सागर में इस समय मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। कभी धूप-छांव तो कभी हवा-आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। शनिवार को सुबह से सागर के आसमान में बादलों की आवाजाही रही। शाम को अचानक मौसम बदला और बारिश शुरू हुई। तेज हवा-आंधी के साथ कई इलाकों में ओलावृष्टि हुई। इसके बाद देर रात शहर समेत ग्रामीण इलाकों में हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई। साथ ही कुछ स्थानों पर चना-बेर के आकार के ओले गिरे। बेमौसम बारिश और ओलावृष्ट होने से खेतों में रखी किसानों की गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। शनिवार को सागर का अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री और न्यूनतम पारा 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर मौसम पर देखने को मिल रहा है। बादल, हवा-आंधी और बारिश के साथ ओलावृष्टि का दौर बना हुआ है। रविवार को भी आसमान में बादल छाने की संभावना है। इसके अलावा 7 अप्रैल से एक पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय होगा। इसके असर से 10 अप्रैल तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी और बारिश हो सकती है। उसके बाद सिस्टम लौट जाएगा। जिसके बाद गर्मी का दौर शुरू होगा। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में तेज गर्मी पड़ना शुरू हो सकती है। बारिश और ओले से फसल को नुकसान
सागर में शनिवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। क्योंकि जिले में ज्यादातर किसानों की गेहूं की फसल खेतों में खड़ी और कटी रखी है। अचानक हुई बारिश से फसल भीगी है। इस दौरान जैसीनगर, बंडा, रहली, गौरझामर, देवरी समेत अन्य स्थानों पर बारिश और ओलावृष्टि होने से फसलों को नुकसान बताया जा रहा है।













































