मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों पर लंबित बिजली बिल और जलकर वसूली को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। विभाग ने सभी प्राचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वित्त वर्ष समाप्त होने से पहले बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। 333 कॉलेजों पर करोड़ों का बकाया प्रदेश के 333 कॉलेजों पर बिजली और जलकर का सवा करोड़ रुपए से अधिक बकाया है। विभाग ने इसे गंभीर मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कुछ महीने पहले एमपी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने करीब 1.33 करोड़ रुपए की रिकवरी सूची जारी की थी। अब तक इसका पूरा भुगतान नहीं हो सका है। भुगतान के लिए बजट उपलब्ध, फिर भी देरी विभाग के अनुसार इन मदों के भुगतान के लिए ग्लोबल बजट उपलब्ध है, इसके बावजूद संस्थानों द्वारा भुगतान लंबित रखा गया है। स्कूल, पॉलिटेक्निक और विश्वविद्यालय भी शामिल रिकवरी सूची में कॉलेजों के साथ स्कूल, पॉलिटेक्निक और विश्वविद्यालय भी शामिल हैं। विभिन्न विभागों के नाम से दर्ज मीटरों पर बकाया सामने आया है। जलकर भुगतान भी समय पर नहीं नगर निगम और नगर पालिकाओं के जलकर का भुगतान भी समय पर नहीं किया जा रहा है, जिससे हजारों रुपए की देनदारी बढ़ गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि मार्च माह के भीतर बिजली बिल और जलकर सहित सभी बकाया राशि का भुगतान अनिवार्य रूप से किया जाए। बिजली दरों की भी जानकारी जारी विभाग के अनुसार 10 किलोवॉट तक के कनेक्शन पर 162 फिक्स चार्ज और 6.70 रुपए प्रति यूनिट, जबकि 10 किलोवॉट से अधिक पर 281 रुपए फिक्स चार्ज और 6.90 रुपए प्रति यूनिट दर लागू है।














































