Friday, 24 Jul 2026 | 02:03 PM

Trending :

EXCLUSIVE

FM Sitharaman Meeting: Mythos AI Banking Cyber Threat

FM Sitharaman Meeting: Mythos AI Banking Cyber Threat
  • Hindi News
  • Business
  • FM Sitharaman Meeting: Mythos AI Banking Cyber Threat | Finance Minister

नई दिल्ली31 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में एंथ्रोपिक के ‘क्लॉड मिथॉस’ AI मॉडल से बैंकिंग सेक्टर को होने वाले संभावित खतरों पर चर्चा की गई। यह एआई मॉडल इतना एडवांस है कि हैकर इसका इस्तेमाल दशकों पुरानी अज्ञात खामियों को खोजकर फाइनेंशियल सेक्टर पर साइबर हमले कर सकते हैं।

बैंकों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश

वित्त मंत्री ने बैंकों को अपने IT सिस्टम को सुरक्षित करने और कस्टमर डेटा की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। वित्त मंत्रालय ने कहा कि मिथॉस से पैदा होने वाला खतरा ऐसा है, जो पहले कभी नहीं देखा गया। इसके लिए वित्तीय संस्थानों और बैंकों के बीच बेहतर तालमेल और हाई लेवल की तैयारी की जरूरत है।

खतरे से निपटने के लिए भारत का प्लान

वित्त मंत्रालय अब एक ऐसा फ्रेमवर्क बनाने की योजना बना रहा है जो हैकिंग के प्रयासों की पहचान कर उन पर तुरंत कार्रवाई कर सके। बैंकों को सलाह दी गई है कि वे साइबर हमले की जानकारी आपस में साझा करने के लिए एक रियल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग मैकेनिज्म बनाएं। इसमें इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) और अन्य एजेंसियां भी शामिल होंगी।

वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण ने शेड्यूल्ड कॉमर्शियल बैंकों और स्टेकहोल्डर्स के साथ हाई-लेवल मीटिंग की। इस मीटिंग का मकसद AI मॉडल्स में हो रहे हालिया बदलावों से जुड़े खतरों के संभावित प्रभाव का आकलन करना था।

वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण ने शेड्यूल्ड कॉमर्शियल बैंकों और स्टेकहोल्डर्स के साथ हाई-लेवल मीटिंग की। इस मीटिंग का मकसद AI मॉडल्स में हो रहे हालिया बदलावों से जुड़े खतरों के संभावित प्रभाव का आकलन करना था।

क्या है क्लॉड मिथॉस और यह क्यों खतरनाक है?

मिथॉस एंथ्रोपिक का सबसे शक्तिशाली AI मॉडल है। कंपनी के मुताबिक मिथॉस ने ऑपरेटिंग सिस्टम और ब्राउजर्स की दशकों पुरानी कमियां ढूंढ निकाली हैं, जिन्हें इंसान नहीं देख पाए। एंथ्रोपिक का कहना है कि इसे सार्वजनिक करना किसी के भी हाथ में एडवांस हैकिंग टूल देने जैसा होगा।

एंथ्रोपिक ने इसका एक्सेस सिर्फ अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी चुनिंदा 40 कंपनियों को दिया है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ अनधिकृत यूजर्स ने इसका एक्सेस हासिल कर लिया है। इससे डर है कि वे सिस्टम की सुरक्षा खामियों का फायदा उठा सकते हैं।

एंथ्रोपिक ने कहा कि अगर इसे बिना किसी नियंत्रण के रिलीज किया गया, तो अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इसके नतीजे बहुत बुरे हो सकते हैं।

डिजिटल जेल तोड़कर खुद बाहर निकला AI

इस मॉडल के रोलआउट से पहले एक घटना भी सामने आई थी जो बताती है कि ये कितना एडवांस है। ‘मिथॉस’ की एक सुरक्षित ‘सैंडबॉक्स’ में टेस्टिंग हो रही थी ताकि वह इंटरनेट का इस्तेमाल न कर सके। सैंडबॉक्स को एक तरह की डिजिटल जेल कह सकते है।

लेकिन इस एआई ने सुरक्षा घेरे को तोड़कर खुद ही रास्ता बना लिया। इसका पता तब चला जब इस पर काम करने वाले एक रिसर्चर को अचानव उसी एआई मॉडल का भेजा हुआ एक ईमेल मिला। एआई का इस तरह अपनी मर्जी से बाहर निकलना बेहद खतरनाक है।

अमेरिका में भी मिथॉस को लेकर हाई-लेवल मीटिंग

केवल भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका में भी इस मुद्दे पर मीटिंग्स हो रही है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेन्ट और फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने हाल ही में बैंक के बड़े अधिकारियों के साथ एक क्लोज-डोर मीटिंग की थी। इसमें उन्होंने बैंक अधिकारियों से कहा था कि वे अपने सिस्टम को मिथॉस से पैदा होने वाले संभावित खतरों के लिए तैयार रखें।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Indian captain Harmanpreet Kaur. (Picture Credit: PTI)

June 9, 2026/
7:42 am

आखरी अपडेट:09 जून, 2026, 07:42 IST इंडिया ब्लॉक की बैठक में, अखिलेश यादव ने कांग्रेस नेतृत्व से कहा कि उसे...

PoK रावलकोट में खून-खराबा: क्या पाकिस्तान ने नियंत्रण खो दिया है? | आसिम मुनीर | सही स्टैंड | न्यूज18

June 9, 2026/
8:22 pm

सीएनएन नाम, लोगो और सभी संबंधित तत्व ® और © 2026 केबल न्यूज नेटवर्क एलपी, एलएलएलपी। एक टाइम वार्नर कंपनी।...

बंगाल चुनाव की मतगणना को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बीजेपी का पहला बयान, कहा- टीएमसी जब भी कोर्ट गई, उसे...

May 2, 2026/
2:14 pm

पश्चिम बंगाल विधानसभा का चुनाव ख़त्म होने के बाद सपॉर्ट की बयानबाज़ी तेज़ी से हो रही है। बीजेपी ने यूक्रेनी...

डेब्यू कैप मिलते ही रो पड़े वैभव सूर्यवंशी:भारत के सबसे युवा क्रिकेटर बने, इंग्लैंड का भारत के खिलाफ सबसे बड़ा रनचेज

July 5, 2026/
4:30 am

वैभव सूर्यवंशी भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र के क्रिकेटर बन गए। उन्होंने 15 साल 99 दिन...

Uttarakhand Char Dham Snowfall | Rajasthan Hailstorm

March 20, 2026/
5:03 am

भोपाल/लखनऊ/शिमला/देहरादून35 मिनट पहले कॉपी लिंक देश के कई हिस्सों में मौसम बदला है। राजस्थान में जयपुर सहित कई जिलों में...

भगवान महाकाल को आज से ठंडे पानी की जलधारा अर्पित:11 कलशों से बह रही शीतल धारा, गंगा-नर्मदा के जल से महाकाल का 29 जून तक होगा अभिषेक

April 3, 2026/
7:40 am

श्री महाकालेश्वर मंदिर में गर्मी की शुरुआत के साथ ही बाबा महाकाल को शीतलता प्रदान करने की परंपरा शुरू हो...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

FM Sitharaman Meeting: Mythos AI Banking Cyber Threat

FM Sitharaman Meeting: Mythos AI Banking Cyber Threat
  • Hindi News
  • Business
  • FM Sitharaman Meeting: Mythos AI Banking Cyber Threat | Finance Minister

नई दिल्ली31 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में एंथ्रोपिक के ‘क्लॉड मिथॉस’ AI मॉडल से बैंकिंग सेक्टर को होने वाले संभावित खतरों पर चर्चा की गई। यह एआई मॉडल इतना एडवांस है कि हैकर इसका इस्तेमाल दशकों पुरानी अज्ञात खामियों को खोजकर फाइनेंशियल सेक्टर पर साइबर हमले कर सकते हैं।

बैंकों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश

वित्त मंत्री ने बैंकों को अपने IT सिस्टम को सुरक्षित करने और कस्टमर डेटा की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। वित्त मंत्रालय ने कहा कि मिथॉस से पैदा होने वाला खतरा ऐसा है, जो पहले कभी नहीं देखा गया। इसके लिए वित्तीय संस्थानों और बैंकों के बीच बेहतर तालमेल और हाई लेवल की तैयारी की जरूरत है।

खतरे से निपटने के लिए भारत का प्लान

वित्त मंत्रालय अब एक ऐसा फ्रेमवर्क बनाने की योजना बना रहा है जो हैकिंग के प्रयासों की पहचान कर उन पर तुरंत कार्रवाई कर सके। बैंकों को सलाह दी गई है कि वे साइबर हमले की जानकारी आपस में साझा करने के लिए एक रियल-टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग मैकेनिज्म बनाएं। इसमें इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) और अन्य एजेंसियां भी शामिल होंगी।

वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण ने शेड्यूल्ड कॉमर्शियल बैंकों और स्टेकहोल्डर्स के साथ हाई-लेवल मीटिंग की। इस मीटिंग का मकसद AI मॉडल्स में हो रहे हालिया बदलावों से जुड़े खतरों के संभावित प्रभाव का आकलन करना था।

वित्त मंत्री निर्माला सीतारमण ने शेड्यूल्ड कॉमर्शियल बैंकों और स्टेकहोल्डर्स के साथ हाई-लेवल मीटिंग की। इस मीटिंग का मकसद AI मॉडल्स में हो रहे हालिया बदलावों से जुड़े खतरों के संभावित प्रभाव का आकलन करना था।

क्या है क्लॉड मिथॉस और यह क्यों खतरनाक है?

मिथॉस एंथ्रोपिक का सबसे शक्तिशाली AI मॉडल है। कंपनी के मुताबिक मिथॉस ने ऑपरेटिंग सिस्टम और ब्राउजर्स की दशकों पुरानी कमियां ढूंढ निकाली हैं, जिन्हें इंसान नहीं देख पाए। एंथ्रोपिक का कहना है कि इसे सार्वजनिक करना किसी के भी हाथ में एडवांस हैकिंग टूल देने जैसा होगा।

एंथ्रोपिक ने इसका एक्सेस सिर्फ अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी चुनिंदा 40 कंपनियों को दिया है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ अनधिकृत यूजर्स ने इसका एक्सेस हासिल कर लिया है। इससे डर है कि वे सिस्टम की सुरक्षा खामियों का फायदा उठा सकते हैं।

एंथ्रोपिक ने कहा कि अगर इसे बिना किसी नियंत्रण के रिलीज किया गया, तो अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इसके नतीजे बहुत बुरे हो सकते हैं।

डिजिटल जेल तोड़कर खुद बाहर निकला AI

इस मॉडल के रोलआउट से पहले एक घटना भी सामने आई थी जो बताती है कि ये कितना एडवांस है। ‘मिथॉस’ की एक सुरक्षित ‘सैंडबॉक्स’ में टेस्टिंग हो रही थी ताकि वह इंटरनेट का इस्तेमाल न कर सके। सैंडबॉक्स को एक तरह की डिजिटल जेल कह सकते है।

लेकिन इस एआई ने सुरक्षा घेरे को तोड़कर खुद ही रास्ता बना लिया। इसका पता तब चला जब इस पर काम करने वाले एक रिसर्चर को अचानव उसी एआई मॉडल का भेजा हुआ एक ईमेल मिला। एआई का इस तरह अपनी मर्जी से बाहर निकलना बेहद खतरनाक है।

अमेरिका में भी मिथॉस को लेकर हाई-लेवल मीटिंग

केवल भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका में भी इस मुद्दे पर मीटिंग्स हो रही है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेन्ट और फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने हाल ही में बैंक के बड़े अधिकारियों के साथ एक क्लोज-डोर मीटिंग की थी। इसमें उन्होंने बैंक अधिकारियों से कहा था कि वे अपने सिस्टम को मिथॉस से पैदा होने वाले संभावित खतरों के लिए तैयार रखें।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.