युवा वयस्कों में उच्च कोलेस्ट्रॉल: आज के दौर में खराब लाइफस्टाइल और गलत खान-पान की गलत स्थिति ने शर्त का चेहरा बदल दिया है। जो बीमारी पहले 50 और 60 की उम्र के बाद देखने को मिलती है, वहीं बीमारी आज 20 और 30 की उम्र में देखने को मिल रही है। इसके शिकार विशेष रूप से युवा हो रहे हैं। ये है सबसे खतरनाक बीमारी हाई कॉलेस्ट्रोल।
युवाओं में बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल न केवल उनके स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है, बल्कि भविष्य में हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी सामान्य स्थिति देखने को मिल रही है।
युवा इंडस्ट्री में बढ़ती उम्र का मुख्य कारण
पिज्जा, बर्गर और कॉमर्स फूड में मौजूद ‘ट्रांस फाइट’ सीधे तौर पर खराब टुकड़ों को पेश किया जाता है।
चौथे डेस्क पर काम करना और फ्लेक्स की कमी से शरीर में मेटाबॉलिज्म को धीमा कर दिया जाता है।
क्रिटिक्स और निजी जीवन का तनाव शरीर में कोर्टिसोल की रैंकिंग बढ़ी है, जो चॉकलेट को प्रभावित करता है।
एल्स को अक्सर ‘सैलेंट किलर’ कहा जाता है क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण स्पष्ट नहीं होते हैं।
बिना किसी भारी काम के, थकान और कमजोरी महसूस होना।
सीढ़ियाँ चढ़ने की गति या थोड़ी तेज़ गति से चलने पर संसार का असामान्य रूप से फूलना।
रेलवे में कोलेस्ट्रॉल जमने से रक्त सरकुलेशन प्रभावित होता है, जिससे हाथ-पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन हो सकता है।
कभी-कभी मांसपेशियों में दर्द या दबाव महसूस होता है, जो भविष्य में एंजाइना का रूप ले सकता है।
आंखों की पलकों के आस-पास छोटे-छोटे पीले रंग के शांत अवशेष जमा होने का संकेत हैं।
आपके खाने में ओट्स, हरी जड़ी-बूटियाँ, फल और ओमेगा-3 एसिडिटी से भरपूर चीज़ें शामिल हैं। तली-भुनी से दूरी।
दिन में कम से कम 30-40 मिनट की वॉक, रनिंग या अंधविश्वास जरूर करें। यह गुड चॉकलेट को बढ़ाने में मदद करता है।
बढ़ा हुआ वजन वाला छात्र का सबसे बड़ा दोस्त है। अपने बीएमआई को सामान्य रखने की कोशिश करें।
अगर आप 20 साल की उम्र पार कर चुके हैं, तो हर साल कम से कम एक बार लिपिड प्रोफाइल टेस्ट जरूर करवाएं।
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