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चुनाव बाद 22 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में SIR होगा:39 करोड़ वोटर दायरे में आएंगे, अब तक 12 राज्यों में वेरिफिकेशन पूरा

चुनाव बाद 22 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में SIR होगा:39 करोड़ वोटर दायरे में आएंगे, अब तक 12 राज्यों में वेरिफिकेशन पूरा

पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव के बाद चुनाव आयोग देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तीसरे और अंतिम फेज को लागू करने की तैयारी में है। इसमें दिल्ली सहित 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर किया जाएगा। चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, 29 अप्रैल को मतदान खत्म होने के बाद या नतीजों की घोषणा के बाद SIR की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इस महीने केरल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। इन राज्यों में मतदान 29 अप्रैल तक पूरा होगा, जबकि रिजल्ट 4 मई को आएंगे। दरअसल, चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को पूरे देश में SIR कराने का आदेश दिया था। 19 फरवरी 2026 को आयोग ने तीसरे चरण की तैयारियां जल्द पूरी करने के निर्देश दिए थे। अब तक 60 करोड़ वोटर कवर, 39 करोड़ बाकी अब तक 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के पहले फेज में बिहार में SIR कराया गया था। दूसरे चरण में 28 अक्टूबर 2025 से 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया शुरू हुई। इनमें उत्तर प्रदेश को छोड़कर बाकी 12 राज्यों में फाइल वोटर लिस्ट जारी हो चुकी है, जबकि यूपी में प्रक्रिया जारी है। देश के करीब 99 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ को इस अभियान में शामिल किया जा चुका है। अब बाकी 39 करोड़ मतदाताओं को 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में कवर किया जाएगा। SIR की प्रोसेस को 6 सवाल-जवाब में जानें 1. SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है। 2. पहले किस राज्य में हुआ? पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई। 3. कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं। 4. SIR में वोटर को क्या करना होगा? SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। 5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य? पेंशनर पहचान पत्र किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र जन्म प्रमाणपत्र पासपोर्ट 10वीं की मार्कशीट स्थायी निवास प्रमाणपत्र वन अधिकार प्रमाणपत्र जाति प्रमाणपत्र राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम परिवार रजिस्टर में नाम जमीन या मकान आवंटन पत्र आधार कार्ड 6. SIR का मकसद क्या है? 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो। ————- ये खबर भी पढ़ें… बंगाल SIR- 60 लाख में 47 लाख आपत्तियां निपटीं:SC बोला- 7 अप्रैल तक सबका निपटारा होगा; ट्रिब्यूनल गलत तरीके से जोड़े-हटाए नामों को सुधारेंगे पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद 60 लाख आपत्तियों में से लगभग 47 लाख आपत्तियों का निपटारा 31 मार्च तक कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधबार को बताया कि उन्हें यह जानकारी 31 मार्च को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने लेटर से दी। पूरी खबर पढ़ें…

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