Sunday, 14 Jun 2026 | 12:07 PM

Trending :

EXCLUSIVE

Manipur Protest Crisis Photos Update; Meira Paibi Women

Manipur Protest Crisis Photos Update; Meira Paibi Women
  • Hindi News
  • National
  • Manipur Protest Crisis Photos Update; Meira Paibi Women | Imphal Rocket Attack

इंफाल8 घंटे पहलेलेखक: फुलैरात्मप केनी देवी

  • कॉपी लिंक

मेइरा पाईबी मैतेई महिलाओं का एक प्रमुख सामाजिक आंदोलन और समूह है।

मणिपुर में बीते 7 अप्रैल को रॉकेट हमले में दो बच्चों की मौत हो गई थी। प्रदर्शनों में 3 मौतें हो गई थीं। तबसे विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं। अशांति के बीच 18 अप्रैल से पूर्ण बंद लागू है। सामान्य जीवन ठप है।

इसी बीच अब मेइरा पाइबी समूह की महिलाएं सड़कों पर उतर आईं हैं। हजारों महिलाओं का यह समूह शांति-व्यवस्था के लिए न केवल सड़कों पर प्रदर्शन कर रहा है, बल्कि सामाजिक स्तर पर लोगों को भी जोड़ रहा है।

ये महिलाएं दिन में रास्ते रोक रही हैं, धरना दे रही हैं। वहां से न पुलिस निकल सकती है, न कोई और। वहीं, रात में मशाल रैलियों से इलाकों की पहरेदारी भी कर रही हैं।

एक प्रदर्शनकारी महिला ने बताया- घर संभालना, आंदोलन में जाना और रोजी-रोटी की चिंता, तीनों को साथ लेकर चलना चुनौतीपूर्ण है। इसके बावजूद यह मेरी नैतिक जिम्मेदारी है और मैं हर चीज संतुलित कर रही हूं।

मेइरा पाईबी मणिपुर में शांति की बहाली की मांग करते हुए सड़कों पर उतरी हैं।

मेइरा पाईबी मणिपुर में शांति की बहाली की मांग करते हुए सड़कों पर उतरी हैं।

बड़े स्तर पर आंदोलन की तैयारी

– लगातार बंद के कारण आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा है। ख्वैरामबंद इमा मार्केट में कुछ महिला विक्रेता दुकानें खोलने को मजबूर हुई हैं। अनीता लौरेंबम ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं कि वे आंदोलन के खिलाफ हैं। वे इस काम के बाद आंदोलन में शामिल होंगी। – नागरिक संगठन ‘कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी’ ने 25 अप्रैल को बड़े स्तर पर आंदोलन की घोषणा की है।

मेइरा पाईबी मुख्य रूप से मानवाधिकारों की रक्षा और संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भूमिका निभाती हैं।

मेइरा पाईबी मुख्य रूप से मानवाधिकारों की रक्षा और संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भूमिका निभाती हैं।

46 सालों से सक्रिय है ‘मेइरा पाइबी’

– 80 के दशक में शराबखोरी और मादक पदार्थ की समस्या से निपटने के लिए यह आंदोलन बना। तब भी मशाल से गश्त की जाती थी। – उद्देश्य सामुदायिक भावना को बढ़ावा देना था, ताकि मुद्दे सुलझाने के लिए लोग मिलकर काम करें। – इस आंदोलन ने मानवाधिकारों के हनन, अफस्पा के तहत कार्रवाई के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया। – इरोम शर्मिला इस आंदोलन का सबसे उल्लेखनीय चेहरा रही हैं, जिनके आंदोलन ने दुनिया का ध्यान मणिपुर की ओर खींचा।

अब समझें 6-7 अप्रैल को क्या हुआ…

बम हमले में 2 बच्चों की मौत, फिर प्रदर्शनकारियों का CRPF कैंप पर हमला

6 अप्रैल को मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में देर रात उग्रवादियों ने एक घर में बम फेंक दिया था। इसमें 5 साल के एक लड़के और छह महीने की बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ऑफिसर ने बताया कि जब घर में बम फटा, तब बच्चे अपनी मां के साथ बेडरूम में सो रहे थे।

इसके बाद भीड़ ने घटनास्थल से 100 मीटर दूर CRPF कैंप पर भी हमला कर दिया। जवाबी फायरिंग में 2 की मौत हो गई, पांच घायल हो गए। मणिपुर सरकार ने मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, इंफाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सर्विस को 3 दिनों के लिए बंद कर दिया था।

मणिपुर में एक साल तक राष्ट्रपति शासन लगा था, बाद में नए सीएम बने

मणिपुर में मई 2023 में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी। यह 2025 के शुरुआती महीनों तक जारी रही। हिंसा के दौरान कई इलाकों में आगजनी, लूट और हत्याओं की घटनाएं हुईं। हजारों लोग विस्थापित हुए और राहत शिविरों में रहने को मजबूर हुए।

मणिपुर के तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने 9 फरवरी, 2025 को इस्तीफा दे दिया था। दो साल से ज्यादा समय तक जारी हिंसा न रोक पाने के कारण उनपर लगातार राजनीतिक दबाव बन रहा था। बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद 13 फरवरी को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगा था। बाद में वाई खेमचंद सिंह नए सीएम बने।

———————-

मणिपुर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

मणिपुर में प्रदर्शनकारियों-सुरक्षा बलों में झड़प, आंसू गैस छोड़ी:मशाल रैली रोकने पर टकराव हुआ

मणिपुर में शटडाउन के बीच रविवार रात कई इलाकों में प्रदर्शन हुए। इंफाल ईस्ट के कोईरेंगेई, इंफाल वेस्ट के उरिपोक और कक्चिंग जिले में मशाल रैलियां निकाली गईं। कक्चिंग में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
बौद्ध महासभा ने राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन:सावित्रीबाई फुले को भारत रत्न देने की मांग, पदाधिकारी बोले- जल्द फैसला हो

March 10, 2026/
2:39 pm

शाजापुर में मंगलवार को दोपहर करीब 1 बजे राष्ट्रीय बौद्ध महासभा के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति...

सत्तू की एनर्जी बॉल्स रेसिपी

May 19, 2026/
6:39 pm

19 मई 2026 को 18:39 IST पर अपडेट किया गया सत्तू की एनर्जी बॉल्स रेसिपी: गर्मियों में बारिश के बाद...

पंजाबी सिंगर दीपा दोसांझ का निधन:इंग्लैंड में आया हार्ट अटैक, जालंधर के रहने वाले; ढोला वे ढोला गीत से मिली थी पहचान

April 6, 2026/
4:59 pm

जालंधर के दोसांझ कलां के रहने वाले और पंजाबी सिंगर दीपा दोसांझ का हार्ट अटैक आने से निधन हो गया।...

India vs Zimbabwe Live Cricket Score, T20 World Cup 2026 Super 8s: Stay updated with IND vs ZIM Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Chennai.

February 26, 2026/
8:11 pm

आखरी अपडेट:26 फरवरी, 2026, 20:11 IST कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने बाद में कहा कि भले ही पांच...

ask search icon

April 6, 2026/
10:50 pm

Last Updated:April 06, 2026, 22:50 IST प्रोटीन पाउडर आजकल फिटनेस और हेल्थ के लिए काफी इस्तेमाल किए जाते हैं, लेकिन...

Explosions erupt following strikes at Tehran Oil Refinery in Tehran on March 7, 2026. (Image: AFP)

March 21, 2026/
1:39 pm

आखरी अपडेट:मार्च 21, 2026, 13:39 IST भाजपा ने 9 अप्रैल को होने वाले पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के लिए नौ उम्मीदवारों...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Manipur Protest Crisis Photos Update; Meira Paibi Women

Manipur Protest Crisis Photos Update; Meira Paibi Women
  • Hindi News
  • National
  • Manipur Protest Crisis Photos Update; Meira Paibi Women | Imphal Rocket Attack

इंफाल8 घंटे पहलेलेखक: फुलैरात्मप केनी देवी

  • कॉपी लिंक

मेइरा पाईबी मैतेई महिलाओं का एक प्रमुख सामाजिक आंदोलन और समूह है।

मणिपुर में बीते 7 अप्रैल को रॉकेट हमले में दो बच्चों की मौत हो गई थी। प्रदर्शनों में 3 मौतें हो गई थीं। तबसे विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं। अशांति के बीच 18 अप्रैल से पूर्ण बंद लागू है। सामान्य जीवन ठप है।

इसी बीच अब मेइरा पाइबी समूह की महिलाएं सड़कों पर उतर आईं हैं। हजारों महिलाओं का यह समूह शांति-व्यवस्था के लिए न केवल सड़कों पर प्रदर्शन कर रहा है, बल्कि सामाजिक स्तर पर लोगों को भी जोड़ रहा है।

ये महिलाएं दिन में रास्ते रोक रही हैं, धरना दे रही हैं। वहां से न पुलिस निकल सकती है, न कोई और। वहीं, रात में मशाल रैलियों से इलाकों की पहरेदारी भी कर रही हैं।

एक प्रदर्शनकारी महिला ने बताया- घर संभालना, आंदोलन में जाना और रोजी-रोटी की चिंता, तीनों को साथ लेकर चलना चुनौतीपूर्ण है। इसके बावजूद यह मेरी नैतिक जिम्मेदारी है और मैं हर चीज संतुलित कर रही हूं।

मेइरा पाईबी मणिपुर में शांति की बहाली की मांग करते हुए सड़कों पर उतरी हैं।

मेइरा पाईबी मणिपुर में शांति की बहाली की मांग करते हुए सड़कों पर उतरी हैं।

बड़े स्तर पर आंदोलन की तैयारी

– लगातार बंद के कारण आर्थिक दबाव भी बढ़ रहा है। ख्वैरामबंद इमा मार्केट में कुछ महिला विक्रेता दुकानें खोलने को मजबूर हुई हैं। अनीता लौरेंबम ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं कि वे आंदोलन के खिलाफ हैं। वे इस काम के बाद आंदोलन में शामिल होंगी। – नागरिक संगठन ‘कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी’ ने 25 अप्रैल को बड़े स्तर पर आंदोलन की घोषणा की है।

मेइरा पाईबी मुख्य रूप से मानवाधिकारों की रक्षा और संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भूमिका निभाती हैं।

मेइरा पाईबी मुख्य रूप से मानवाधिकारों की रक्षा और संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भूमिका निभाती हैं।

46 सालों से सक्रिय है ‘मेइरा पाइबी’

– 80 के दशक में शराबखोरी और मादक पदार्थ की समस्या से निपटने के लिए यह आंदोलन बना। तब भी मशाल से गश्त की जाती थी। – उद्देश्य सामुदायिक भावना को बढ़ावा देना था, ताकि मुद्दे सुलझाने के लिए लोग मिलकर काम करें। – इस आंदोलन ने मानवाधिकारों के हनन, अफस्पा के तहत कार्रवाई के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया। – इरोम शर्मिला इस आंदोलन का सबसे उल्लेखनीय चेहरा रही हैं, जिनके आंदोलन ने दुनिया का ध्यान मणिपुर की ओर खींचा।

अब समझें 6-7 अप्रैल को क्या हुआ…

बम हमले में 2 बच्चों की मौत, फिर प्रदर्शनकारियों का CRPF कैंप पर हमला

6 अप्रैल को मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में देर रात उग्रवादियों ने एक घर में बम फेंक दिया था। इसमें 5 साल के एक लड़के और छह महीने की बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ऑफिसर ने बताया कि जब घर में बम फटा, तब बच्चे अपनी मां के साथ बेडरूम में सो रहे थे।

इसके बाद भीड़ ने घटनास्थल से 100 मीटर दूर CRPF कैंप पर भी हमला कर दिया। जवाबी फायरिंग में 2 की मौत हो गई, पांच घायल हो गए। मणिपुर सरकार ने मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, इंफाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सर्विस को 3 दिनों के लिए बंद कर दिया था।

मणिपुर में एक साल तक राष्ट्रपति शासन लगा था, बाद में नए सीएम बने

मणिपुर में मई 2023 में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी। यह 2025 के शुरुआती महीनों तक जारी रही। हिंसा के दौरान कई इलाकों में आगजनी, लूट और हत्याओं की घटनाएं हुईं। हजारों लोग विस्थापित हुए और राहत शिविरों में रहने को मजबूर हुए।

मणिपुर के तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने 9 फरवरी, 2025 को इस्तीफा दे दिया था। दो साल से ज्यादा समय तक जारी हिंसा न रोक पाने के कारण उनपर लगातार राजनीतिक दबाव बन रहा था। बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद 13 फरवरी को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगा था। बाद में वाई खेमचंद सिंह नए सीएम बने।

———————-

मणिपुर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

मणिपुर में प्रदर्शनकारियों-सुरक्षा बलों में झड़प, आंसू गैस छोड़ी:मशाल रैली रोकने पर टकराव हुआ

मणिपुर में शटडाउन के बीच रविवार रात कई इलाकों में प्रदर्शन हुए। इंफाल ईस्ट के कोईरेंगेई, इंफाल वेस्ट के उरिपोक और कक्चिंग जिले में मशाल रैलियां निकाली गईं। कक्चिंग में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.