बैतूल में सरकारी गेहूं खरीदी में देरी, ओलावृष्टि से फसल बर्बादी और अन्य समस्याओं से परेशान किसानों के समर्थन में कांग्रेस 9 अप्रैल को जिला मुख्यालय स्थित शिवाजी ऑडिटोरियम में सुबह 11 बजे से धरना-प्रदर्शन करेगी। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर हो रहे इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल होकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। वर्तमान में खरीदी शुरू न होने से किसान अपनी उपज मंडियों में 2000 से 2200 रुपए प्रति क्विंटल के कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं और 31 मार्च की समय सीमा बीतने के बाद जिले के लगभग आधे किसान सहकारी ऋण में डिफाल्टर हो गए हैं। 15 अप्रैल तक बढ़ी खरीदी की तारीख, राजस्थान में खरीदी शुरू कांग्रेस का आरोप है कि हाल ही में हुई ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं, जिससे वे पहले से ही आर्थिक संकट में हैं। गेहूं खरीदी की तारीखों में बार-बार बदलाव ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। पहले 23 मार्च, फिर 1 अप्रैल, 10 अप्रैल और अब 15 अप्रैल तक तारीख बढ़ने से किसानों में भारी असंतोष है। कांग्रेस ने इस बात पर भी जोर दिया कि पड़ोसी राज्य राजस्थान में खरीदी पहले ही शुरू हो चुकी है, जबकि मध्य प्रदेश में देरी हो रही है। कुप्रबंधन का आरोप- डिफाल्टर हुए किसान, खाद की भी कमी कांग्रेस ने सरकार पर कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि सहकारी ऋण की अंतिम तिथि 31 मार्च होने से लगभग आधे किसान डिफाल्टर हो गए हैं। इसके अतिरिक्त, खाद की कमी, मनमाने बिजली बिल, बिजली चोरी के कथित झूठे मामले और नरवाई जलाने पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई जैसे मुद्दों ने भी किसानों की समस्याओं को बढ़ाया है। संगठन महामंत्री ने की ज्यादा से ज्यादा लोगों के शामिल होने की अपील जिला संगठन महामंत्री बृजभूषण पांडे ने बताया कि यह धरना-प्रदर्शन प्रदेश स्तर पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक किसानों को इस आंदोलन में शामिल करें, ताकि उनकी समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके।















































