Friday, 09 Oct 2026 | 01:53 PM

Trending :

जस्टिस नागरत्ना बोलीं- चुनाव आयोग को स्वतंत्र रहना चाहिए:कोई भी राजनीतिक प्रभाव न हो; 2027 में चीफ जस्टिस बन सकती हैं

जस्टिस नागरत्ना बोलीं- चुनाव आयोग को स्वतंत्र रहना चाहिए:कोई भी राजनीतिक प्रभाव न हो; 2027 में चीफ जस्टिस बन सकती हैं

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागरत्ना ने शनिवार को कहा कि चुनाव आयोग को पूरी तरह स्वतंत्र रहना चाहिए और उस पर किसी भी तरह का राजनीतिक प्रभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरे संवैधानिक संस्थाओं को भी अपनी गरिमा बनाकर रखनी चाहिए। उन्होंने पटना की चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में ‘कॉन्स्टीट्यूशनलिज्म बियॉन्ड राइट्स: व्हाई स्ट्रक्चर मैटर्स’ पर बात की। जस्टिस नागरत्ना ने कहा- यदि संवैधानिक ढांचा धीरे-धीरे कमजोर होता है, तो इससे संवैधानिक ब्रेकडाउन की स्थिति पैदा हो सकती है, भले ही अधिकार औपचारिक रूप से मौजूद रहें। जस्टिस नागरत्ना सितंबर 2027 में सीनियरिटी के आधार पर देश की चीफ जस्टिस बन सकती हैं। जस्टिस नागरत्ना बोलीं- संस्थान एक-दूसरे की जांच करें जस्टिस बीवी नागरत्ना ने आगे कहा कि जब संस्थाएं एक-दूसरे की जांच और निगरानी करना बंद कर देती हैं, तभी असली समस्या शुरू होती है। चुनाव आयोग, कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया (CAG) और वित्त आयोग जैसी संस्थाएं निष्पक्ष व्यवस्था बनाए रखने में जरूरी भूमिका निभाती हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर कहा कि हमारे लोकतंत्र में समय पर चुनाव होने से सरकारें सही तरीके से बदलती रहती हैं। इस प्रक्रिया पर नियंत्रण का मतलब राजनीतिक मुकाबले के नियमों को अपने हाथ में लेना है। 2 अप्रैल: बंगाल में चुनाव अधिकारियों को बंधक बनाया, सुप्रीम कोर्ट नाराज इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और उसके अधिकारियों के संबंध में टिप्पणी की थी। दरअसल गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में SIR से जुड़े 7 इलेक्शन ऑब्जर्वर को बंधक बना लिया गया था। इस घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था- उन्हें नौ घंटे बंधक बनाकर रखा। खाना-पानी तक नहीं मिला। यह घटना सोची-समझी और भड़काऊ लगती है। हमें पता है उपद्रवी कौन हैं, इनका मकसद न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराना और चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना है। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था ढह गई है। बेंच ने राज्य के गृह सचिव, डीजीपी और अन्य अधिकारियों से उनकी निष्क्रियता पर जवाब मांगा। CEC ज्ञानेश कुमार ने मामले की जांच NIA को सौंप दी। NIA टीम शुक्रवार को पश्चिम बंगाल पहुंचेगी। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… केरलम में 339 करोड़पति कैंडिडेट, 38% पर क्रिमिनल केस, 5 साल में 48% बढ़े करोड़पति उम्मीदवार केरलम विधानसभा चुनाव में 38% उम्मीदवारों पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। इनमें सबसे ज्यादा 72 उम्मीदवार कांग्रेस से हैं। BJP के 59 और CPI(M) के 51 उम्मीदवार हैं। वहीं, 23% पर हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर केस दर्ज हैं। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Palakkad reported a voter turnout of 79.22% this assembly elections.

May 4, 2026/
4:47 pm

आखरी अपडेट:04 मई, 2026, 16:47 IST मतगणना अभी भी जारी है, इन प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजे इन चार मुख्यमंत्रियों...

छवि अपलोड की गई

July 22, 2026/
8:13 pm

ऑनलाइन डेटिंग जोड़ों के लिए संबंध सलाह: आज के डिजिटल दौर में प्यार भी डिजिटल हो गया है। फेसबुक, चैट...

सुकून बेच रहा ट्रैवल सेक्टर, वेलनेस बना प्रीमियम बिजनेस मॉडल:वेलनेस टूरिज्म मार्केट सालाना 7% बढ़ रहा; 5 साल में करीब दोगुना हो जाएगा

May 11, 2026/
12:47 pm

देश में वेलनेस अब सिर्फ लग्जरी या छुट्टियों का हिस्सा नहीं रह गया। लोग इसे सेहत और मानसिक संतुलन में...

प्रसून जोशी बने प्रसार भारती के नए अध्यक्ष:केंद्र सरकार ने की नियुक्ति, रचनात्मक दुनिया के दिग्गज को मिली बड़ी जिम्मेदारी

May 2, 2026/
7:57 pm

केंद्र सरकार ने प्रख्यात गीतकार, लेखक और संचार विशेषज्ञ प्रसून जोशी को प्रसार भारती का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है।...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

जस्टिस नागरत्ना बोलीं- चुनाव आयोग को स्वतंत्र रहना चाहिए:कोई भी राजनीतिक प्रभाव न हो; 2027 में चीफ जस्टिस बन सकती हैं

जस्टिस नागरत्ना बोलीं- चुनाव आयोग को स्वतंत्र रहना चाहिए:कोई भी राजनीतिक प्रभाव न हो; 2027 में चीफ जस्टिस बन सकती हैं

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागरत्ना ने शनिवार को कहा कि चुनाव आयोग को पूरी तरह स्वतंत्र रहना चाहिए और उस पर किसी भी तरह का राजनीतिक प्रभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरे संवैधानिक संस्थाओं को भी अपनी गरिमा बनाकर रखनी चाहिए। उन्होंने पटना की चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में ‘कॉन्स्टीट्यूशनलिज्म बियॉन्ड राइट्स: व्हाई स्ट्रक्चर मैटर्स’ पर बात की। जस्टिस नागरत्ना ने कहा- यदि संवैधानिक ढांचा धीरे-धीरे कमजोर होता है, तो इससे संवैधानिक ब्रेकडाउन की स्थिति पैदा हो सकती है, भले ही अधिकार औपचारिक रूप से मौजूद रहें। जस्टिस नागरत्ना सितंबर 2027 में सीनियरिटी के आधार पर देश की चीफ जस्टिस बन सकती हैं। जस्टिस नागरत्ना बोलीं- संस्थान एक-दूसरे की जांच करें जस्टिस बीवी नागरत्ना ने आगे कहा कि जब संस्थाएं एक-दूसरे की जांच और निगरानी करना बंद कर देती हैं, तभी असली समस्या शुरू होती है। चुनाव आयोग, कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया (CAG) और वित्त आयोग जैसी संस्थाएं निष्पक्ष व्यवस्था बनाए रखने में जरूरी भूमिका निभाती हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर कहा कि हमारे लोकतंत्र में समय पर चुनाव होने से सरकारें सही तरीके से बदलती रहती हैं। इस प्रक्रिया पर नियंत्रण का मतलब राजनीतिक मुकाबले के नियमों को अपने हाथ में लेना है। 2 अप्रैल: बंगाल में चुनाव अधिकारियों को बंधक बनाया, सुप्रीम कोर्ट नाराज इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और उसके अधिकारियों के संबंध में टिप्पणी की थी। दरअसल गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में SIR से जुड़े 7 इलेक्शन ऑब्जर्वर को बंधक बना लिया गया था। इस घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था- उन्हें नौ घंटे बंधक बनाकर रखा। खाना-पानी तक नहीं मिला। यह घटना सोची-समझी और भड़काऊ लगती है। हमें पता है उपद्रवी कौन हैं, इनका मकसद न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराना और चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना है। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था ढह गई है। बेंच ने राज्य के गृह सचिव, डीजीपी और अन्य अधिकारियों से उनकी निष्क्रियता पर जवाब मांगा। CEC ज्ञानेश कुमार ने मामले की जांच NIA को सौंप दी। NIA टीम शुक्रवार को पश्चिम बंगाल पहुंचेगी। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… केरलम में 339 करोड़पति कैंडिडेट, 38% पर क्रिमिनल केस, 5 साल में 48% बढ़े करोड़पति उम्मीदवार केरलम विधानसभा चुनाव में 38% उम्मीदवारों पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। इनमें सबसे ज्यादा 72 उम्मीदवार कांग्रेस से हैं। BJP के 59 और CPI(M) के 51 उम्मीदवार हैं। वहीं, 23% पर हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर केस दर्ज हैं। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.