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Vaishali First Indian Woman Chess Candidates Winner

Vaishali First Indian Woman Chess Candidates Winner
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  • Vaishali First Indian Woman Chess Candidates Winner | Faces Ju Wenjun

7 मिनट पहले

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रमेशबाबू 10 साल में वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली गैर-चीनी खिलाड़ी हैं।

भारत की 24 साल की शतरंज खिलाड़ी वैशाली रमेशबाबू ने 15 अप्रैल को साइप्रस के कैप सेंट जॉर्ज होटल एंड रिसॉर्ट में खेले गए फाइनल राउंड में शानदार जीत दर्ज की और FIDE वीमेंस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 का खिताब जीत लिया। इस जीत के साथ कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। अब वे वर्ल्ड चैंपियनशिप में चीन की मौजूदा विश्व चैंपियन जू वेनजुन को चुनौती देंगी।

वैशाली ने फाइनल राउंड में सफेद मोहरों से खेलते हुए रूस की अनुभवी खिलाड़ी कैटरिना लग्नो को हराया।

ओपनिंग से ही बनाई मजबूत पकड़

रूस की कैटरिना लग्नो ने मुकाबले की शुरुआत में सिसिलियन डिफेंस की ड्रैगन वेरिएशन अपनाई। यानी उन्होंने अपने किंग को सुरक्षित रखते हुए काले मोहरों को इस तरह जमाया कि उनका ऊँट (बिशप) कोने से लंबी दूरी तक असर डाल सके।

इसके जवाब में वैशाली रमेश बाबू ने यूगोस्लाव अटैक खेला। मतलब, उन्होंने शुरुआत से ही सफेद मोहरों से किंग साइड पर तेज हमला करने की रणनीति अपनाई और खेल पर पकड़ बना ली।

करीब 16वीं चाल तक वैशाली के पास साफ बढ़त थी। इसके बाद उन्होंने बिना जल्दबाज़ी किए अपनी स्थिति को और मजबूत किया और धीरे-धीरे उसे जीत में बदल दिया। इस दौरान उन्होंने रूसी खिलाड़ी की गलतियों का भी पूरा फायदा उठाया।

48वीं चाल पर लग्नो ने हार मान ली। उस समय वैशाली के पास क्वीन और दो हाथी (रूक) थे, जबकि लग्नो के पास सिर्फ क्वीन और ऊँट ही बचा था। यह स्थिति साफ तौर पर वैशाली के पक्ष में थी, इसलिए जीत तय हो गई।

दूसरे मैच के ड्रॉ से मिला फायदा

आखिरी राउंड शुरू होने से पहले वैशाली रमेशबाबू और कजाकिस्तान की बिबिसारा असौबायेवा 7.5 अंको के साथ बराबरी पर थीं।

आखिरी मुकाबले में कजाकिस्तानी खिलाड़ी को भारत की दिव्या देशमुख ने ड्रॉ पर रोक दिया। इसका फायदा वैशाली को मिला, जिससे उन्हें बढ़त हासिल हुई और वे चैंपियन बन गईं।

धीमी शुरुआत के बाद शानदार वापसी

वैशाली टूर्नामेंट में सबसे कम रेटिंग वाली खिलाड़ी थीं। पहले चार मुकाबले ड्रॉ रहे और पांचवें में हार मिली। इसके बाद उन्होंने लगातार बेहतर खेल दिखाते हुए वापसी की और खिताब जीत लिया।

10 साल बाद कोई गैर चीनी खिलाड़ी फाइनल में

साल 2016 से विमेंस वर्ल्ड चैंपियनशिप पूरी तरह से चीनी खिलाड़ियों के कब्जे में रही है। वैशाली पिछले एक दशक में पहली ऐसी खिलाड़ी हैं जो चीन के इस दबदबे को चुनौती देंगी। खेल विशेषज्ञ अब वैशाली की तुलना गुकेश से कर रहे हैं, जिन्होंने 2024 में चीन के ही डिंग लिरेन को हराकर वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती थी। उम्मीद जताई जा रही है कि 2026 में वैशाली भी जू वेनजुन को हराकर वही कारनामा दोहराएंगी।

गुकेश ने जीता था पिछला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट

पिछली बार भारत के डी गुकेश ने इसे जीतकर चीन के डिंग लिरेन को चुनौती दी थी। तब गुकेश कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतने वाले भारत के दूसरे खिलाड़ी बने थे। 5 बार के वर्ल्ड चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने 1995 में पहली बार कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीता था।

कैंडिडेट्स टूर्नामेंट क्या है और क्यों अहम

कैंडिडेट्स टूर्नामेंट शतरंज की दुनिया का सबसे अहम इवेंट माना जाता है, क्योंकि यही तय करता है कि वर्ल्ड चैंपियन को अगला चैलेंजर कौन होगा। इसे वर्ल्ड चैंपियनशिप का सेमीफाइनल भी कहा जाता है। विजेता को सीधे वर्ल्ड चैंपियन से खेलने का मौका मिलता है। यह शतरंज का सबसे बड़ा क्वालिफाइंग टूर्नामेंट है।

कैंडिडेट्स टूर्नामेंट हर दो साल में होता है और विजेता वर्ल्ड चैंपियन को चुनौती देता है। ओपन कैटेगरी के विजेता का मुकाबला भारत के डी गुकेश से, जबकि विमेंस कैटेगरी की विजेता चीन की जू वेनजुन से होगा।

कैसे होता है टूर्नामेंट?

  • इसमें दुनिया के टॉप 8 खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं।
  • सभी खिलाड़ी एक-दूसरे से 2 बार (राउंड-रॉबिन फॉर्मेट) खेलते हैं।
  • कुल 14 राउंड होते हैं।
  • हर जीत पर 1 अंक, ड्रॉ पर 0.5 अंक मिलता है।
  • सबसे ज्यादा पॉइंट्स वाला खिलाड़ी विजेता बनता है।———————————————-स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें…मार्श का 102 मीटर लंबा सिक्स:पंत रिटायर हर्ट हुए, कोहली 49 पर आउट, जितेश के सिक्स पर बॉल बॉय का कैच; मोमेंट्स रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2026 के 23वें मैच में लखनऊ सुपर जाएंट्स को 5 विकेट से हराया। चिन्नास्वामी स्टेडियम में मिचेल मार्श ने 102 मीटर लंबा सिक्स लगाया। लखनऊ के कप्तान ऋषभ पंत चोटिल होकर रिटायर हर्ट हुए। पूरी खबर

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रमेशबाबू 10 साल में वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली गैर-चीनी खिलाड़ी हैं।

भारत की 24 साल की शतरंज खिलाड़ी वैशाली रमेशबाबू ने 15 अप्रैल को साइप्रस के कैप सेंट जॉर्ज होटल एंड रिसॉर्ट में खेले गए फाइनल राउंड में शानदार जीत दर्ज की और FIDE वीमेंस कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 का खिताब जीत लिया। इस जीत के साथ कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। अब वे वर्ल्ड चैंपियनशिप में चीन की मौजूदा विश्व चैंपियन जू वेनजुन को चुनौती देंगी।

वैशाली ने फाइनल राउंड में सफेद मोहरों से खेलते हुए रूस की अनुभवी खिलाड़ी कैटरिना लग्नो को हराया।

ओपनिंग से ही बनाई मजबूत पकड़

रूस की कैटरिना लग्नो ने मुकाबले की शुरुआत में सिसिलियन डिफेंस की ड्रैगन वेरिएशन अपनाई। यानी उन्होंने अपने किंग को सुरक्षित रखते हुए काले मोहरों को इस तरह जमाया कि उनका ऊँट (बिशप) कोने से लंबी दूरी तक असर डाल सके।

इसके जवाब में वैशाली रमेश बाबू ने यूगोस्लाव अटैक खेला। मतलब, उन्होंने शुरुआत से ही सफेद मोहरों से किंग साइड पर तेज हमला करने की रणनीति अपनाई और खेल पर पकड़ बना ली।

करीब 16वीं चाल तक वैशाली के पास साफ बढ़त थी। इसके बाद उन्होंने बिना जल्दबाज़ी किए अपनी स्थिति को और मजबूत किया और धीरे-धीरे उसे जीत में बदल दिया। इस दौरान उन्होंने रूसी खिलाड़ी की गलतियों का भी पूरा फायदा उठाया।

48वीं चाल पर लग्नो ने हार मान ली। उस समय वैशाली के पास क्वीन और दो हाथी (रूक) थे, जबकि लग्नो के पास सिर्फ क्वीन और ऊँट ही बचा था। यह स्थिति साफ तौर पर वैशाली के पक्ष में थी, इसलिए जीत तय हो गई।

दूसरे मैच के ड्रॉ से मिला फायदा

आखिरी राउंड शुरू होने से पहले वैशाली रमेशबाबू और कजाकिस्तान की बिबिसारा असौबायेवा 7.5 अंको के साथ बराबरी पर थीं।

आखिरी मुकाबले में कजाकिस्तानी खिलाड़ी को भारत की दिव्या देशमुख ने ड्रॉ पर रोक दिया। इसका फायदा वैशाली को मिला, जिससे उन्हें बढ़त हासिल हुई और वे चैंपियन बन गईं।

धीमी शुरुआत के बाद शानदार वापसी

वैशाली टूर्नामेंट में सबसे कम रेटिंग वाली खिलाड़ी थीं। पहले चार मुकाबले ड्रॉ रहे और पांचवें में हार मिली। इसके बाद उन्होंने लगातार बेहतर खेल दिखाते हुए वापसी की और खिताब जीत लिया।

10 साल बाद कोई गैर चीनी खिलाड़ी फाइनल में

साल 2016 से विमेंस वर्ल्ड चैंपियनशिप पूरी तरह से चीनी खिलाड़ियों के कब्जे में रही है। वैशाली पिछले एक दशक में पहली ऐसी खिलाड़ी हैं जो चीन के इस दबदबे को चुनौती देंगी। खेल विशेषज्ञ अब वैशाली की तुलना गुकेश से कर रहे हैं, जिन्होंने 2024 में चीन के ही डिंग लिरेन को हराकर वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती थी। उम्मीद जताई जा रही है कि 2026 में वैशाली भी जू वेनजुन को हराकर वही कारनामा दोहराएंगी।

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कैंडिडेट्स टूर्नामेंट हर दो साल में होता है और विजेता वर्ल्ड चैंपियन को चुनौती देता है। ओपन कैटेगरी के विजेता का मुकाबला भारत के डी गुकेश से, जबकि विमेंस कैटेगरी की विजेता चीन की जू वेनजुन से होगा।

कैसे होता है टूर्नामेंट?

  • इसमें दुनिया के टॉप 8 खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं।
  • सभी खिलाड़ी एक-दूसरे से 2 बार (राउंड-रॉबिन फॉर्मेट) खेलते हैं।
  • कुल 14 राउंड होते हैं।
  • हर जीत पर 1 अंक, ड्रॉ पर 0.5 अंक मिलता है।
  • सबसे ज्यादा पॉइंट्स वाला खिलाड़ी विजेता बनता है।———————————————-स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें…मार्श का 102 मीटर लंबा सिक्स:पंत रिटायर हर्ट हुए, कोहली 49 पर आउट, जितेश के सिक्स पर बॉल बॉय का कैच; मोमेंट्स रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2026 के 23वें मैच में लखनऊ सुपर जाएंट्स को 5 विकेट से हराया। चिन्नास्वामी स्टेडियम में मिचेल मार्श ने 102 मीटर लंबा सिक्स लगाया। लखनऊ के कप्तान ऋषभ पंत चोटिल होकर रिटायर हर्ट हुए। पूरी खबर

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