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Why Indians Don’t have pink lips? सोशल मीडिया पर पिंक लिप्स को लेकर कई हैक्स वायरल होते हैं, लेकिन सच यह है कि हर किसी के लिए नैचुरली गुलाबी होंठ पाना संभव नहीं है. Dr Aanchal Panth के अनुसार, होंठों का रंग मेलानिन और स्किन टोन पर निर्भर करता है, इसलिए हल्के डार्क लिप्स होना बिल्कुल नॉर्मल है.
डिहाइड्रेशन से होंठ सूखे, बेजान और डार्क दिखते हैं.
आजकल सोशल मीडिया पर “पिंक लिप्स” को लेकर कई तरह के हैक्स और ट्रेंड्स देखने को मिलते हैं, जिनसे यह धारणा बन जाती है कि हर कोई नैचुरली गुलाबी होंठ पा सकता है. लेकिन स्किन एक्सपर्ट Dr Aanchal Panth ने Dr Pal Manickam के साथ एक पॉडकास्ट में इस मिथक को साफ तौर पर गलत बताया. उनके अनुसार, होंठों का रंग पूरी तरह बायोलॉजी और जेनेटिक्स पर निर्भर करता है. यानी अगर आपकी स्किन टोन डस्की है, तो आपके होंठों का हल्का डार्क होना बिल्कुल सामान्य है. उन्होंने कहा कि शरीर में जितना मेलानिन बनता है, उसी अनुपात में होंठों का रंग भी तय होता है. इसलिए हर किसी के लिए “पिंक लिप्स” पाना संभव नहीं है, और इस सच को स्वीकार करना जरूरी है.
हालांकि होंठों का रंग ज्यादातर जेनेटिक्स से तय होता है, लेकिन कुछ लाइफस्टाइल हैबिट्स और एनवायरनमेंटल फैक्टर्स भी इन्हें और ज्यादा डार्क बना सकते हैं. सबसे आम कारणों में बार-बार चाय और कॉफी जैसे गरम पेय का सेवन शामिल है, जो धीरे-धीरे पिगमेंटेशन बढ़ा सकता है. इसके अलावा सूरज की तेज किरणें यानी UV एक्सपोजर भी मेलानिन प्रोडक्शन को बढ़ाकर होंठों को डार्क कर देती हैं. स्मोकिंग एक और बड़ा कारण है, क्योंकि इससे ऑरल पिगमेंटेशन बढ़ता है और होंठ काले पड़ने लगते हैं. इन सभी कारणों का असर धीरे-धीरे दिखता है और समय के साथ लिप कलर में बदलाव आने लगता है.
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