पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में अगले कुछ दिनों में वोट खराब है। इस बीच इलेक्शन कमीशन का एक पुराना लेटर वायरल हो रहा है, जिस पर केरल बीजेपी की धूम मची है, जिसके बाद सारथी में मोटरसाइकल गरमा गया है। इस पत्र को सबसे पहले सीपीआईएम केरल ने शेयर कर आयोग के सचिवालय पर साझा किया था, उसके बाद पूरे नामांकन ने ही चुनाव आयोग के सहयोगियों पर प्रश्नचिह्न लगाया। विवाद बढ़ा देख अब चुनाव आयोग की ओर से राइटर लेकर सफाई दी गई है।
क्या भाजपा ने सारे दिखावे छोड़ दिये हैं?
यह कोई रहस्य नहीं है कि एक ही सत्ता केंद्र भारत के चुनाव आयोग और भाजपा दोनों को नियंत्रित करता है। फिर भी कम से कम दो अलग-अलग डेस्कों का शिष्टाचार तो बनाए रखें।
अब तो वह भी अनावश्यक लगता है.
मुहरें लापरवाही से लगाई जा रही हैं… pic.twitter.com/MfMXNaXTgk
– सीपीआई (एम) केरल (@CPIMKerala) 23 मार्च 2026
सीपीआईएम ने सोशल मीडिया पर एक डॉक्युमेंट शेयर किया था। इसमें 19 मार्च 2019 को चुनाव आयोग के पत्र के साथ हाफनामे पर केरल बीजेपी की छाप दिखाई दी। सीपीआईएम ने सवाल किया कि अब चुनाव आयोग और बीजेपी एक ही पावर सेंटर से क्या चल रहे हैं? वहीं कांग्रेस ने पूछा कि चुनाव आयोग के पास बीजेपी की ओर से कैसे मतदान किया जाए।
चुनाव आयोग ने यह काम किया
चुनाव आयोग ने कहा, ‘हमें यह जानकारी मिली है कि बीजेपी की छाप लगी है चुनाव आयोग के एक चैनल पर कई मलयालम न्यूज चैनल प्रसारित हो रहे हैं। मुख्य इलेक्ट्रॉनिक्स अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक क्लेरिकल एरर था, जिसे तुरंत पहचान कर सुधार किया गया।’
आधिकारिक स्पष्टीकरण: चुनाव आयोग दस्तावेज़ के ग़लत प्रसार के संबंध में
यह हमारे संज्ञान में आया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मुहर वाला चुनाव आयोग का एक पत्र विभिन्न मलयालम समाचार चैनलों पर प्रसारित किया जा रहा है।…
– मुख्य निर्वाचन अधिकारी केरल (@Ceokerala) 23 मार्च 2026
टीएमसी ने चुनाव आयोग को बीजेपी की ‘बी’ टीम बताया
कांग्रेस नेता पवन चौधरी ने कहा, ‘क्या अबकी बार, मोदी सरकार भी इसी तरह की थी?’ कैथोलिक कांग्रेस (टीएमसी) ने कहा, ‘आधिकारिक तौर पर यह एक तरह से मिल गया है कि चुनाव आयोग की बी-टीम बन गई है।’ अविश्वासी न्यूनाइन मोइत्रा ने कहा, ‘चुनाव आयोग ने पहली बार बीजेपी की मुहर लगाई थी, आधिकारिक पत्र जारी करने का साहसिक कार्य दिखाया गया था। ज्ञानेश कुमार से निवेदन है कि वह बात स्पष्ट करें जो हम सभी पहले से जानते हैं और आगे भी इसी तरह का पत्र जारी करते हैं। लोकतंत्र जिंदाबाद.’
चुनाव आयोग के पदाधिकारियों पर कांग्रेस ने प्रतिबंध प्रश्न
एक्स पर पोस्ट कर कहा गया, ‘चुनाव आयोग की ओर से राजनीतिक आश्रमों को चुनाव आयोग की ओर से भेजे गए पत्र में केरल कांग्रेस बीजेपी की मुहर लगी थी।’ यह कोई ग़लत नहीं, बल्कि एक गंभीर संदेह का विषय है। इससे संबंधित संवैधानिक संस्था की समितियाँ और सामान्यतः गंभीर प्रश्न पूछे जाते हैं। कांग्रेस ने पूछा, चुनाव आयोग का किसी राजनीतिक दल पर आधिकारिक संदेश कैसा लगा? चुनाव आयोग बीजेपी के कठपुतली की तरह व्यवहार क्यों कर रहा है? क्या चुनाव आयोग भारत की जनता को पहचान दिला सकता है?’
𝐀 𝐁𝐉𝐏 𝐬𝐞𝐚𝐥 𝐨𝐧 𝐚𝐧 𝐄𝐥𝐞𝐜𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐂𝐨𝐦𝐦𝐢𝐬𝐬𝐢𝐨𝐧 𝐥𝐞𝐭𝐭𝐞𝐫!
चुनाव आयोग की ओर से राजनीतिक दलों को भेजे गए पत्र में चुनाव आयोग की मुहर की जगह बीजेपी की केरल इकाई की मुहर लगी हुई है.
उसे अंदर डूबने दो।
कोई ग़लती नहीं, लेकिन एक गंभीर ख़तरा… pic.twitter.com/eXSqartMLH
– कांग्रेस (@INCIndia) 23 मार्च 2026
एक अधिकारी को ऑफिस भेज दिया गया
इस मामले में विज्ञप्ति जारी करने के बाद, मुख्य अधिकारी के कार्यालय में, इस मामले से जुड़े विभागीय अधिकारी की जांच के लिए अपार्टमेंट में बिस्तर तक रखा गया है। केरल के मुख्य इलेक्ट्रॉनिक्स अधिकारी कार्यालय ने कहा, ‘यह पूरी तरह से एक क्लेरिकल एरर था। केरल बीजेपी ने हाल ही में एक पुरानी कॉमर्स की कॉपी जमा की थी, जिस पर उनकी मुहर लगी थी। इसी कॉपी को अन्य सॉफ्टवेयर से भेज दिया गया।’
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