विदिशा जिले में गेहूं उपार्जन प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की। जिलाध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने आरोप लगाया कि उपार्जन प्रक्रिया में बड़े किसानों के स्लॉट बुक नहीं हो पा रहे हैं, जबकि वे भी KCC के जरिए कर्ज लेकर खेती करते हैं। सैटेलाइट आधारित स्लॉट बुकिंग को उन्होंने जटिल बताया। कांग्रेस ने कहा कि कई केंद्रों पर तुलाई में विसंगतियां हैं। कहीं कम रकबे पर ज्यादा स्लॉट, तो कहीं ज्यादा रकबे पर कम स्लॉट मिल रहे हैं। तुलाई के बाद भुगतान में देरी, बारदाने की कमी और वेयरहाउस में सीमित तुलाई जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। क्षमता से कम हो रही खरीदी, किसानों को नुकसान जहां प्रतिदिन 2500-3000 क्विंटल तुलाई होनी चाहिए, वहां केवल 1500 क्विंटल ही हो पा रही है। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं ने शनिवार की छुट्टी खत्म कर उस दिन भी तुलाई शुरू करने की मांग की, ताकि कम समय में अधिक उपार्जन हो सके। नेताओं ने कहा कि मौसम में बदलाव के कारण खुले में रखा गेहूं खराब होने का खतरा बना हुआ है, जिससे किसानों को और नुकसान हो सकता है। प्रदेश सचिव आनंद प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार की व्यवस्था ऐसी है, जिससे किसान मजबूरी में अपनी फसल कम दामों पर व्यापारियों को बेचने को विवश हो रहे हैं। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि 25 मई तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो जिले की सभी समितियों पर मुख्यमंत्री का ‘आंख बंद’ पुतला रखकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
















































