बड़वानी जिला मुख्यालय पर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट गेट के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने सीएम के नाम तहसीलदार हितेंद्र भावसार को ज्ञापन देकर समस्याओं के निराकरण की मांग की। किसानों ने ऋण अदायगी की समय सीमा बढ़ाने, खाद वितरण व्यवस्था में सुधार और फसल नुकसान के मुआवजे का मुद्दा उठाया। ऋण जमा करने की तिथि 31 मई करने की मांग महासंघ के जिलाध्यक्ष मदन मुलेवा ने बताया कि वर्तमान में ऋण चुकाने की अंतिम तिथि 28 अप्रैल निर्धारित है। किसानों की मांग है कि सरकार इसे बढ़ाकर 31 मई करे ताकि नियमित किसानों को इसका लाभ मिल सके। किसानों के अनुसार अभी मक्का खेतों में है और गेहूं की खरीदी व चने के उचित भाव न मिलने से आर्थिक संकट बना हुआ है। ई-टोकन खाद व्यवस्था पर उठाए सवाल ज्ञापन में निमाड़ जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ई-टोकन खाद व्यवस्था को लेकर आपत्ति जताई गई है। किसानों का कहना है कि पर्याप्त फार्मर आईडी न होने और सर्वर डाउन रहने की वजह से उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रहा है। महासंघ ने इस व्यवस्था को किसानों की परिस्थितियों के अनुकूल बनाने की मांग की है। नष्ट फसलों के तत्काल सर्वे की अपील जिले में पिछले दिनों हुई असमय बारिश से मक्का, गेहूं और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अब तक नष्ट हुई फसलों का न तो सर्वे शुरू हुआ है और न ही मुआवजे की कोई योजना बनी है। किसानों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर आर्थिक सहायता देने की मांग की है। मांगें पूरी न होने पर घेराव की चेतावनी तहसीलदार ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों की समस्याओं को सुना और उन्हें उचित कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। हालांकि, किसानों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन या ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो आगामी समय में कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर कलेक्ट्रेट गेट पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।














































