Friday, 31 Jul 2026 | 08:35 PM

Trending :

जोमैटो-ब्लिंकइट के 1 लाख डिलीवरी पार्टनर्स ने फाइल किया ITR:₹18 करोड़ का इनकम टैक्स रिफंड मिला; 905 शहरों में 73% पहली बार टैक्सपेयर बने जोमैटो-ब्लिंकइट के 1 लाख डिलीवरी पार्टनर्स ने फाइल किया ITR:₹18 करोड़ का इनकम टैक्स रिफंड मिला; 905 शहरों में 73% पहली बार टैक्सपेयर बने RPSC Warning: Legal Action Against Misleading Social Media Posts पाकिस्तान में गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई पर हमला:ल्यारी में अज्ञात हमलावरों ने घर के बाहर गोली मारी, हालत गंभीर मार्सिया का सक्सेस मंत्र; ब्लिस से खड़े किए 5 ब्रांड:1000 करोड़ की मालकिन की सलाह, पहले सर्वाइवल जरूरी, बिजनेस की प्लानिंग बाद में मार्सिया का सक्सेस मंत्र; ब्लिस से खड़े किए 5 ब्रांड:1000 करोड़ की मालकिन की सलाह, पहले सर्वाइवल जरूरी, बिजनेस की प्लानिंग बाद में
EXCLUSIVE

चुनाव बाद 22 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में SIR होगा:39 करोड़ वोटर दायरे में आएंगे, अब तक 12 राज्यों में वेरिफिकेशन पूरा

चुनाव बाद 22 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में SIR होगा:39 करोड़ वोटर दायरे में आएंगे, अब तक 12 राज्यों में वेरिफिकेशन पूरा

पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव के बाद चुनाव आयोग देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तीसरे और अंतिम फेज को लागू करने की तैयारी में है। इसमें दिल्ली सहित 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर किया जाएगा। चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, 29 अप्रैल को मतदान खत्म होने के बाद या नतीजों की घोषणा के बाद SIR की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इस महीने केरल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। इन राज्यों में मतदान 29 अप्रैल तक पूरा होगा, जबकि रिजल्ट 4 मई को आएंगे। दरअसल, चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को पूरे देश में SIR कराने का आदेश दिया था। 19 फरवरी 2026 को आयोग ने तीसरे चरण की तैयारियां जल्द पूरी करने के निर्देश दिए थे। अब तक 60 करोड़ वोटर कवर, 39 करोड़ बाकी अब तक 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के पहले फेज में बिहार में SIR कराया गया था। दूसरे चरण में 28 अक्टूबर 2025 से 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया शुरू हुई। इनमें उत्तर प्रदेश को छोड़कर बाकी 12 राज्यों में फाइल वोटर लिस्ट जारी हो चुकी है, जबकि यूपी में प्रक्रिया जारी है। देश के करीब 99 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ को इस अभियान में शामिल किया जा चुका है। अब बाकी 39 करोड़ मतदाताओं को 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में कवर किया जाएगा। SIR की प्रोसेस को 6 सवाल-जवाब में जानें 1. SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है। 2. पहले किस राज्य में हुआ? पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई। 3. कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं। 4. SIR में वोटर को क्या करना होगा? SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। 5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य? पेंशनर पहचान पत्र किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र जन्म प्रमाणपत्र पासपोर्ट 10वीं की मार्कशीट स्थायी निवास प्रमाणपत्र वन अधिकार प्रमाणपत्र जाति प्रमाणपत्र राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम परिवार रजिस्टर में नाम जमीन या मकान आवंटन पत्र आधार कार्ड 6. SIR का मकसद क्या है? 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो। ————- ये खबर भी पढ़ें… बंगाल SIR- 60 लाख में 47 लाख आपत्तियां निपटीं:SC बोला- 7 अप्रैल तक सबका निपटारा होगा; ट्रिब्यूनल गलत तरीके से जोड़े-हटाए नामों को सुधारेंगे पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद 60 लाख आपत्तियों में से लगभग 47 लाख आपत्तियों का निपटारा 31 मार्च तक कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधबार को बताया कि उन्हें यह जानकारी 31 मार्च को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने लेटर से दी। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में बारिश:हिमाचल के 3 शहरों में माइनस में पारा, MP में आज से 5-6°C बढ़ेगा तापमान

April 10, 2026/
5:30 am

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज अरुणाचल प्रदेश और असम समेत 9 राज्यों में आंधी के साथ हल्की बारिश का...

असम चुनाव 2026: असम में चुनावी दंगल के बीच जेएमएम और जय भारत पार्टी का गठबंधन, जेडीयू और चाय जनजाति के समर्थकों का जोर

April 6, 2026/
11:38 pm

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित आगामी विधानसभा चुनाव से पहले असम की राजनीति...

सेंसेक्स 50 अंक गिरकर 77,000 पर कारोबार कर रा:निफ्टी 10 अंक नीचे; मेटल और आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली; वेदांता का शेयर 6% गिर

June 23, 2026/
9:26 am

आज यानी मंगलवार, 23 जून को सेंसेक्स 50 अंक की तेजी के साथ 77,150 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी...

मुकेश अंबानी के घर पहुंची रिहाना:परिवार ने फूलों से किया स्वागत, अनंत और राधिका के साथ डांस और लंच किया

April 26, 2026/
4:22 pm

पॉप स्टार रिहाना अपने मेकअप ब्रांड ‘फेंटी ब्यूटी’ के भारत में लॉन्च के लिए इन दिनों मुंबई में हैं। इस...

पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पार, गर्मी का प्रकोप बढ़ा:कलेक्टर ने स्कूलों का समय बदला, परीक्षाएं यथावत रहेंगी

April 20, 2026/
1:28 pm

जिले में गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। रविवार को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

चुनाव बाद 22 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में SIR होगा:39 करोड़ वोटर दायरे में आएंगे, अब तक 12 राज्यों में वेरिफिकेशन पूरा

चुनाव बाद 22 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में SIR होगा:39 करोड़ वोटर दायरे में आएंगे, अब तक 12 राज्यों में वेरिफिकेशन पूरा

पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव के बाद चुनाव आयोग देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तीसरे और अंतिम फेज को लागू करने की तैयारी में है। इसमें दिल्ली सहित 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर किया जाएगा। चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, 29 अप्रैल को मतदान खत्म होने के बाद या नतीजों की घोषणा के बाद SIR की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इस महीने केरल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। इन राज्यों में मतदान 29 अप्रैल तक पूरा होगा, जबकि रिजल्ट 4 मई को आएंगे। दरअसल, चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को पूरे देश में SIR कराने का आदेश दिया था। 19 फरवरी 2026 को आयोग ने तीसरे चरण की तैयारियां जल्द पूरी करने के निर्देश दिए थे। अब तक 60 करोड़ वोटर कवर, 39 करोड़ बाकी अब तक 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के पहले फेज में बिहार में SIR कराया गया था। दूसरे चरण में 28 अक्टूबर 2025 से 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया शुरू हुई। इनमें उत्तर प्रदेश को छोड़कर बाकी 12 राज्यों में फाइल वोटर लिस्ट जारी हो चुकी है, जबकि यूपी में प्रक्रिया जारी है। देश के करीब 99 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ को इस अभियान में शामिल किया जा चुका है। अब बाकी 39 करोड़ मतदाताओं को 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में कवर किया जाएगा। SIR की प्रोसेस को 6 सवाल-जवाब में जानें 1. SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है। 2. पहले किस राज्य में हुआ? पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई। 3. कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं। 4. SIR में वोटर को क्या करना होगा? SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। 5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य? पेंशनर पहचान पत्र किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र जन्म प्रमाणपत्र पासपोर्ट 10वीं की मार्कशीट स्थायी निवास प्रमाणपत्र वन अधिकार प्रमाणपत्र जाति प्रमाणपत्र राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम परिवार रजिस्टर में नाम जमीन या मकान आवंटन पत्र आधार कार्ड 6. SIR का मकसद क्या है? 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो। ————- ये खबर भी पढ़ें… बंगाल SIR- 60 लाख में 47 लाख आपत्तियां निपटीं:SC बोला- 7 अप्रैल तक सबका निपटारा होगा; ट्रिब्यूनल गलत तरीके से जोड़े-हटाए नामों को सुधारेंगे पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद 60 लाख आपत्तियों में से लगभग 47 लाख आपत्तियों का निपटारा 31 मार्च तक कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधबार को बताया कि उन्हें यह जानकारी 31 मार्च को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने लेटर से दी। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.