मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बुधवार को विभागाध्यक्षों की बैठक ली। इस बैठक में वन और राजस्व विभाग के मामलों को लेकर माहौल कुछ देर के लिए गर्म हो गया। दरअसल, वन विभाग का पक्ष प्रमुख सचिव संदीप यादव के बजाय पूर्व में इस विभाग के मुखिया रहे अशोक बर्णवाल रखने लगे। इस दौरान सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ल ने यह कहा कि प्रदेश के किसी भी गांव की स्थिति साफ नहीं है कि कौन सी जमीन राजस्व की और कौन सी वन विभाग की है। इससे विवाद की स्थिति बनती है। इस दौरान पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की एसीएस दीपाली रस्तोगी ने कह दिया कि बैठक में जो बातें हो रही हैं वह ग्राउंड रियलिटी से बिल्कुल ही अलग हैं। इस बीच सीएस अनुराग जैन ने कहा कि मैं इस समय चीफ कम्प्लेंट आफिसर बन गया हूं। एसीएस रस्तोगी ने कहा- स्केल अलग होने से दिक्कतें विभागाध्यक्षों की बैठक में यह वाकया तब आया जब बैठक खत्म होने वाली थी। एसीएस दीपाली रस्तोगी ने कहा कि वन और राजस्व विभाग के स्केल अलग होने के कारण यह दिक्कत आती है और इसी कारण इसका कोई ठोस समाधान नहीं है। बैठक में मुख्य सचिव जैन ने सभी विभागाध्यक्षों से कहा है कि विभाग मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सर्वोच्च प्राथमिकताओं को शामिल कर अपने विभाग की वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कार्य योजना और लक्ष्य 15 अप्रैल तक पेश करें। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों में समय-सीमा से ऊपर के प्रकरणों की समीक्षा करने के साथ सेंपल जांच करने के निर्देश भी दिए हैं। पुलिस विभाग की एफआईआर के मामलों पर भी फोकस करने की बात इस दौरान कही गई। ढाई साल की उपलब्धि और आगामी कार्ययोजना बताएं मुख्य सचिव जैन ने अधिकारियों से कहा कि वे पिछले ढाई साल में अपने-अपने विभाग की बड़ी और विशेष उपलब्धियों और आगामी वर्ष में किए जाने वाले महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी अगले एक सप्ताह में प्रस्तुत करें। उन्होंने लोक सेवा गारंटी और सी.एम हेल्पलाइन के समय-सीमा से अधिक लंबित प्रकरणों में योजना और प्रक्रिया की जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हर सप्ताह रिव्यू करें जिससे लंबित प्रकरणों में संतोषजनक निराकरण हो सके। उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश भी दिए। आजादी के पहले बने कानूनों की भी समीक्षा मुख्य सचिव जैन ने वर्ष 1947 के पूर्व बने कानूनों में संशोधन, निरसन और नया एक्ट लाने की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने 31 मई की अंतिम समय-सीमा निर्धारित करते हुए संबंधित विभागाध्यक्षों से कहा है कि वे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस कार्य को पूर्ण करें जिससे आवश्यक होने पर कैबिनेट की मंजूरी ली जा सके। बैठक में एक्शन प्लान-2028 की प्रगति रिपोर्ट का स्टेट्स रिव्यू भी किया गया। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में काफी बेहतर काम हुआ है। इन कार्यों को जन-जन तक लाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार भी होना चाहिए। नए हैंडपंप के लिए एक दो दिनों में एसओपी जारी होगी मुख्य सचिव जैन ने जल गंगा संवर्धन अभियान में सम्मलित सभी ग्रामीण, नगरीय, वन क्षेत्र आदि के कार्यों की समीक्षा की और सभी संबंधित विभागों की प्रगति रिपोर्ट एक ही प्रारुप में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्मी के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए पेयजल की सुगम उपलब्धता के लिए लगातार एक्शन मोड में काम करने को कहा। उन्होंने नए हैंडपंप खनन के लिए एक-दो दिन में एसओपी जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि जिलों में आवश्यकता अनुसार राइजर पाइप सहित अन्य सामग्री उपलब्ध करा दी गई है। आगजनी की घटनाओं पर काबू पाने बनाएं कार्ययोजना मुख्य सचिव जैन ने ग्रामीण अंचलों में अग्नि-दुर्घटनाओं की रोकथाम के अलावा बचाव कार्य के लिए योजना बनाने के लिए कहा है। उन्होंने गृह विभाग को निर्देश दिए कि वे थाना स्तर पर अग्नि शमन के लिए उपलब्ध टैंकर्स आदि की जानकारी एकत्र कर लें और नागरिकों तक इसे प्रचारित भी करें जिससे अग्नि दुघर्टना आदि की स्थिति में सहायता ली जा सके। उन्होंने गर्मीजनित रोगों के बचाव और उपचार की व्यवस्थाएं बेहतर करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव जैन ने एमपीई-सेवा पोर्टल के उपयोग की समीक्षा की और इसे नागरिकों के लिए और भी आसान बनाने के निर्देश दिए। अब तक 1055 सेवाएं आनॅलाइन हुई हैं। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपनी-अपनी सेवाएं देखकर अद्यतन कर लें। बैठक में कैबिनेट के निर्णयों का समय पर पालन सुनिश्चित करने, न्यायालयीन प्रकरणों में संवेदनशीलता बरतने और अधीनस्थों की सी आर समय सीमा में लिखने पर भी चर्चा हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव सहित विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।















































