ब्रेन डेड महिला का दान बना रक्षा कवच, दिल्ली से लखनऊ तक बचीं तीन जिंदगियां
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Organ donation in Delhi: एक ब्रेन डेड 45 महिला के दान की बदौलत तीन लोगों को नई जिंदगी मिली. दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में परिवार ने महिला के किडनी, लिवर, हार्ट दान किए, जो दिल्ली और लखनऊ के तीन गंभीर मरीजों को लगाए गए.
ऑर्गन डोनेशन से ब्रेन डेड महिला ने बचाई 3 लोगों की जान.
RML Delhi News: अंगदान कितना महान होता है, ये इस घटना से आपको समझ में आ सकता है. दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में उस वक्त मरीजों, तीमारदारों से लेकर डॉक्टरों के सिर इन ब्रेन डेड महिला के सम्मान में झुक गए, जिनके दान की बदौलत दिल्ली से लखनऊ तक तीन लोगों की जिंदगियां वापस लौट आईं और इनके दर्जनों परिजनों के चेहरों पर खुशी की लहर आ गई.
वहीं दर्द की इस कठिन घड़ी में भी मानवता की मिसाल पेश करते हुए एक परिवार ने तीन अन्य परिवारों को नई जिंदगी का तोहफा दिया है. 12 अप्रैल 2026 को अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (ABVIMS) एंड डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ने अपना छठा मल्टी-ऑर्गन रिट्रीवल सफलतापूर्वक पूरा किया.
45 वर्षीय एक महिला सिर में खून के रिसाव (cerebral hemorrhage) के कारण ब्रेन डेड हो गई थीं. उनके परिवार ने बेहद मुश्किल समय में भी बहुत ही उदार और नेक फैसला लिया. उन्होंने अपनी बेटी/पत्नी/मां के किडनी, लीवर और हार्ट दान करने की सहमति दे दी.
मौत से जूझ रहे 3 मरीजों के बचे प्राण
- . महिला के ऑर्गन डोनेशन में से एक किडनी आरएमएल अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के एंड-स्टेज किडनी डिजीज मरीज को लगाई गई.
- . महिला का लिवर दिल्ली के आर्मी अस्पताल (रिसर्च एंड रेफरल) RR अस्पताल के एंड-स्टेज लीवर डिजीज मरीज को लगाया गया.
- . जबकि महिला का हार्ट लखनऊ के SGPGI अस्पताल में भेजा गया जहां कार्डियक फेलियर से जूझ रहे मरीज को ट्रांसप्लांट किया गया.
इस दौरान अस्पताल के मेडिसिन और क्रिटिकल केयर विभाग के डॉक्टरों ने परिवार को ब्रेन डेड की स्थिति समझाई. ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर ने अंगदान के बारे में विस्तार से बताया. परिवार की स्वैच्छिक सहमति के बाद नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लंट ऑर्गनाइजेशन (National Organ and Tissue Transplant Organisation) ने अंगों को जरूरत के अनुसार 3 अलग-अलग संस्थानों में देने का फैसला किया.
13 अप्रैल की सुबह 3 बजकर 30 मिनट पर कार्डियक एनेस्थीसिया और एनेस्थीसिया टीम की मदद से CTVS टीम ने हार्ट, लिवर ट्रांसप्लांट टीम ने लिवर और यूरोलॉजी टीम ने महिला की किडनी रिट्रीव की. हार्ट को एयर एंबुलेंस से लखनऊ भेजा गया, जबकि लीवर को दिल्ली पुलिस द्वारा बनाए गए ग्रीन कॉरिडोर से RR अस्पताल पहुंचाया गया.
अंगदान के बाद मृतक का शरीर परिवार को पूरे सम्मान के साथ सौंप दिया गया. पूरी प्रक्रिया ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर और नोडल ऑफिसर (ट्रांसप्लांट) अस्पताल के डायरेक्टर, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और एडिशनल मेडिकल सुपरिंटेंडेंट की निगरानी में की गई.
इस दौरान इस अंगदान ने फिर साबित कर दिया कि मौत भी जिंदगी बन सकती है.
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Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें













































