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LAC से इतर चीनी कंपनियां खास भारतीयों को कर रहीं टारगेट, बेहद गंदा है यह खेल, जान से हाथ बैठेंगे आप !

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Chinese Weight-Loss Drugs: सोशल मीडिया के जरिए चाइनीज कंपनियां भारत में मोटापे से जूझ रहे लोगों को अनअप्रूव्ड वेट लॉस ड्रग्स सप्लाई कर रही हैं. यह पूरा खेल इंस्टा और यूट्यूब से शुरू होता है, फिर रेडिट और ऑनलाइन ग्रुप्स के जरिए लोग ये खतरनाक दवाएं मंगा लेते हैं, ताकि उनका वजन तेजी से कम हो सके. डॉक्टर्स की मानें तो वेट लॉस के लिए ऐसी दवाएं लेना जानलेवा हो सकता है. भारत में वेट लॉस की कई अप्रूव्ड दवाएं उपलब्ध हैं, जो डॉक्टर की सलाह पर ली जा सकती हैं.

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सोशल मीडिया के जरिए तमाम भारतीय अनअप्रूव्ड वेट लॉस ड्रग्स खरीद रहे हैं.

Viral Weight-Loss Trends: मोटापे से परेशान लोग हर वक्त इससे छुटकारा पाने की जुगाड़ खोजते रहते हैं. आजकल हर किसी के पास स्मार्टफोन है और घर बैठे लोग वजन कम करने की दवाएं सर्च करते रहते हैं. भारत में ओजेम्पिक और मौनजारो जैसी वेट लॉस की दवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन इनका महीने का खर्च 10-15 हजार रुपये होता है. ऐसे में सस्ती दवाओं के चक्कर में लोग चीनी कंपनियों का टारगेट बन रहे हैं. सबसे पहले लोग इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब के जरिए सस्ती वेट लॉस दवाओं के बारे में सुनते हैं, फिर Reddit पर बने चाइनीज ग्रुप्स से कनेक्ट हो जाते हैं. इन ग्रुप्स के जरिए भारत में सस्ती वेट लॉस की दवाएं भेजी जाती हैं, जिनके क्लीनिकल ट्रायल्स भी पूरे नहीं होते हैं. डॉक्टर्स का साफ कहना है कि इस तरह की अनअप्रूव्ड दवाएं लेना जानलेवा हो सकता है. लोगों को कभी भी इस तरह के ट्रैप में नहीं फंसना चाहिए.

TOI में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक Reddit कई भारतीयों के लिए एक्सपेरिमेंटल चाइनीज वेट लॉस ड्रग्स मंगाने का जरिया बन रहा है. इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रोज ऐसे वीडियो और रील्स दिखाई देते हैं, जिनमें इन्फ्लुएंसर तेजी से वजन घटाने वाले पेप्टाइड्स या दवाओं का प्रचार करते हैं. ये कंटेंट इतने आकर्षक और सरल तरीके से पेश किए जाते हैं कि लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे इन्हें देखने और फॉलो करने लगते हैं. यहीं से एक ऐसा सफर शुरू होता है, जो अक्सर उन्हें एक खतरनाक और अनजान दुनिया में ले जाता है. जैसे ही कोई व्यक्ति इस तरह की रील या वीडियो पर क्लिक करता है, उसका सोशल मीडिया एल्गोरिदम उसी तरह के कंटेंट से भर जाता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

धीरे-धीरे यूट्यूब पर उसे वेट लॉस एक्सप्लेन्ड, GLP-1 पेप्टाइड्स या फास्ट फैट लॉस हैक्स जैसे वीडियो दिखने लगते हैं. इसके बाद कई लोग रेडिट थ्रेड्स, ब्लॉग्स और AI-एक्सप्लेन्ड आर्टिकल्स पढ़ना शुरू कर देते हैं. इस प्रक्रिया में व्यक्ति एक ऐसी जगह फंस जाता है, जहां उसे लगातार लगता है कि उसे एक नया और आसान समाधान मिल गया है, जबकि असल में वह अधूरी और कई बार गलत जानकारी के जाल में फंस रहा होता है. इस ट्रेंड का एक बड़ा कारण है महंगी मेडिकल ट्रीटमेंट्स और दवाइयां हैं. भारत सहित कई देशों में डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली वजन घटाने वाली दवाएं जैसे मौनजारो काफी महंगी हैं और एक महीने का खर्च हजारों रुपये तक पहुंच जाता है. हालांकि ओजेम्पिक जैसी दवाएं अब कुछ सस्ती हो गई हैं, लेकिन फिर भी हर किसी की पहुंच में नहीं हैं. इसी वजह से लोग सस्ते विकल्पों की तलाश में इंटरनेट पर चाइनीज पेप्टाइड्स या बिना मंजूरी वाले पाउडर प्रोडक्ट की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जो ऑनलाइन आसानी से मिल जाते हैं.

ये अनधिकृत प्रोडक्ट अक्सर दावा करते हैं कि ये तेजी से वजन घटाने में मदद करते हैं, लेकिन इनमें से कई न तो पूरी तरह से परीक्षण किए गए होते हैं और न ही किसी स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा मंजूर होते हैं. कई मामलों में ये चीन या अन्य देशों से बिना किसी गुणवत्ता जांच के भेजे जाते हैं. लोग इन्हें सोशल मीडिया की कहानियों और फोरम्स पर पढ़कर ऑर्डर कर लेते हैं, बिना यह समझे कि ये उनके शरीर पर क्या असर डाल सकते हैं. डॉक्टर्स के अनुसार GLP-1 जैसी शक्तिशाली दवाएं भी हमेशा स्थायी परिणाम नहीं देतीं. शरीर धीरे-धीरे इनके असर के अनुसार खुद को ढाल लेता है, जिससे वजन घटने की गति रुक सकती है, जिसे प्लूटो इफेक्ट जाता है. अगर इन दवाओं का सेवन बंद कर दिया जाए, तो वजन फिर से धीरे-धीरे बढ़ने लगता है. ऐसे में लोग और भी तेज या मजबूत विकल्पों की तलाश में लग जाते हैं, जिससे यह चक्र और खतरनाक हो जाता है.

डॉक्टर्स का साफ कहना है कि लोगों को अपनी मर्जी से ऑनलाइन बिकने वाले वेट लॉस प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. अगर कोई व्यक्ति ओवरवेट या मोटापे से जूझ रहा है, तो उसे डॉक्टर से मिलकर कंसल्ट करना चाहिए. भारत में कई वेट लॉस ड्रग्स उपलब्ध हैं, जो डॉक्टर्स की निगरानी में लेने चाहिए और इनसे बेहतर रिजल्ट मिल सकता है. सोशल मीडिया पर दिखने वाले आसान और तेज वजन घटाने के उपाय अक्सर वास्तविकता से दूर होते हैं. जल्दी परिणाम पाने की चाह, महंगी दवाओं से बचने की कोशिश और ऑनलाइन कंटेंट का प्रभाव मिलकर लोगों को जोखिम भरे विकल्पों की ओर धकेल रहे हैं. किसी भी दवा या सप्लीमेंट का उपयोग बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए, क्योंकि शरीर के साथ किया गया कोई भी गलत एक्सपेरिमेंट जानलेवा हो सकता है या इससे भविष्य में गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

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TOI में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक Reddit कई भारतीयों के लिए एक्सपेरिमेंटल चाइनीज वेट लॉस ड्रग्स मंगाने का जरिया बन रहा है. इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रोज ऐसे वीडियो और रील्स दिखाई देते हैं, जिनमें इन्फ्लुएंसर तेजी से वजन घटाने वाले पेप्टाइड्स या दवाओं का प्रचार करते हैं. ये कंटेंट इतने आकर्षक और सरल तरीके से पेश किए जाते हैं कि लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे इन्हें देखने और फॉलो करने लगते हैं. यहीं से एक ऐसा सफर शुरू होता है, जो अक्सर उन्हें एक खतरनाक और अनजान दुनिया में ले जाता है. जैसे ही कोई व्यक्ति इस तरह की रील या वीडियो पर क्लिक करता है, उसका सोशल मीडिया एल्गोरिदम उसी तरह के कंटेंट से भर जाता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

धीरे-धीरे यूट्यूब पर उसे वेट लॉस एक्सप्लेन्ड, GLP-1 पेप्टाइड्स या फास्ट फैट लॉस हैक्स जैसे वीडियो दिखने लगते हैं. इसके बाद कई लोग रेडिट थ्रेड्स, ब्लॉग्स और AI-एक्सप्लेन्ड आर्टिकल्स पढ़ना शुरू कर देते हैं. इस प्रक्रिया में व्यक्ति एक ऐसी जगह फंस जाता है, जहां उसे लगातार लगता है कि उसे एक नया और आसान समाधान मिल गया है, जबकि असल में वह अधूरी और कई बार गलत जानकारी के जाल में फंस रहा होता है. इस ट्रेंड का एक बड़ा कारण है महंगी मेडिकल ट्रीटमेंट्स और दवाइयां हैं. भारत सहित कई देशों में डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली वजन घटाने वाली दवाएं जैसे मौनजारो काफी महंगी हैं और एक महीने का खर्च हजारों रुपये तक पहुंच जाता है. हालांकि ओजेम्पिक जैसी दवाएं अब कुछ सस्ती हो गई हैं, लेकिन फिर भी हर किसी की पहुंच में नहीं हैं. इसी वजह से लोग सस्ते विकल्पों की तलाश में इंटरनेट पर चाइनीज पेप्टाइड्स या बिना मंजूरी वाले पाउडर प्रोडक्ट की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जो ऑनलाइन आसानी से मिल जाते हैं.

ये अनधिकृत प्रोडक्ट अक्सर दावा करते हैं कि ये तेजी से वजन घटाने में मदद करते हैं, लेकिन इनमें से कई न तो पूरी तरह से परीक्षण किए गए होते हैं और न ही किसी स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा मंजूर होते हैं. कई मामलों में ये चीन या अन्य देशों से बिना किसी गुणवत्ता जांच के भेजे जाते हैं. लोग इन्हें सोशल मीडिया की कहानियों और फोरम्स पर पढ़कर ऑर्डर कर लेते हैं, बिना यह समझे कि ये उनके शरीर पर क्या असर डाल सकते हैं. डॉक्टर्स के अनुसार GLP-1 जैसी शक्तिशाली दवाएं भी हमेशा स्थायी परिणाम नहीं देतीं. शरीर धीरे-धीरे इनके असर के अनुसार खुद को ढाल लेता है, जिससे वजन घटने की गति रुक सकती है, जिसे प्लूटो इफेक्ट जाता है. अगर इन दवाओं का सेवन बंद कर दिया जाए, तो वजन फिर से धीरे-धीरे बढ़ने लगता है. ऐसे में लोग और भी तेज या मजबूत विकल्पों की तलाश में लग जाते हैं, जिससे यह चक्र और खतरनाक हो जाता है.

डॉक्टर्स का साफ कहना है कि लोगों को अपनी मर्जी से ऑनलाइन बिकने वाले वेट लॉस प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. अगर कोई व्यक्ति ओवरवेट या मोटापे से जूझ रहा है, तो उसे डॉक्टर से मिलकर कंसल्ट करना चाहिए. भारत में कई वेट लॉस ड्रग्स उपलब्ध हैं, जो डॉक्टर्स की निगरानी में लेने चाहिए और इनसे बेहतर रिजल्ट मिल सकता है. सोशल मीडिया पर दिखने वाले आसान और तेज वजन घटाने के उपाय अक्सर वास्तविकता से दूर होते हैं. जल्दी परिणाम पाने की चाह, महंगी दवाओं से बचने की कोशिश और ऑनलाइन कंटेंट का प्रभाव मिलकर लोगों को जोखिम भरे विकल्पों की ओर धकेल रहे हैं. किसी भी दवा या सप्लीमेंट का उपयोग बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए, क्योंकि शरीर के साथ किया गया कोई भी गलत एक्सपेरिमेंट जानलेवा हो सकता है या इससे भविष्य में गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

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