Sunday, 13 Sep 2026 | 06:09 AM

Trending :

Went to Russia for studies and job, made soldiers and threw them into war

Went to Russia for studies and job, made soldiers and threw them into war
  • Hindi News
  • National
  • Went To Russia For Studies And Job, Made Soldiers And Threw Them Into War

रविंद्र शांडिल्य.नई दिल्ली/कैथल52 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

एजेंटों ने झांसा देकर युवाओं को स्टडी, वर्क, टूरिस्ट वीसा पर रूस भेजा।

हरियाणा के रेवाड़ी का अंशु पढ़ाई के लिए रूस गया था। वहां उसे सैनिक बनाकर यूक्रेन युद्ध में उतार दिया गया। वार जोन में उसकी मौत हो गई। करीब 6 महीने बाद 17 अप्रैल को उसका शव घर पहुंचा। परिवार पर दर्द का पहाड़ टूट पड़ा है।

ऐसा ही दर्द हरियाणा, पंजाब, राजस्थान जैसे देश के कई राज्यों के कई परिवारों का है। जवान बेटों को रूस भेजने के लिए किसी ने जमीन बेची तो किसी ने कर्ज लिया। अब वहां किसी की मौत हो गई तो कोई लापता है। डेढ़ साल में 4 राज्यों के 13 युवाओं के शव घर आ चुके हैं। देशभर के सैकड़ों युवा अभी भी लापता हैं।

दैनिक भास्कर ने ऐसे युवाओं के परिवारों से बात की। पता चला कि एजेंटों ने झांसा देकर युवाओं को स्टडी, वर्क, टूरिस्ट वीसा पर रूस भेजा। वहां पैसों का लालच देकर या डरा-धमकाकर जबरन आर्मी में भर्ती का कॉन्ट्रैक्ट साइन कराया। फिर 10-15 दिन की ट्रेनिंग देकर युद्ध में फ्रंट लाइन पर भेज दिया। अब कई युवाओं के शव रूसी झंडे में लिपटकर घर पहुंच रहे हैं।

किसी का शव घर आया तो किसी की कोई खबर नहीं…

ये वे युवा हैं, जिनके परिवारों से भास्कर ने बात की है। इसके अलावा कई राज्यों के युवक महीनों से लापता हैं, कोई पता नहीं चल रहा।

हरियाणा- विकास, अनुज (करनाल), अंशु (रेवाड़ी), अंकित(फतेहाबाद), रवि, गीतिक शर्मा, कर्मचंद (कैथल), सोनू (हिसार), अंकित (सोनीपत)

पंजाब – समरजीत (लुधियाना), मनदीप (जालंधर)

राजस्थान – अजय (बीकानेर)

जम्मू-कश्मीर – सचिन, खाऊर पालनवाला (जम्मू)

4 राज्यों के 26 परिवारों की सुप्रीम कोर्ट से गुहार

इस पूरे मामले में 4 राज्यों के 26 युवाओं के परिजनों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस पर 24 अप्रैल को सुनवाई है। रोहतक के श्रीभगवान व हिसार के विकास ने बताया कि उन परिवारों से संपर्क किया गया, जिनके बच्चे रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे हैं या मौत हो गई। याचिका में मांग की गई है कि जबरन युद्ध में धकेले गए युवाओं की स्थिति बताई जाए। मरने वाले के परिवारों को मुआवजा दिया जाए। झांसा देकर सेना में भेजने वाले एजेंटों पर कार्रवाई की जाए।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
SRH batter Heinrich Klaasen. (AP Photo)

May 6, 2026/
9:32 pm

आखरी अपडेट:06 मई, 2026, 21:32 IST तमिलनाडु में त्रिशंकु जनादेश के बाद तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) सहयोगियों की तलाश में...

पैट कमिंस फिट हुए:सिडनी में बैक स्कैन की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, 25 अप्रैल को राजस्थान के खिलाफ मैच से वापसी कर सकते हैं

April 16, 2026/
8:41 am

सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के कप्तान पैट कमिंस अपनी कमर की चोट से पूरी तरह उबर चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी...

भारत सबसे ज्यादा 15वीं बार ICC फाइनल खेलेगा:कपिल से रोहित तक 7 ट्रॉफी की कहानी; ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरी सबसे सफल टीम

March 7, 2026/
4:30 am

भारतीय क्रिकेट टीम ICC टूर्नामेंट के इतिहास में रिकॉर्ड 15वीं बार फाइनल खेलने उतरेगी। 1983 में कपिल देव की कप्तानी...

सरकार अपना काम कर रही है, विपक्ष को मंदिर विवाद का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए: आनंद रंगनाथन | न्यूज18

June 19, 2026/
8:13 pm

सीएनएन नाम, लोगो और सभी संबंधित तत्व ® और © 2026 केबल न्यूज नेटवर्क एलपी, एलएलएलपी। एक टाइम वार्नर कंपनी।...

google-color.svg

May 18, 2026/
11:34 am

दूध को “संपूर्ण आहार” माना जाता है, क्योंकि इसमें कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं. लेकिन...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Went to Russia for studies and job, made soldiers and threw them into war

Went to Russia for studies and job, made soldiers and threw them into war
  • Hindi News
  • National
  • Went To Russia For Studies And Job, Made Soldiers And Threw Them Into War

रविंद्र शांडिल्य.नई दिल्ली/कैथल52 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

एजेंटों ने झांसा देकर युवाओं को स्टडी, वर्क, टूरिस्ट वीसा पर रूस भेजा।

हरियाणा के रेवाड़ी का अंशु पढ़ाई के लिए रूस गया था। वहां उसे सैनिक बनाकर यूक्रेन युद्ध में उतार दिया गया। वार जोन में उसकी मौत हो गई। करीब 6 महीने बाद 17 अप्रैल को उसका शव घर पहुंचा। परिवार पर दर्द का पहाड़ टूट पड़ा है।

ऐसा ही दर्द हरियाणा, पंजाब, राजस्थान जैसे देश के कई राज्यों के कई परिवारों का है। जवान बेटों को रूस भेजने के लिए किसी ने जमीन बेची तो किसी ने कर्ज लिया। अब वहां किसी की मौत हो गई तो कोई लापता है। डेढ़ साल में 4 राज्यों के 13 युवाओं के शव घर आ चुके हैं। देशभर के सैकड़ों युवा अभी भी लापता हैं।

दैनिक भास्कर ने ऐसे युवाओं के परिवारों से बात की। पता चला कि एजेंटों ने झांसा देकर युवाओं को स्टडी, वर्क, टूरिस्ट वीसा पर रूस भेजा। वहां पैसों का लालच देकर या डरा-धमकाकर जबरन आर्मी में भर्ती का कॉन्ट्रैक्ट साइन कराया। फिर 10-15 दिन की ट्रेनिंग देकर युद्ध में फ्रंट लाइन पर भेज दिया। अब कई युवाओं के शव रूसी झंडे में लिपटकर घर पहुंच रहे हैं।

किसी का शव घर आया तो किसी की कोई खबर नहीं…

ये वे युवा हैं, जिनके परिवारों से भास्कर ने बात की है। इसके अलावा कई राज्यों के युवक महीनों से लापता हैं, कोई पता नहीं चल रहा।

हरियाणा- विकास, अनुज (करनाल), अंशु (रेवाड़ी), अंकित(फतेहाबाद), रवि, गीतिक शर्मा, कर्मचंद (कैथल), सोनू (हिसार), अंकित (सोनीपत)

पंजाब – समरजीत (लुधियाना), मनदीप (जालंधर)

राजस्थान – अजय (बीकानेर)

जम्मू-कश्मीर – सचिन, खाऊर पालनवाला (जम्मू)

4 राज्यों के 26 परिवारों की सुप्रीम कोर्ट से गुहार

इस पूरे मामले में 4 राज्यों के 26 युवाओं के परिजनों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस पर 24 अप्रैल को सुनवाई है। रोहतक के श्रीभगवान व हिसार के विकास ने बताया कि उन परिवारों से संपर्क किया गया, जिनके बच्चे रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे हैं या मौत हो गई। याचिका में मांग की गई है कि जबरन युद्ध में धकेले गए युवाओं की स्थिति बताई जाए। मरने वाले के परिवारों को मुआवजा दिया जाए। झांसा देकर सेना में भेजने वाले एजेंटों पर कार्रवाई की जाए।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.