सुनील शेट्टी और उनकी पत्नी माना शेट्टी ने पावन गंगा तट पर आयोजित दिव्य परमार्थ गंगा आरती में सहभाग कर मां गंगा का आशीर्वाद लिया। परमार्थ निकेतन में आयोजित इस आरती के दौरान आचार्यों और ऋषिकुमारों ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं पुष्पमालाओं से उनका स्वागत किया। भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत वातावरण गंगा आरती के दौरान पूरा वातावरण भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। वेदमंत्रों की गूंज, घंटियों की मधुर ध्वनि और दीपों की ज्योति ने संध्या को दिव्य बना दिया। श्रद्धालुओं के साथ सुनील शेट्टी और उनके साथियों ने गंगा पूजन कर राष्ट्र और मानवता की सुख-समृद्धि की कामना की। भारतीय संस्कृति पर दिया संदेश सुनील शेट्टी ने कहा कि माँ गंगा भारत की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त करते हुए युवाओं से अपनी जड़ों और मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान किया। स्वामी चिदानंद सरस्वती का संदेश स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि माँ गंगा केवल जलधारा नहीं, बल्कि संस्कृति और करुणा की अमृतधारा हैं। उन्होंने युवाओं से आधुनिकता के साथ आध्यात्मिकता और संस्कारों को बनाए रखने का संदेश दिया। स्वच्छता और सेवा का लिया संकल्प कार्यक्रम के अंत में सभी ने माँ गंगा की स्वच्छता, भारतीय संस्कृति की गरिमा और मानवता की सेवा के लिए योगदान देने का संकल्प लिया। यह आयोजन आस्था, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता का सुंदर संगम बना।
















































