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Health Tips: गर्म खाना एल्युमिनियम फॉयल में रखना पड़ सकता है भारी, एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी

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रोटी और खाना पैक करने के लिए एल्युमिनियम फॉयल आसान विकल्प लगता है, लेकिन इसका रोजाना इस्तेमाल सही नहीं माना जाता. खासकर गर्म खाने के साथ यह आदत सेहत पर असर डाल सकती है.

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हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में कई ऐसी आदतें शामिल होती हैं, जिन्हें हम सालों से बिना ज्यादा सोचे अपनाते आ रहे हैं. खासकर रसोई से जुड़ी परंपराएं अक्सर एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक चलती रहती हैं. इन्हीं में से एक आदत है रोटी, पराठा या स्नैक्स को अखबार में लपेटकर रखना. समय बदला तो अखबार की जगह एल्युमिनियम फॉयल ने ले ली, लेकिन क्या ये दोनों तरीके सच में सुरक्षित हैं? विशेषज्ञों के अनुसार, सुविधा के लिए अपनाई गई ये आदतें सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं.

अखबार देखने में आसान विकल्प लगता है, लेकिन इसमें छपी स्याही और प्रिंटिंग केमिकल्स खाने के संपर्क में आ सकते हैं. खासतौर पर गरम, तैलीय या नम खाने की चीजें जब अखबार पर रखी जाती हैं, तो स्याही के कुछ तत्व भोजन में ट्रांसफर हो सकते हैं. यही वजह है कि कई स्वास्थ्य विशेषज्ञ खाने को सीधे अखबार पर रखने से बचने की सलाह देते हैं.

अक्सर बाजार में समोसा, पकौड़े, जलेबी या अन्य स्नैक्स अखबार में लपेटकर दिए जाते हैं. लोग इसे सामान्य मानते हैं, लेकिन बार-बार ऐसा खाना खाने से अनचाहे रसायनों के शरीर में जाने की संभावना बढ़ सकती है. इसका असर तुरंत महसूस न हो, लेकिन लंबे समय में यह आदत बेहतर नहीं मानी जाती.

एल्युमिनियम फॉयल भी हर बार सही विकल्प नहीं
कई लोग सोचते हैं कि फॉयल अखबार से बेहतर और पूरी तरह सुरक्षित है. हालांकि फॉयल कई मामलों में ज्यादा साफ-सुथरा विकल्प माना जाता है, लेकिन इसका इस्तेमाल भी समझदारी से करना चाहिए. जब बहुत गरम, खट्टा या ज्यादा मसालेदार खाना लंबे समय तक फॉयल में रखा जाता है, तो एल्युमिनियम की थोड़ी मात्रा भोजन में मिल सकती है. यह मात्रा सामान्य तौर पर कम होती है, लेकिन रोजाना और बार-बार ऐसा करना आदत बन जाए तो इससे बचना बेहतर माना जाता है. खासतौर पर गर्म खाने को सीधे फॉयल में पैक करके लंबे समय तक रखने से परहेज करना चाहिए.

कौन-कौन सी चीजें ज्यादा रिस्की हैं
नींबू वाला खाना, टमाटर आधारित डिश, इमली, सिरके वाली सब्जियां या बहुत मसालेदार व्यंजन फॉयल के साथ ज्यादा प्रतिक्रिया कर सकते हैं. इसी तरह गरमा-गरम पराठे या तैलीय स्नैक्स अखबार में लपेटना भी अच्छा विकल्प नहीं है. अगर आप खाना पैक करना चाहते हैं या गर्म रोटी रखना चाहते हैं, तो स्टील के डिब्बे, कांच के कंटेनर या फूड-ग्रेड डिब्बे अच्छे विकल्प हैं. इसके अलावा साफ सूती कपड़ा, मलमल का कपड़ा या फूड-सेफ पेपर भी इस्तेमाल किया जा सकता है. रोटी रखने के लिए कपड़े का डिब्बा या इंसुलेटेड कैसरोल भी अच्छा रहता है. इससे रोटी नरम भी रहती है और अनावश्यक केमिकल संपर्क से भी बचाव होता है.

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Vividha Singh

विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें

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अखबार देखने में आसान विकल्प लगता है, लेकिन इसमें छपी स्याही और प्रिंटिंग केमिकल्स खाने के संपर्क में आ सकते हैं. खासतौर पर गरम, तैलीय या नम खाने की चीजें जब अखबार पर रखी जाती हैं, तो स्याही के कुछ तत्व भोजन में ट्रांसफर हो सकते हैं. यही वजह है कि कई स्वास्थ्य विशेषज्ञ खाने को सीधे अखबार पर रखने से बचने की सलाह देते हैं.

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नींबू वाला खाना, टमाटर आधारित डिश, इमली, सिरके वाली सब्जियां या बहुत मसालेदार व्यंजन फॉयल के साथ ज्यादा प्रतिक्रिया कर सकते हैं. इसी तरह गरमा-गरम पराठे या तैलीय स्नैक्स अखबार में लपेटना भी अच्छा विकल्प नहीं है. अगर आप खाना पैक करना चाहते हैं या गर्म रोटी रखना चाहते हैं, तो स्टील के डिब्बे, कांच के कंटेनर या फूड-ग्रेड डिब्बे अच्छे विकल्प हैं. इसके अलावा साफ सूती कपड़ा, मलमल का कपड़ा या फूड-सेफ पेपर भी इस्तेमाल किया जा सकता है. रोटी रखने के लिए कपड़े का डिब्बा या इंसुलेटेड कैसरोल भी अच्छा रहता है. इससे रोटी नरम भी रहती है और अनावश्यक केमिकल संपर्क से भी बचाव होता है.

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विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें

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