी देता है. स्ट्रोक के मुख्य लक्षणों को याद रखने का सबसे आसान तरीका है ‘बचाव’.

स्ट्रोक में देरी मतलब मस्तिष्क में स्थायी नुकसान है. इसके लिए तुरंत अस्पताल पहुंचने से क्लॉट-बस्टिंग दवाएं या अन्य इलाज दिए जा सकते हैं, जो रिकवरी में मदद करते हैं. स्ट्रोक से बचाव के लिए ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखें, धूम्रपान-शराब छोड़ें, नियमित व्यायाम करें और संतुलित आहार लें. वहीं, ‘बचाव’ फॉर्मूला लक्षणों को आसानी से समझाता है-

ब मतलब बाजू (बाहों में कमजोरी): व्यक्ति से दोनों बाहें ऊपर उठाने को कहें. अगर एक बाजू नीचे गिर जाए या कमजोर लगे, तो यह स्ट्रोक का संकेत है.

च मतलब चेहरा (चेहरा असमान): मुस्कुराने को कहें. अगर चेहरे का एक हिस्सा लटक जाए या असमान दिखे, तो ध्यान दें.

आ मतलब आवाज (बोलने में कठिनाई): व्यक्ति से कोई सरल वाक्य बोलने या दोहराने को कहें. अगर आवाज अस्पष्ट, तुतलाती हो या बोलना मुश्किल हो, तो यह बड़ा खतरा है.

व मतलब वक्त (समय): ऊपर के कोई भी लक्षण दिखें तो तुरंत समय बर्बाद न करें. 108 पर कॉल करें, एम्बुलेंस बुलाएं और नजदीकी अस्पताल (जहां सीटी स्कैन उपलब्ध हो, जैसे जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज) पहुंचें.

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, ये लक्षण अचानक दिखते हैं और ज्यादातर शरीर के एक तरफ प्रभावित होते हैं. अन्य संकेतों में अचानक संतुलन बिगड़ना, आंखों में धुंधलापन या गंभीर सिरदर्द शामिल हो सकता है.

स्ट्रोक को ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है, क्योंकि कभी-कभी बिना चेतावनी के आ जाता है, लेकिन ‘बचाव’ फॉर्मूला से 90 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में जल्दी पहचान संभव है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
रायसेन कलेक्टर का औचक निरीक्षण, गेहूं खरीदी व्यवस्थाओं पर सख्ती:किसानों से लिया फीडबैक; लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए

April 10, 2026/
3:05 pm

रायसेन कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने शुक्रवार को सांची विकासखंड के बरखेड़ी सलामतपुर स्थित शाहीन वेयरहाउस गेहूं उपार्जन केंद्र का...

हिमाचल में आज और कल सताएगी गर्मी:3 शहरों का पारा 35°C पार, मैदानों के साथ ऊंचे पहाड़ भी तपने लगे, 25 अप्रैल को बारिश

April 23, 2026/
5:30 am

हिमाचल प्रदेश में आज सुबह से ही तेज धूप खिली हुई है। राज्य में आज व कल गर्मी को प्रकोप...

authorimg

April 2, 2026/
8:11 am

Last Updated:April 02, 2026, 08:11 IST World Autism Awareness Day 2026: ऑटिज्म एक न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर है, जो छोटे बच्चों को...

नीतीश से मिले तेजस्वी के बागी विधायक:इस्तीफे के बाद भी CM को मिलेगी Z+ सिक्योरिटी; 14 अप्रैल के बाद बन सकती है नई सरकार

April 2, 2026/
9:14 am

बिहार की सियासत में जल्द ही बड़ा उलटफेर होने वाला है। सूत्रों के अनुसार, सीएम नीतीश 10 अप्रैल को राज्यसभा...

राजनीति

स्ट्रोक के लक्षणों को न करें नजरअंदाज, ‘बचाव’ फॉर्मूला से बनेगी बात

authorimg

स्ट्रोक या ब्रेन अटैक एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है. यह तब होता है जब मस्तिष्क तक खून पहुंचने में रुकावट आ जाती है, जिससे मस्तिष्क की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं. ऐसे में हर मिनट मायने रखता है, क्योंकि जितनी जल्दी इलाज मिले, उतनी बेहतर रिकवरी की संभावना होती है.

नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) स्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह देता है, क्योंकि समय पर पहचान और त्वरित कार्रवाई से जान बचाई जा सकती है. ऐसे में एनएचएम आसान और कारगर बचाव फॉर्मूला के बारे में जानकारी देता है. स्ट्रोक के मुख्य लक्षणों को याद रखने का सबसे आसान तरीका है ‘बचाव’.

स्ट्रोक में देरी मतलब मस्तिष्क में स्थायी नुकसान है. इसके लिए तुरंत अस्पताल पहुंचने से क्लॉट-बस्टिंग दवाएं या अन्य इलाज दिए जा सकते हैं, जो रिकवरी में मदद करते हैं. स्ट्रोक से बचाव के लिए ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखें, धूम्रपान-शराब छोड़ें, नियमित व्यायाम करें और संतुलित आहार लें. वहीं, ‘बचाव’ फॉर्मूला लक्षणों को आसानी से समझाता है-

ब मतलब बाजू (बाहों में कमजोरी): व्यक्ति से दोनों बाहें ऊपर उठाने को कहें. अगर एक बाजू नीचे गिर जाए या कमजोर लगे, तो यह स्ट्रोक का संकेत है.

च मतलब चेहरा (चेहरा असमान): मुस्कुराने को कहें. अगर चेहरे का एक हिस्सा लटक जाए या असमान दिखे, तो ध्यान दें.

आ मतलब आवाज (बोलने में कठिनाई): व्यक्ति से कोई सरल वाक्य बोलने या दोहराने को कहें. अगर आवाज अस्पष्ट, तुतलाती हो या बोलना मुश्किल हो, तो यह बड़ा खतरा है.

व मतलब वक्त (समय): ऊपर के कोई भी लक्षण दिखें तो तुरंत समय बर्बाद न करें. 108 पर कॉल करें, एम्बुलेंस बुलाएं और नजदीकी अस्पताल (जहां सीटी स्कैन उपलब्ध हो, जैसे जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज) पहुंचें.

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, ये लक्षण अचानक दिखते हैं और ज्यादातर शरीर के एक तरफ प्रभावित होते हैं. अन्य संकेतों में अचानक संतुलन बिगड़ना, आंखों में धुंधलापन या गंभीर सिरदर्द शामिल हो सकता है.

स्ट्रोक को ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है, क्योंकि कभी-कभी बिना चेतावनी के आ जाता है, लेकिन ‘बचाव’ फॉर्मूला से 90 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में जल्दी पहचान संभव है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.