झाबुआ में NSUI ने दिल्ली में कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार को प्रदर्शन किया। संगठन के सदस्यों ने शहीद चंद्रशेखर आजाद पीजी कॉलेज के मुख्य द्वार पर पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का पुतला जलाया। छात्र नेता दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और दूरदर्शन के एंकर की टिप्पणी का विरोध कर रहे थे। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को बताया लोकतंत्र की हत्या NSUI जिलाध्यक्ष नरवेश अमलियार ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस द्वारा कार्यकर्ताओं को ढूंढ-ढूंढकर गिरफ्तार करना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने दूरदर्शन के एंकर अशोक श्रीवास्तव द्वारा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ की गई टिप्पणी को अपमानजनक बताया। अमलियार ने कहा कि सार्वजनिक प्रसारक होने के बावजूद दूरदर्शन विशेष विचारधारा के प्रचार का माध्यम बन गया है। रिहाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि दिल्ली में गिरफ्तार किए गए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा नहीं किया गया, तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि छात्र संगठन के लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिश बंद की जाए। कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर के बाहर जमकर नारेबाजी कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। बड़ी संख्या में छात्र नेता रहे मौजूद इस विरोध प्रदर्शन में एनएसयूआई नेता निलेश गणावा, जिला महामंत्री विनोद गणावा और मॉडल कॉलेज अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया सहित दर्जनों पदाधिकारी शामिल हुए। संगठन मंत्री अनिल भाबोर और सतीश मेड़ा सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पुलिस ने एहतियात के तौर पर मौके पर सुरक्षा बल तैनात किया था।
















































