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सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी:कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट

सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी:कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट

सरकार ने एविएशन सेक्टर में प्रदूषण कम करने और महंगे कच्चे तेल के आयात को घटाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल ब्लेंडिंग को मंजूरी दे दी है। इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर ATF मार्केटिंग नियमों में बदलाव किया है। इस फैसले से न केवल हवाई यात्रा क्लीन होगी, बल्कि भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता भी कम होगी। नए नियमों के तहत फ्यूल की परिभाषा बदली मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार, अब एविएशन टर्बाइन फ्यूल की परिभाषा को अपडेट किया गया है। अब एटीएफ में हाइड्रोकार्बन के साथ-साथ सिंथेसाइज्ड कंपोनेंट्स (जैसे एथेनॉल) को भी शामिल किया जा सकेगा। यह भारतीय मानकों के अनुरूप होगा। सरकार का यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहे सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) के चलन को ध्यान में रखकर किया गया है। तेल आयात और विदेशी मुद्रा की बचत होगी भारत अपनी जरूरत का करीब 87% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण अक्सर तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहता है, जिसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। हवाई ईंधन में एथेनॉल मिलाने से कच्चे तेल की खपत कम होगी, जिससे सरकार को विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिलेगी। गडकरी बोले- 100% एथेनॉल ब्लेंडिंग का टारगेट केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत को 100% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य रखना चाहिए। हमें फॉसिल फ्यूल (जीवाश्म ईंधन) पर अपनी निर्भरता को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत है। गडकरी लंबे समय से फ्लेक्स-फ्यूल और ग्रीन हाइड्रोजन के इस्तेमाल पर जोर दे रहे हैं। CAFE III नॉर्म्स से ईवी और फ्लेक्स-फ्यूल को राहत सरकार का ध्यान केवल विमानों तक ही सीमित नहीं है। गडकरी ने कहा कि अप्रैल 2027 से लागू होने वाले ‘कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी’ (CAFE) III नॉर्म्स का इलेक्ट्रिक वाहनों और फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों पर बुरा असर नहीं पड़ेगा। इसका मतलब है कि सरकार भविष्य में पर्यावरण के अनुकूल चलने वाली गाड़ियों को बढ़ावा देना जारी रखेगी। CAFE III नॉर्म्स वाहनों के औसत ईंधन उत्सर्जन को नियंत्रित करने के मानक हैं, जो पर्यावरण सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। क्या होता है सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF)? SAF एक ऐसा वैकल्पिक ईंधन है जिसे कुकिंग ऑयल, कृषि अवशेष और कचरे से तैयार किया जा सकता है। इसमें एथेनॉल का मिश्रण भी अहम भूमिका निभाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके इस्तेमाल के लिए विमान के इंजन या मौजूदा फ्यूल सप्लाई सिस्टम में बड़े बदलाव की जरूरत नहीं होती। यह पारंपरिक जेट फ्यूल के मुकाबले कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम कर देता है। ये खबर भी पढ़ें… टेक महिंद्रा का मुनाफा 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़: चौथी तिमाही में रेवेन्यू 12.64% बढ़ा, निवेशकों को 36 रुपए डिविडेंड देगी कंपनी टेक महिंद्रा का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंसॉलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार (YoY) 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़ हो गया। एक साल पहले की समान तिमाही (Q4FY25) में कंपनी को ₹1,167 करोड़ का मुनाफा हुआ था। आज (22 अप्रैल) को कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के नतीजे जारी किए हैं। इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 36 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। पूरी खबर पढ़ें…

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सरकार ने एविएशन फ्यूल में एथेनॉल मिलाने की मंजूरी दी:कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी; गडकरी बोले-100% ब्लेंडिंग का टारगेट

सरकार ने एविएशन सेक्टर में प्रदूषण कम करने और महंगे कच्चे तेल के आयात को घटाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में एथेनॉल ब्लेंडिंग को मंजूरी दे दी है। इसके लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर ATF मार्केटिंग नियमों में बदलाव किया है। इस फैसले से न केवल हवाई यात्रा क्लीन होगी, बल्कि भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता भी कम होगी। नए नियमों के तहत फ्यूल की परिभाषा बदली मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार, अब एविएशन टर्बाइन फ्यूल की परिभाषा को अपडेट किया गया है। अब एटीएफ में हाइड्रोकार्बन के साथ-साथ सिंथेसाइज्ड कंपोनेंट्स (जैसे एथेनॉल) को भी शामिल किया जा सकेगा। यह भारतीय मानकों के अनुरूप होगा। सरकार का यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहे सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) के चलन को ध्यान में रखकर किया गया है। तेल आयात और विदेशी मुद्रा की बचत होगी भारत अपनी जरूरत का करीब 87% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण अक्सर तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहता है, जिसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। हवाई ईंधन में एथेनॉल मिलाने से कच्चे तेल की खपत कम होगी, जिससे सरकार को विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिलेगी। गडकरी बोले- 100% एथेनॉल ब्लेंडिंग का टारगेट केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत को 100% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य रखना चाहिए। हमें फॉसिल फ्यूल (जीवाश्म ईंधन) पर अपनी निर्भरता को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत है। गडकरी लंबे समय से फ्लेक्स-फ्यूल और ग्रीन हाइड्रोजन के इस्तेमाल पर जोर दे रहे हैं। CAFE III नॉर्म्स से ईवी और फ्लेक्स-फ्यूल को राहत सरकार का ध्यान केवल विमानों तक ही सीमित नहीं है। गडकरी ने कहा कि अप्रैल 2027 से लागू होने वाले ‘कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी’ (CAFE) III नॉर्म्स का इलेक्ट्रिक वाहनों और फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों पर बुरा असर नहीं पड़ेगा। इसका मतलब है कि सरकार भविष्य में पर्यावरण के अनुकूल चलने वाली गाड़ियों को बढ़ावा देना जारी रखेगी। CAFE III नॉर्म्स वाहनों के औसत ईंधन उत्सर्जन को नियंत्रित करने के मानक हैं, जो पर्यावरण सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। क्या होता है सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF)? SAF एक ऐसा वैकल्पिक ईंधन है जिसे कुकिंग ऑयल, कृषि अवशेष और कचरे से तैयार किया जा सकता है। इसमें एथेनॉल का मिश्रण भी अहम भूमिका निभाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके इस्तेमाल के लिए विमान के इंजन या मौजूदा फ्यूल सप्लाई सिस्टम में बड़े बदलाव की जरूरत नहीं होती। यह पारंपरिक जेट फ्यूल के मुकाबले कार्बन उत्सर्जन को काफी हद तक कम कर देता है। ये खबर भी पढ़ें… टेक महिंद्रा का मुनाफा 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़: चौथी तिमाही में रेवेन्यू 12.64% बढ़ा, निवेशकों को 36 रुपए डिविडेंड देगी कंपनी टेक महिंद्रा का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंसॉलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार (YoY) 16% बढ़कर ₹1,354 करोड़ हो गया। एक साल पहले की समान तिमाही (Q4FY25) में कंपनी को ₹1,167 करोड़ का मुनाफा हुआ था। आज (22 अप्रैल) को कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के नतीजे जारी किए हैं। इसके अलावा कंपनी ने अपने निवेशकों को 36 रुपए का डिविडेंड देना का भी ऐलान किया है। पूरी खबर पढ़ें…

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