राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में कांग्रेस रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। उन्होंने भारत-विदेश के व्यापारिक सौदों को लेकर आरोप लगाया कि सरकार ने देश के हितों पर समझौता किया है और यहां तक कहा कि ‘मोदी देशभक्त नहीं, बल्कि देशभक्त हैं।’
ट्रेड डील पर बड़ा आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि इस तरह भारत की ऊर्जा सुरक्षा अमेरिका के हाथ में आ गई है। उनका दावा है कि सरकार ने अमेरिकी दबाव में यह निर्णय लिया है, जिससे देश को नुकसान होगा।
कृषि और उद्योग पर खतरे की बात
उन्होंने चेतावनी दी कि इस समझौते से भारत का कृषि क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित होगा। साथ ही अगर अमेरिकी सामान बड़ी मात्रा में भारत में आ गए, तो छोटे और मध्यम उद्योग बंद हो सकते हैं, जिससे रोजगार पर भी बड़ा असर हो सकता है।
डेटा और राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रश्न
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने देश का डेटा अमेरिका को भी दे दिया है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है. उन्होंने कहा कि किसी भी देश की सेना अपने डेटा पर प्रतिबंध लगाती है।
9.5 लाख करोड़ रुपये की खरीद का दावा
उन्होंने कहा कि सरकार ने अमेरिका से करीब 9.5 लाख करोड़ रुपये के सामान का वादा किया है। उनका कहना है, इससे भारतीय बाजार में अमेरिकी सामान ‘सुनामी’ की तरह आने वाले और स्थानीय सामान को नुकसान होगा।
बंगाल को होगा ‘डबल नुकसान’
राहुल गांधी ने कहा कि इस संकट का असर पश्चिम बंगाल पर सबसे ज्यादा है, क्योंकि यहां पहले से ही उद्योग खराब हो गए हैं। उन्होंने राज्य सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह रोजगार देने का वादा पूरा नहीं कर पाई।
बेरोजगारी पर नैतिकता सरकार पर
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 5 लाख बेरोजगारी भत्ता का वादा किया था, लेकिन 84 लाख युवाओं ने बेरोजगारी भत्ता के लिए आवेदन किया है।
बीजेपी-आरएसएस पर संविधान को लेकर हमला
राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस पर आरोप लगाया कि वे ‘नफ़रत भरी सोच’ के माध्यम से संविधान को ख़राब कर रहे हैं और चुनाव में गड़बड़ी करने की कोशिश कर रहे हैं।
वोटर्स लिस्ट पर भी प्रश्न
उन्होंने चुनाव आयोग की विशेष गहनता से समीक्षा (एसआईआर) प्रक्रिया को असंवैधानिक बताया और कहा कि जहां भी भाजपा और आरएसएस को संभावना है, वे संविधान के खिलाफ काम करते हैं।













































