इंदौर में 6 अप्रैल को किसान अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन करेंगे। किसान संगठनों ने अपील जारी करते हुए कहा है कि वर्तमान में कई मुद्दों को लेकर किसान वर्ग परेशान है, जिनका त्वरित निराकरण आवश्यक है। किसानों की मांग है कि गेहूं की पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ दर्ज किए जा रहे प्रकरणों पर तत्काल रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में उन्हें दंडित किया जा रहा है। इसके अलावा, समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी जल्द से जल्द शुरू करने और मंडियों में तौल कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग भी की गई है, ताकि किसानों को उपज बेचने में परेशानी न हो। किसानों का कहना है कि 28 मार्च को अंतिम तारीख मानते हुए लगभग 60 प्रतिशत किसानों को डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया है। उन्होंने मांग की है कि ऋण जमा करने की अंतिम तिथि 15 मई तक बढ़ाई जाए और लगाए गए दंड व ब्याज को माफ किया जाए। किसानों ने भूमि अधिग्रहण योजनाओं में वास्तविक बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।














































