3 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा
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अक्सर महिलाएं काम की व्यस्तता, ट्रैफिक या गंदे पब्लिक टॉयलेट के डर से यूरिन लंबे समय तक रोककर रखती हैं। बार-बार ऐसा करना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
लंबे समय तक यूरिन रोकने से ब्लैडर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, उसकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है और यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) का खतरा बढ़ जाता है। इससे मसल्स कमजोर होने और किडनी से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसे में महिलाओं के लिए सही टॉयलेट हाइजीन अपनाना जरूरी है।
इसलिए जरूरत की खबर में जानेंगे कि
- यूरिन रोकने से ब्लैडर को क्या नुकसान होता है?
- इससे कौन से हेल्थ रिस्क हो सकते हैं?
- कितनी देर तक यूरिन रोककर रखना सेफ है?
एक्सपर्ट: डॉ. मानिनी पटेल, सीनियर कंसल्टेंट, आब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर
सवाल- जब कोई महिला बहुत देर तक यूरिन को होल्ड करके रखती है तो इससे शरीर में क्या होता है?
जवाब- लंबे समय तक यूरिन रोकने से ब्लैडर पर ज्यादा प्रेशर पड़ता है। इससे कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। जैसेकि-
- ब्लैडर की मांसपेशियां कमजोर या ओवरस्ट्रेच हो सकती हैं।
- यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) का जोखिम बढ़ता है।
- पेट के निचले हिस्से में दर्द और बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है।

सवाल- ज्यादा देर तक यूरिन होल्ड करने से ब्लैडर को क्या नुकसान होता है?
जवाब- ब्लैडर ज्यादा देर तक भरा रहने से उसकी मांसपेशियों और अंदरूनी लेयर पर लगातार दबाव पड़ता है। इससे संक्रमण व अन्य कॉम्प्लिकेशन का जोखिम बढ़ता है। ग्राफिक से समझिए यूरिन रोकने से ब्लैडर को क्या नुकसान होता है-

सवाल- ज्यादा देर तक यूरिन होल्ड करने से कौन-कौन से हेल्थ रिस्क हो सकते हैं?
जवाब- इससे कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। ग्राफिक में सभी हेल्थ रिस्क देखिए-

आइए, ग्राफिक में दी गई कुछ बीमारियों के बारे में थोड़ा विस्तार से समझते हैं-
1. यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI)
- यूरिन ब्लैडर में ज्यादा देर तक रुकने से बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं।
- इससे यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) का खतरा बढ़ जाता है।
2. ब्लैडर पर दबाव
- ब्लैडर बार-बार ओवर-स्ट्रेच होने से उसकी मसल्स कमजोर हो सकती हैं।
- आगे चलकर यूरिन कंट्रोल करने में दिक्कत या ‘लीकेज’ की प्रॉब्लम हो सकती है।
3. किडनी पर असर
- ज्यादा देर तक पेशाब रोकने से प्रेशर ऊपर की ओर बढ़ सकता है।
- इससे किडनी इंफेक्शन का रिस्क बढ़ता है।
- लंबे समय में यह किडनी फंक्शन पर असर डाल सकता है।
4. ब्लैडर स्टोन (पथरी)
- यूरिन लंबे समय तक जमा रहने से मिनरल्स क्रिस्टल बनते हैं, जो स्टोन का रिस्क बढ़ा सकते हैं।
- इससे दर्द, यूरिन में ब्लड आना या रुक-रुक कर पेशाब आना जैसी हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं।
5. पेल्विक फ्लोर डैमेज
- बार-बार होल्ड करने से पेल्विक मसल्स की नेचुरल रिदम बिगड़ सकती है।
- आगे चलकर ब्लैडर कंट्रोल की समस्या हो सकती है।
6. दर्द और असहजता
- पेट के निचले हिस्से में भारीपन या दर्द हो सकता है।
- कभी-कभी तेज दर्द के साथ अचानक यूरिन निकलने जैसी समस्या हो सकती है।
सवाल- क्या देर तक यूरिन रोककर रखने से किडनी डैमेज हो सकती है?
जवाब– हां, इससे किडनी से जुड़ी कई बीमारियां हो सकती हैं। जैसेकि-
- हाइड्रोनेफ्रोसिस (Hydronephrosis)– ये एक ऐसी स्थिति है, जिसमें किडनी में सूजन हो जाती है। दरअसल यूरिन ठीक से बाहर नहीं निकल पाता और किडनी में ही जमा होने लगता है।
- पाइलोनअफ्राइटिस (Pyelonephritis)– किडनी का एक गंभीर बैक्टीरियल इंफेक्शन है, जो आमतौर पर UTI से शुरू होता है और फिर ऊपर बढ़कर किडनी तक पहुंच जाता है।
सवाल- क्या प्रेग्नेंसी के दौरान यूरिन रोकना ज्यादा खतरनाक हो सकता है?
जवाब- हां, इससे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है। अगर ये इंफेक्शन किडनी तक पहुंच जाए तो प्री-मेच्यौर डिलीवरी का कारण भी बन सकता है।
सवाल- कितनी देर तक यूरिन को रोककर रखना सेफ है?
जवाब– यह व्यक्ति की उम्र, कितनी मात्रा में पानी या फ्लूइड लिया है और उसकी सेहत की स्थिति पर निर्भर करता है।
‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ के अनुसार, आमतौर पर हर 3–4 घंटे में यूरिन पास करना बेहतर माना जाता है। हालांकि जैसे ही यूरिन पास करने की जरूरत लगे तुरंत जाना बेहतर है।
सवाल- क्या बार-बार यूरिन रोकने से ब्लैडर की क्षमता स्थायी रूप से कम होती है?
जवाब- कभी-कभार यूरिन रोकने से ब्लैडर की क्षमता स्थायी रूप से कम नहीं होती। लेकिन लंबे समय तक लगातार ऐसा करने से ब्लैडर फंक्शन प्रभावित होता है। इससे संक्रमण या अन्य यूरिनरी प्रॉब्लम्स का जोखिम बढ़ जाता है।
सवाल- सभी को आमतौर पर एक टॉयलेट हाइजीन फॉलो करना चाहिए? ये क्या है और इसमें कौन–कौन सी चीजें शामिल हैं?
जवाब- अक्सर लोग जल्दबाजी या लापरवाही में हाइजीन से जुड़ी छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं। इससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है। हालांकि कुछ बेसिक टॉयलेट हाइजीन कई बीमारियों से बचाती हैं। इसे ग्राफिक में देखिए-

इन आसान आदतों को अपनाकर यूरिन इंफेक्शन और अन्य समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।
सवाल- क्या लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से भी ब्लैडर हेल्थ प्रभावित होती है?
जवाब- हां, इससे ब्लैडर पर नेगेटिव असर पड़ता है। पॉइंटर्स से समझिए-
- लंबे समय तक एक ही जगह बैठने से पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो कम हो जाता है।
- इससे पेल्विक फ्लोर मसल्स कमजोर पड़ती हैं जो ब्लैडर और यूरेथ्रा (यूरिन बाहर निकलने का रास्ता) को सपोर्ट करती हैं।
- देर तक एक ही जगह बैठे रहने से मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है। इससे किडनी स्टोन बनने का रिस्क भी बढ़ता है।
सवाल- यूरिन रोकने के अलावा हमारी रोजमर्रा की और कौन सी आदतें ब्लैडर हेल्थ को प्रभावित करती हैं?
जवाब- खराब लाइफस्टाइल, डिहाइड्रेशन, क्रॉनिक डिजीज और खराब हाइजीन ब्लैडर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं। नीचे दिए ग्राफिक में ब्लैडर को नुकसान पहुंचाने वाली आदतें देखिए-

सवाल- ब्लैडर को हेल्दी रखने के लिए हमारी लाइफस्टाइल कैसी होनी चाहिए?
जवाब- इसके लिए संतुलित लाइफस्टाइल अपनाना जरूरी है। इसे ग्राफिक में देखिए-

कुल मिलाकर, शरीर के नेचुरल सिग्नल्स को नजरअंदाज करने की बजाय समय पर यूरिन पास करना, सही टॉयलेट हाइजीन फॉलो करना और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना बेहद जरूरी है। ………………………………….
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