रायसेन में मैरिज गार्डन संचालकों और व्यापारियों ने मंगलवार को बढ़ते संपत्ति कर के विरोध में कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा उन्होंने (एडीएम) मनोज उपाध्याय के सामने अपनी समस्या रखी। संपत्ति कर में हर साल होने वाली वृद्धि और खुली भूमि पर भी टैक्स लगाए जाने पर आपत्ति जताई। शगुन गार्डन के संचालक दिनेश अग्रवाल ने बताया कि नगर पालिका द्वारा हर वर्ष संपत्ति कर बढ़ाया जा रहा है, जिससे व्यवसाय चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि गार्डन की खुली भूमि पर भी संपत्ति कर वसूला जा रहा है, जबकि इस जमीन का टैक्स वे पहले से ही एसडीएम कार्यालय में जमा करते हैं। इससे दोहरी कर प्रणाली लागू हो रही है। संचालकों ने मांग की कि संपत्ति कर का निर्धारण हर साल करने के बजाय तीन वर्ष में एक बार किया जाए। इसके साथ ही, पक्के भवनों पर भी कर दर में हर वर्ष अधिक वृद्धि न की जाए, क्योंकि वर्तमान आर्थिक स्थिति में इतनी बढ़ोतरी देना संभव नहीं है। विचार कर राहत देने की मांग की
ज्ञापन में बताया गया कि रायसेन जिला मुख्यालय होने के बावजूद यहां की जनसंख्या और व्यापार सीमित है। इन चुनौतियों के बावजूद, गार्डन संचालक सामाजिक दायित्व निभाते हुए कई कार्यक्रमों के लिए निशुल्क परिसर उपलब्ध कराते हैं और जरूरतमंदों की मदद भी करते हैं। संचालकों ने प्रशासन से सहानुभूतिपूर्वक विचार कर राहत देने की मांग की। इस पर एडीएम मनोज उपाध्याय ने नगर पालिका की प्रभारी सीएमओ को आवश्यक निर्देश दिए हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में मां भगवती पैलेस (प्रमोद कांकर), शगुन गार्डन (दिनेश अग्रवाल), होटल अमोघ (धर्मेंद्र कुशवाहा), राम अयोध्या गार्डन (गणेश कुशवाह), यशवंत गार्डन (लोकनाथ सिंह), गौरव गार्डन (राजू चौबे), बंधन गार्डन (सादिक खान), रॉयल गार्डन (शोहेब खान), जे.डी. पैलेस (योगेश उपाध्याय), कुंज बिहारी पैलेस, प्रेसिडेंसी कॉलेज (संजय गोहिल) सहित अन्य संचालक शामिल हैं।













































