इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में सीएम हेल्पलाइन, राजस्व प्रकरणों और शहरी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। बैठक में फायर सेफ्टी, ट्रैफिक प्रबंधन, बेसमेंट पार्किंग, नागरिक सुविधाएं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि शहर की जी+3 व्यावसायिक इमारतों, जहां अधिक भीड़ रहती है, वहां अनिवार्य रूप से फायर सेफ्टी सिस्टम, उपकरण और नियमित मॉक ड्रिल होना चाहिए। इस संबंध में पूर्व में जारी सार्वजनिक सूचना के तहत 15 दिन की समय-सीमा लगभग पूरी हो चुकी है। निरीक्षण में कमी पाए जाने पर संबंधित इमारतों को सील किया जाएगा और बिल्डिंग बायलॉज के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन द्वारा लगातार निरीक्षण, नोटिस और फायर ड्रिल आयोजित की जा रही हैं। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के लंबित पांच प्रकरणों के आवेदकों को सीधे बुलाकर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। लापरवाही पाए जाने पर नगर निगम अधिकारी वसीम खान पर 5 हजार रुपए, सब इंजीनियर सिद्धार्थ बरावलिया पर 5 हजार रुपए और देपालपुर-बेटमा की मुख्य नगर पालिका अधिकारी रंजना गोयल पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया। निगम अधिकारी मोहित पवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। हातोद क्षेत्र के सीमांकन प्रकरण में गंभीर लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जांच की जिम्मेदारी अपर कलेक्टर नवजीवन पवार को सौंपी गई है।














































