नई दिल्ली. दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र में 9 फरवरी 2026 को दिनदहाड़े एक कारोबारी वैभव गांधी की हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए मास्टरमाइंड सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने एक आरोपी अरुण को मुठभेड़ के बाद दबोचा, जिसने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर गोलियां भी चलाई थीं. इस मामले में पुलिस ने .32 बोर की पिस्तौल, चोरी की बाइक और कारतूस बरामद किए हैं.
दिल्ली पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ है, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. इस हत्याकांड की नींव ‘गद्दारी’ पर टिकी थी. पुलिस के अनुसार, आरोपी रविंदर उर्फ रवि, जो पहले एक अन्य व्यवसायी के पास ड्राइवर के रूप में काम करता था, वह पैसों के लेनदेन के सिलसिले में अक्सर वैभव गांधी के कार्यालय जाता था. रवि को जानकारी थी कि वैभव के पास भारी मात्रा में नकदी रहती है.
फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है वैभव गांधी हत्याकांड की कहानी
रवि ने यह जानकारी अपने साथी और खूंखार अपराधी संजय उर्फ ‘ताऊ’ को दी. 54 वर्षीय संजय उर्फ ताऊ पर दिल्ली और यूपी में हत्या और लूट के 60 से अधिक मामले दर्ज हैं. ताऊ ने वैभव को लूटने की साजिश रची और इसमें गाजियाबाद के रहने वाले अरुण उर्फ ‘पागल’ और संदीप पुजारी को शामिल किया.
रेकी के बाद सरेआम बरसाईं गोलियां
साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने जनवरी और फरवरी के महीने में तीन बार बवाना स्थित फैक्ट्री के पास रेकी की. 9 फरवरी को सुबह करीब 11:45 बजे जैसे ही वैभव गांधी अपनी कार से सेक्टर-4, DSIIDC पहुंचे, हथियारों से लैस बदमाशों ने उन्हें घेर लिया. बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ दो राउंड फायरिंग की, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. हत्या के बाद बदमाश कार से तीन बैग छीनकर फरार हो गए, जिनमें लैपटॉप, फोन और डायरियां थीं. पुलिस को गुमराह करने के लिए इस दौरान सोशल मीडिया पर अमेरिका स्थित गैंगस्टरों रणदीप मलिक और अनिल पंडित के नाम से पोस्ट भी डाली गई, ताकि जांच की दिशा बदली जा सके.
मुठभेड़ और गिरफ्तारी का घटनाक्रम
दिल्ली पुलिस के डीसीपी हरेश्वर स्वामी की देखरेख में गठित विशेष टीमों ने दिल्ली-एनसीआर के लगभग 1000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की मदद से पुलिस सबसे पहले मास्टरमाइंड संजय उर्फ ताऊ और मुखबिर रविंदर तक पहुंची. उनकी निशानदेही पर संदीप पुजारी और हरीश कुमार उर्फ सोनू को भी गिरफ्तार कर लिया गया.
मुख्य शूटर अरुण की गिरफ्तारी के लिए 14 फरवरी की रात करीब 11:30 बजे पुलिस ने जाल बिछाया. बिना नंबर की बाइक पर आ रहे अरुण ने खुद को घिरा देख पुलिस पर दो राउंड फायर कर दिए. पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें अरुण घायल हो गया और उसे दबोच लिया गया.
पकड़े गए आरोपियों के नाम और प्रोफाइल
1-संजय उर्फ ताऊ (54 वर्ष): सुल्तानपुरी का निवासी, 60 से अधिक केस दर्ज, साजिश का मास्टरमाइंड.
2-अरुण उर्फ पागल (37 वर्ष): गाजियाबाद निवासी, मुख्य हमलावर, 6 केस दर्ज.
3- संदीप पुजारी (28 वर्ष): सुल्तानपुरी निवासी, हमलावर.
4- रविंदर उर्फ रवि (42 वर्ष): रोहिणी निवासी, मुख्य मुखबिर और पूर्व ड्राइवर.
5- हरीश उर्फ सोनू (45 वर्ष): लूटे गए सामान का रिसीवर.













































