Thursday, 23 Jul 2026 | 03:30 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Wholesale Inflation Hits 3.88% in March; Essentials, Fuel Costlier

Wholesale Inflation Hits 3.88% in March; Essentials, Fuel Costlier

नई दिल्ली10 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

मार्च में थोक महंगाई (WPI) बढ़कर 3.88% पर पहुंच गई है। ये महंगाई का 38 महीने का हाई लेवल है। जनवरी 2023 में थोक महंगाई 4.73% पर पहुंच गई थी।

इससे पहले फरवरी 2026 में थोक महंगाई 2.13% पर थी। वहीं जनवरी में थोक महंगाई 1.81% पर थी। कॉमर्स मिनिस्ट्री ने आज यानी 15 अप्रैल को थोक महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं।

रोजाना जरूरत के सामान, खाने-पीने की चीजें महंगी हुईं

  • रोजाना की जरूरत वाले सामानों (प्राइमरी आर्टिकल्स) की महंगाई 3.27% से बढ़कर 6.36% हो गई।
  • खाने-पीने की चीजों (फूड इंडेक्स) की महंगाई में कोई बदलाव नहीं है, ये 1.85% पर बनी हुई है।
  • फ्यूल और पावर की थोक महंगाई दर माइनस 3.78% से बढ़कर 1.05% हो गई है।
  • मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स की थोक महंगाई दर 2.92% से बढ़कर 3.39% रही।

वित्त वर्ष 2025-26 में थोक महंगाई

महीना थोक महंगा
अप्रैल 0.85%
मई 0.39%
जून -0.13%
जुलाई -0.58%
अगस्त 0.52%
सितंबर 0.13%
अक्टूबर -1.21%
नवंबर -0.32%
दिसंबर 0.83%
जनवरी 1.81%
फरवरी 2.13%
मार्च 3.88%

होलसेल महंगाई के 4 हिस्से

प्राइमरी आर्टिकल, जिसका वेटेज 22.62% है। फ्यूल एंड पावर का वेटेज 13.15% और मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट का वेटेज सबसे ज्यादा 64.23% है। प्राइमरी आर्टिकल के भी चार हिस्से हैं।

  • फूड आर्टिकल्स जैसे अनाज, गेहूं, सब्जियां
  • नॉन फूड आर्टिकल में ऑयल सीड आते हैं
  • मिनरल्स
  • क्रूड पेट्रोलियम

मार्च में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.4% पहुंची

मार्च में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.4% पहुंच गई है। इससे पहले फरवरी में यह 3.21% थी। महंगाई में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग चल रही है।

होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) का आम आदमी पर असर

थोक महंगाई के लंबे समय तक बढ़े रहने से ज्यादातर प्रोडक्टिव सेक्टर पर इसका बुरा असर पड़ता है। अगर थोक मूल्य बहुत ज्यादा समय तक ऊंचे स्तर पर रहता है तो प्रोड्यूसर इसका बोझ कंज्यूमर्स पर डाल देते हैं। सरकार केवल टैक्स के जरिए WPI को कंट्रोल कर सकती है।

जैसे कच्चे तेल में तेज बढ़ोतरी की स्थिति में सरकार ने ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी कटौती की थी। हालांकि, सरकार टैक्स कटौती एक सीमा में ही कम कर सकती है। WPI में ज्यादा वेटेज मेटल, केमिकल, प्लास्टिक, रबर जैसे फैक्ट्री से जुड़े सामानों का होता है।

महंगाई कैसे मापी जाती है?

भारत में दो तरह की महंगाई होती है। एक रिटेल यानी खुदरा और दूसरी थोक महंगाई होती है। रिटेल महंगाई दर आम ग्राहकों की तरफ से दी जाने वाली कीमतों पर आधारित होती है। इसको कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) भी कहते हैं। वहीं, होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) का अर्थ उन कीमतों से होता है, जो थोक बाजार में एक कारोबारी दूसरे कारोबारी से वसूलता है।

महंगाई मापने के लिए अलग-अलग आइटम्स को शामिल किया जाता है। जैसे थोक महंगाई में मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी 63.75%, प्राइमरी आर्टिकल जैसे फूड 22.62% और फ्यूल एंड पावर 13.15% होती है। वहीं, रिटेल महंगाई में फूड और प्रोडक्ट की भागीदारी 45.86%, हाउसिंग की 10.07% और फ्यूल सहित अन्य आइटम्स की भी भागीदारी होती है।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Aamir Khan Marries Girlfriend Gauri Khan July 5

July 3, 2026/
9:05 am

2 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्टर आमिर खान ने गुरुवार को पब्लिकली अपनी तीसरी शादी को कन्फर्म कर दिया...

लौकी कटलेट: लौकी के क्रिस्पी कटलेट, बच्चे भी मांग-मांग कर खाएंगे; नाश्ता हो या शाम की चाय, दो गुना हो जायेगा स्वाद

April 28, 2026/
9:13 pm

लौकी कटलेट रेसिपी: थकान की थकान खाने के बाद शाम की चाय के साथ कुछ चित्र और चटपटे का मन...

सावन 2026 हरी चूड़ी डिजाइन

July 21, 2026/
9:16 pm

21 जुलाई 2026 को 21:16 IST पर अद्यतन किया गया सावन 2026 के लिए ट्रेंडी हरी चूड़ियाँ डिज़ाइन: सावन के...

नेटफ्लिक्स के शो लॉकअप-2 में फूट-फूटकर रोईं सुनीता:कहा- सूप कौए के पेशाब जैसा; डायबिटीज है फिर भी भूखी रहीं; शो से निकलने की मांग की

July 6, 2026/
12:20 pm

नेटफ्लिक्स पर प्रीमियर हो रहे रियलिटी शो लॉक-अप 2 में कंटेस्टेंट्स ने दिए जा रहे खाने की क्वालिटी पर संगीन...

Dewas Firecracker Factory Blast | 3 Dead, 25 Injured

May 14, 2026/
5:37 pm

“इन्हें उठाओ…जल्दी बाहर लेकर चलो…कोई एंबुलेंस वाले को कॉल करो… इतने लोगों की यहां मौत हो गई…” देवास जिले के...

3 Dead in Family Feud Gunfire

February 17, 2026/
4:48 am

वॉशिंगटन डीसी5 दिन पहले कॉपी लिंक रोड आइलैंड में आइस हॉकी रिंग में गेम के दौरान शूटिंग का सीसीटीवी वीडियो...

धुरंधर 2 से क्लैश का इंडस्ट्री में डर:टॉक्सिक के बाद अदिवी शेष की डकैत की भी रिलीज टली, 19 मार्च की जगह 10 अप्रैल को आएगी

March 11, 2026/
10:54 am

रणवीर सिंह स्टारर मोस्ट अवेटेड फिल्म धुरंधरः द रिवेंज 19 मार्च को रिलीज होने के लिए शेड्यूल है। पहले केजीएफ...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Wholesale Inflation Hits 3.88% in March; Essentials, Fuel Costlier

Wholesale Inflation Hits 3.88% in March; Essentials, Fuel Costlier

नई दिल्ली10 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

मार्च में थोक महंगाई (WPI) बढ़कर 3.88% पर पहुंच गई है। ये महंगाई का 38 महीने का हाई लेवल है। जनवरी 2023 में थोक महंगाई 4.73% पर पहुंच गई थी।

इससे पहले फरवरी 2026 में थोक महंगाई 2.13% पर थी। वहीं जनवरी में थोक महंगाई 1.81% पर थी। कॉमर्स मिनिस्ट्री ने आज यानी 15 अप्रैल को थोक महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं।

रोजाना जरूरत के सामान, खाने-पीने की चीजें महंगी हुईं

  • रोजाना की जरूरत वाले सामानों (प्राइमरी आर्टिकल्स) की महंगाई 3.27% से बढ़कर 6.36% हो गई।
  • खाने-पीने की चीजों (फूड इंडेक्स) की महंगाई में कोई बदलाव नहीं है, ये 1.85% पर बनी हुई है।
  • फ्यूल और पावर की थोक महंगाई दर माइनस 3.78% से बढ़कर 1.05% हो गई है।
  • मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स की थोक महंगाई दर 2.92% से बढ़कर 3.39% रही।

वित्त वर्ष 2025-26 में थोक महंगाई

महीना थोक महंगा
अप्रैल 0.85%
मई 0.39%
जून -0.13%
जुलाई -0.58%
अगस्त 0.52%
सितंबर 0.13%
अक्टूबर -1.21%
नवंबर -0.32%
दिसंबर 0.83%
जनवरी 1.81%
फरवरी 2.13%
मार्च 3.88%

होलसेल महंगाई के 4 हिस्से

प्राइमरी आर्टिकल, जिसका वेटेज 22.62% है। फ्यूल एंड पावर का वेटेज 13.15% और मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट का वेटेज सबसे ज्यादा 64.23% है। प्राइमरी आर्टिकल के भी चार हिस्से हैं।

  • फूड आर्टिकल्स जैसे अनाज, गेहूं, सब्जियां
  • नॉन फूड आर्टिकल में ऑयल सीड आते हैं
  • मिनरल्स
  • क्रूड पेट्रोलियम

मार्च में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.4% पहुंची

मार्च में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.4% पहुंच गई है। इससे पहले फरवरी में यह 3.21% थी। महंगाई में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग चल रही है।

होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) का आम आदमी पर असर

थोक महंगाई के लंबे समय तक बढ़े रहने से ज्यादातर प्रोडक्टिव सेक्टर पर इसका बुरा असर पड़ता है। अगर थोक मूल्य बहुत ज्यादा समय तक ऊंचे स्तर पर रहता है तो प्रोड्यूसर इसका बोझ कंज्यूमर्स पर डाल देते हैं। सरकार केवल टैक्स के जरिए WPI को कंट्रोल कर सकती है।

जैसे कच्चे तेल में तेज बढ़ोतरी की स्थिति में सरकार ने ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी कटौती की थी। हालांकि, सरकार टैक्स कटौती एक सीमा में ही कम कर सकती है। WPI में ज्यादा वेटेज मेटल, केमिकल, प्लास्टिक, रबर जैसे फैक्ट्री से जुड़े सामानों का होता है।

महंगाई कैसे मापी जाती है?

भारत में दो तरह की महंगाई होती है। एक रिटेल यानी खुदरा और दूसरी थोक महंगाई होती है। रिटेल महंगाई दर आम ग्राहकों की तरफ से दी जाने वाली कीमतों पर आधारित होती है। इसको कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) भी कहते हैं। वहीं, होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) का अर्थ उन कीमतों से होता है, जो थोक बाजार में एक कारोबारी दूसरे कारोबारी से वसूलता है।

महंगाई मापने के लिए अलग-अलग आइटम्स को शामिल किया जाता है। जैसे थोक महंगाई में मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी 63.75%, प्राइमरी आर्टिकल जैसे फूड 22.62% और फ्यूल एंड पावर 13.15% होती है। वहीं, रिटेल महंगाई में फूड और प्रोडक्ट की भागीदारी 45.86%, हाउसिंग की 10.07% और फ्यूल सहित अन्य आइटम्स की भी भागीदारी होती है।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.