Friday, 31 Jul 2026 | 08:56 AM

Trending :

EXCLUSIVE

SCSS Benefits Explained; Senior Citizen Savings Scheme Interest Rate & Rules

SCSS Benefits Explained; Senior Citizen Savings Scheme Interest Rate & Rules
  • Hindi News
  • Lifestyle
  • SCSS Benefits Explained; Senior Citizen Savings Scheme Interest Rate & Rules

30 मिनट पहलेलेखक: गौरव तिवारी

  • कॉपी लिंक

रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ा सवाल होता है कि अब नियमित इनकम के बिना खर्च कैसे चलेगा? ऐसे में अगर पहले से प्लानिंग न की जाए तो आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।

अगर आपने पहले से पेंशन की कोई प्लानिंग नहीं की है, तो दिक्कतें और बढ़ सकती हैं। हालांकि अच्छी बात यह है कि भारत सरकार ने सीनियर सिटिजन्स के लिए ऐसी कई योजनाएं बनाई हैं, जिनसे उन्हें हर महीने तय राशि मिलती है।

इन्हीं में से एक स्कीम है– सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम, जिसमें 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को सुरक्षित रिटर्न मिलता है।

इसलिए आज ‘आपका पैसा‘ कॉलम में ‘सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम’ की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • इस सरकारी योजना का लाभ किसे मिल सकता है?
  • इसमें हर महीने कितनी पेंशन मिल सकती है?

एक्सपर्ट: राजशेखर, फाइनेंशियल एक्सपर्ट

सवाल- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम (SCSS) क्या है?

जवाब- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम (SCSS) एक सरकारी बचत और पेंशन योजना है। यह खासतौर पर 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए बनाई गई है।

इस सेविंग स्कीम में पैसे जमा करने पर ब्याज के साथ हर तीन महीने में पेंशन भी मिलती है, जिससे रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम बनी रहती है।

इसमें टैक्स में छूट भी मिलती है। इसलिए यह सीनियर सिटिजंस के लिए निवेश और पेंशन का अच्छा विकल्प है।

सवाल- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में कौन निवेश कर सकता है?

जवाब- SCSS स्कीम में निवेश करने के लिए कुछ क्राइटेरिया को पूरा करना जरूरी होता है। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं।

सवाल- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में कितना निवेश कर सकते हैं?

जवाब- इसमें आप एक बार में अधिकतम 30 लाख रुपए तक निवेश कर सकते हैं। अगर पति और पत्नी दोनों के खाते अलग हैं, तो कुल मिलाकर 60 लाख रुपए तक जमा किए जा सकते हैं।

इस स्कीम में कम-से-कम 1,000 रुपए से निवेश शुरू किया जा सकता है। ध्यान देने की बात ये है कि पैसे हमेशा 1,000 के गुणांक में ही जमा किए जा सकते हैं। यानी 1000, 2000, 3000…

इसमें पैसा एक साथ यानी एकमुश्त जमा करना होता है, किस्तों में नहीं दे सकते हैं। रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली रकम जैसे पीएफ (प्रोविडेंट फंड) या ग्रेच्युटी को यहां लगाकर आप हर तिमाही अच्छे ब्याज के साथ नियमित कमाई कर सकते हैं।

सवाल- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में कितनी ब्याज दर और कितनी पेंशन मिलती है?

जवाब- इसमें वर्तमान ब्याज दर 8.2% सालाना है। ब्याज हर तीन महीने में खाते में क्रेडिट हो जाता है। उदाहरण के तौर पर, 30 लाख रुपए के निवेश पर सालाना 2.46 लाख रुपए यानी लगभग 20,500 रुपए प्रति माह के बराबर नियमित आय मिलती है।

सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम की सभी विशेषताओं को विस्तार से समझते हैं।

सुरक्षित निवेश: यह सरकारी योजना है। इसलिए इसमें लगाया गया पैसा सुरक्षित रहता है और तय समय पर निश्चित रिटर्न मिलता है।

ब्याज दर: वर्तमान में 8.2% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज दिया जाता है (वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए)।

निवेश सीमा: न्यूनतम निवेश 1,000 और अधिकतम 30 लाख रुपए तक किया जा सकता है।

निवेश का तरीका: एक लाख रुपए तक का निवेश नकद किया जा सकता है। इससे अधिक राशि के लिए चेक के माध्यम से भुगतान अनिवार्य है।

समयावधि: योजना की मूल अवधि 5 साल है, जिसे 3 साल और बढ़ाया जा सकता है। विस्तार के लिए मैच्योरिटी के एक साल के भीतर आवेदन करना होता है।

खाता ट्रांसफर सुविधा: खाता पोस्ट ऑफिस और बैंक के बीच ट्रांसफर किया जा सकता है। यह सुविधा पूरे भारत में उपलब्ध है।

नॉमिनी सुविधा: खाता खोलते समय या बाद में नॉमिनी नियुक्त किया जा सकता है।

सवाल- क्या सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में निवेश करने पर टैक्स में भी छूट मिलती है?

जवाब- हां, SCSS में निवेश करने पर टैक्स छूट का लाभ मिलता है।

  • आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक की छूट मिलती है।
  • यह छूट केवल मूल निवेश राशि पर लागू होती है।
  • स्कीम में मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल होता है।
  • सालाना ब्याज 50,000 रुपए से ज्यादा होने पर TDS कटता है।
  • फॉर्म 15H/15G जमा करके TDS से राहत ली जा सकती है।
  • टैक्स प्लानिंग के लिए SCSS उपयोगी है, लेकिन ब्याज पर टैक्स ध्यान रखें।

सवाल- क्या मैच्योरिटी से पहले पैसा निकाल सकते हैं?

जवाब- हां, सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में मैच्योरिटी से पहले पैसा निकाला जा सकता है, लेकिन इस पर पेनल्टी लग सकती है। अगर खाता एक साल के भीतर बंद किया जाता है, तो मूलधन पर मिला ब्याज वापस लिया जाता है। 1-2 साल के बीच 1.5% और 2 साल बाद 1% की कटौती होती है।

सवाल- SCSS खाता कहां और कैसे खोलें?

जवाब- SCSS खाता किसी भी अधिकृत बैंक या पोस्ट ऑफिस में खोला जा सकता है। इसके लिए आधार कार्ड, PAN कार्ड और आयु प्रमाण जैसे डॉक्यूमेंट्स जरूरी होते हैं। निर्धारित फॉर्म भरकर और एकमुश्त राशि जमा करके खाता आसानी से खोला जा सकता है, जिससे तिमाही आय शुरू हो जाती है।

सवाल- क्या एक से ज्यादा खाते खोल सकते हैं?

जवाब- हां, एक व्यक्ति SCSS में एक से ज्यादा खाते खोल सकता है, लेकिन सभी खातों में कुल निवेश 30 लाख रुपए से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके अलावा जॉइंट अकाउंट केवल लाइफ पार्टनर के साथ ही खोला जा सकता है। इस खाते में जमा राशि पहले अकाउंट होल्डर के नाम पर मानी जाती है।

सवाल- क्या इसमें नॉमिनी जोड़ सकते हैं?

जवाब- हां, SCSS खाते में नॉमिनी जोड़ने की सुविधा उपलब्ध है। खाता खोलते समय या बाद में भी नॉमिनी नामित किया जा सकता है। एक या एक से अधिक नॉमिनी जोड़े जा सकते हैं, जिससे खाताधारक की मृत्यु की स्थिति में राशि का ट्रांसफर आसान और सुरक्षित हो जाता है।

सवाल- क्या ब्याज दर बदल सकती है?

जवाब- SCSS की ब्याज दर सरकार द्वारा हर तिमाही तय की जाती है। इसलिए समय-समय पर इसमें बदलाव हो सकता है। हालांकि एक बार जब आप निवेश कर देते हैं, तो उस खाते पर लागू ब्याज दर पूरी अवधि के लिए फिक्स रहती है और उस पर भविष्य के बदलावों का असर नहीं पड़ता।

सवाल- क्या SCSS में रेगुलर कैश फ्लो प्लानिंग आसान है?

जवाब- हां, SCSS में तिमाही आधार पर फिक्स ब्याज मिलता है, जिससे नियमित और अनुमानित कैश फ्लो बना रहता है। यह रिटायर्ड लोगों के लिए बजट बनाना आसान करता है और रोजमर्रा के खर्च, जैसे दवाइयां या घर खर्च, को व्यवस्थित तरीके से मैनेज करने में मदद करता है।

सवाल- किन लोगों के लिए यह सबसे ज्यादा फायदेमंद है?

जवाब- SCSS उन लोगों के लिए सबसे फायदेमंद है, जो रिटायर हो चुके हैं और जिनके पास एकमुश्त राशि उपलब्ध है, जैसे PF या ग्रेच्युटी। यह खासतौर पर उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है, जो कम जोखिम में सुरक्षित और नियमित आय चाहते हैं।

सवाल- SCSS में निवेश करते हुए किन गलतियों से बचना चाहिए?

जवाब- SCSS में निवेश करते समय कुछ गलतियों से बचना जरूरी है। जैसे–

  • पूरा पैसा एक ही स्कीम में लगाना।
  • टैक्स को नजरअंदाज करना।
  • इमरजेंसी फंड अलग न रखना।

नोट: केवल ब्याज पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित निवेश रणनीति अपनाना जरूरी है।

सवाल- SCSS और FD में क्या अंतर है?

जवाब- SCSS एक सरकारी योजना है, जिसमें फिलहाल 8.2% का फिक्स ब्याज और तिमाही आय मिलती है, जबकि FD बैंक प्रोडक्ट है, जिसमें ब्याज दर अपेक्षाकृत कम होती है या बदलती रहती है। SCSS में 5 साल का लॉक-इन होता है, जबकि FD में ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी और अलग-अलग अवधि के विकल्प उपलब्ध होते हैं।

सवाल- क्या SCSS रिटायरमेंट की सारी जरूरतें पूरी कर सकता है?

जवाब- नहीं, SCSS अकेले सभी रिटायरमेंट जरूरतों को पूरा नहीं कर सकता। यह सुरक्षित और नियमित आय का अच्छा स्रोत है, लेकिन बेहतर वित्तीय योजना के लिए इसे FD, बॉन्ड और म्यूचुअल फंड जैसे अन्य निवेश विकल्पों के साथ में इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि ग्रोथ और सुरक्षा दोनों मिले।

……………… ये खबर भी पढ़िए आपका पैसा- किसान विकास पत्र क्या है: कितने दिनों में पैसा डबल होता है, कौन कर सकता है निवेश, जानें KVP लेने का पूरा प्रोसेस

निवेश करते समय हर व्यक्ति चाहता है कि उसकी रकम सुरक्षित रहे और अच्छा रिटर्न भी मिले। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच ये बेहद मुश्किल होता है। हालांकि, सुरक्षित और तय रिटर्न वाली एक ऐसी ही सरकारी स्मॉल सेविंग स्कीम है, किसान विकास पत्र (KVP)। यह कम रिस्क वाला निवेश विकल्प है, जिसमें निवेश की गई राशि तय अवधि में लगभग दोगुनी हो जाती है। आगे पढ़िए…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
एग्जिट पोल 2026 रिजल्ट: बंगाल से लेकर असम-केरल और तमिल तक, किसकी सरकार, जानें किसकी सरकार

April 30, 2026/
8:06 am

चुनाव के बाद जारी कई एलेक्टिट पोल में पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बढ़त मिलने और असम...

Delhi Capitals' KL Rahul plays a shot during the Indian Premier League cricket match between Delhi Capitals and Gujarat Titans in New Delhi, India, Wednesday, April. 8, 2026. (AP Photo/ Manish Swarup)

April 8, 2026/
10:08 pm

आखरी अपडेट:08 अप्रैल, 2026, 22:08 IST हालांकि इन तीन क्षेत्रों के लिए मतदान गुरुवार को समाप्त हो जाएगा, लेकिन अंतिम...

authorimg

March 23, 2026/
1:50 pm

Last Updated:March 23, 2026, 13:50 IST Warts on Private Parts: प्राइवेट पार्ट पर मस्से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के कारण...

पश्चिम बंगाल के सिविक वॉलंटियर्स का समाचार! ममता बनर्जी ने चुनाव से पहले किया ये बड़ा ऐलान

March 19, 2026/
6:43 pm

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में होने...

Shobha De Questions Ranveer Singh Action

May 29, 2026/
4:25 pm

4 मिनट पहले कॉपी लिंक राइटर और कॉलमिस्ट शोभा डे ने दावा किया है कि ‘डॉन 3’ विवाद की आड़...

authorimg

February 16, 2026/
7:05 pm

होमताजा खबरDelhi दिल्ली के रोहिणी में सनसनीखेज वारदात, जीजा ने सगी साली का रेत दिया गला Last Updated:February 16, 2026,...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

SCSS Benefits Explained; Senior Citizen Savings Scheme Interest Rate & Rules

SCSS Benefits Explained; Senior Citizen Savings Scheme Interest Rate & Rules
  • Hindi News
  • Lifestyle
  • SCSS Benefits Explained; Senior Citizen Savings Scheme Interest Rate & Rules

30 मिनट पहलेलेखक: गौरव तिवारी

  • कॉपी लिंक

रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ा सवाल होता है कि अब नियमित इनकम के बिना खर्च कैसे चलेगा? ऐसे में अगर पहले से प्लानिंग न की जाए तो आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।

अगर आपने पहले से पेंशन की कोई प्लानिंग नहीं की है, तो दिक्कतें और बढ़ सकती हैं। हालांकि अच्छी बात यह है कि भारत सरकार ने सीनियर सिटिजन्स के लिए ऐसी कई योजनाएं बनाई हैं, जिनसे उन्हें हर महीने तय राशि मिलती है।

इन्हीं में से एक स्कीम है– सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम, जिसमें 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को सुरक्षित रिटर्न मिलता है।

इसलिए आज ‘आपका पैसा‘ कॉलम में ‘सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम’ की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • इस सरकारी योजना का लाभ किसे मिल सकता है?
  • इसमें हर महीने कितनी पेंशन मिल सकती है?

एक्सपर्ट: राजशेखर, फाइनेंशियल एक्सपर्ट

सवाल- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम (SCSS) क्या है?

जवाब- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम (SCSS) एक सरकारी बचत और पेंशन योजना है। यह खासतौर पर 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए बनाई गई है।

इस सेविंग स्कीम में पैसे जमा करने पर ब्याज के साथ हर तीन महीने में पेंशन भी मिलती है, जिससे रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम बनी रहती है।

इसमें टैक्स में छूट भी मिलती है। इसलिए यह सीनियर सिटिजंस के लिए निवेश और पेंशन का अच्छा विकल्प है।

सवाल- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में कौन निवेश कर सकता है?

जवाब- SCSS स्कीम में निवेश करने के लिए कुछ क्राइटेरिया को पूरा करना जरूरी होता है। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं।

सवाल- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में कितना निवेश कर सकते हैं?

जवाब- इसमें आप एक बार में अधिकतम 30 लाख रुपए तक निवेश कर सकते हैं। अगर पति और पत्नी दोनों के खाते अलग हैं, तो कुल मिलाकर 60 लाख रुपए तक जमा किए जा सकते हैं।

इस स्कीम में कम-से-कम 1,000 रुपए से निवेश शुरू किया जा सकता है। ध्यान देने की बात ये है कि पैसे हमेशा 1,000 के गुणांक में ही जमा किए जा सकते हैं। यानी 1000, 2000, 3000…

इसमें पैसा एक साथ यानी एकमुश्त जमा करना होता है, किस्तों में नहीं दे सकते हैं। रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली रकम जैसे पीएफ (प्रोविडेंट फंड) या ग्रेच्युटी को यहां लगाकर आप हर तिमाही अच्छे ब्याज के साथ नियमित कमाई कर सकते हैं।

सवाल- सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में कितनी ब्याज दर और कितनी पेंशन मिलती है?

जवाब- इसमें वर्तमान ब्याज दर 8.2% सालाना है। ब्याज हर तीन महीने में खाते में क्रेडिट हो जाता है। उदाहरण के तौर पर, 30 लाख रुपए के निवेश पर सालाना 2.46 लाख रुपए यानी लगभग 20,500 रुपए प्रति माह के बराबर नियमित आय मिलती है।

सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम की सभी विशेषताओं को विस्तार से समझते हैं।

सुरक्षित निवेश: यह सरकारी योजना है। इसलिए इसमें लगाया गया पैसा सुरक्षित रहता है और तय समय पर निश्चित रिटर्न मिलता है।

ब्याज दर: वर्तमान में 8.2% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज दिया जाता है (वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए)।

निवेश सीमा: न्यूनतम निवेश 1,000 और अधिकतम 30 लाख रुपए तक किया जा सकता है।

निवेश का तरीका: एक लाख रुपए तक का निवेश नकद किया जा सकता है। इससे अधिक राशि के लिए चेक के माध्यम से भुगतान अनिवार्य है।

समयावधि: योजना की मूल अवधि 5 साल है, जिसे 3 साल और बढ़ाया जा सकता है। विस्तार के लिए मैच्योरिटी के एक साल के भीतर आवेदन करना होता है।

खाता ट्रांसफर सुविधा: खाता पोस्ट ऑफिस और बैंक के बीच ट्रांसफर किया जा सकता है। यह सुविधा पूरे भारत में उपलब्ध है।

नॉमिनी सुविधा: खाता खोलते समय या बाद में नॉमिनी नियुक्त किया जा सकता है।

सवाल- क्या सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में निवेश करने पर टैक्स में भी छूट मिलती है?

जवाब- हां, SCSS में निवेश करने पर टैक्स छूट का लाभ मिलता है।

  • आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक की छूट मिलती है।
  • यह छूट केवल मूल निवेश राशि पर लागू होती है।
  • स्कीम में मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल होता है।
  • सालाना ब्याज 50,000 रुपए से ज्यादा होने पर TDS कटता है।
  • फॉर्म 15H/15G जमा करके TDS से राहत ली जा सकती है।
  • टैक्स प्लानिंग के लिए SCSS उपयोगी है, लेकिन ब्याज पर टैक्स ध्यान रखें।

सवाल- क्या मैच्योरिटी से पहले पैसा निकाल सकते हैं?

जवाब- हां, सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में मैच्योरिटी से पहले पैसा निकाला जा सकता है, लेकिन इस पर पेनल्टी लग सकती है। अगर खाता एक साल के भीतर बंद किया जाता है, तो मूलधन पर मिला ब्याज वापस लिया जाता है। 1-2 साल के बीच 1.5% और 2 साल बाद 1% की कटौती होती है।

सवाल- SCSS खाता कहां और कैसे खोलें?

जवाब- SCSS खाता किसी भी अधिकृत बैंक या पोस्ट ऑफिस में खोला जा सकता है। इसके लिए आधार कार्ड, PAN कार्ड और आयु प्रमाण जैसे डॉक्यूमेंट्स जरूरी होते हैं। निर्धारित फॉर्म भरकर और एकमुश्त राशि जमा करके खाता आसानी से खोला जा सकता है, जिससे तिमाही आय शुरू हो जाती है।

सवाल- क्या एक से ज्यादा खाते खोल सकते हैं?

जवाब- हां, एक व्यक्ति SCSS में एक से ज्यादा खाते खोल सकता है, लेकिन सभी खातों में कुल निवेश 30 लाख रुपए से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके अलावा जॉइंट अकाउंट केवल लाइफ पार्टनर के साथ ही खोला जा सकता है। इस खाते में जमा राशि पहले अकाउंट होल्डर के नाम पर मानी जाती है।

सवाल- क्या इसमें नॉमिनी जोड़ सकते हैं?

जवाब- हां, SCSS खाते में नॉमिनी जोड़ने की सुविधा उपलब्ध है। खाता खोलते समय या बाद में भी नॉमिनी नामित किया जा सकता है। एक या एक से अधिक नॉमिनी जोड़े जा सकते हैं, जिससे खाताधारक की मृत्यु की स्थिति में राशि का ट्रांसफर आसान और सुरक्षित हो जाता है।

सवाल- क्या ब्याज दर बदल सकती है?

जवाब- SCSS की ब्याज दर सरकार द्वारा हर तिमाही तय की जाती है। इसलिए समय-समय पर इसमें बदलाव हो सकता है। हालांकि एक बार जब आप निवेश कर देते हैं, तो उस खाते पर लागू ब्याज दर पूरी अवधि के लिए फिक्स रहती है और उस पर भविष्य के बदलावों का असर नहीं पड़ता।

सवाल- क्या SCSS में रेगुलर कैश फ्लो प्लानिंग आसान है?

जवाब- हां, SCSS में तिमाही आधार पर फिक्स ब्याज मिलता है, जिससे नियमित और अनुमानित कैश फ्लो बना रहता है। यह रिटायर्ड लोगों के लिए बजट बनाना आसान करता है और रोजमर्रा के खर्च, जैसे दवाइयां या घर खर्च, को व्यवस्थित तरीके से मैनेज करने में मदद करता है।

सवाल- किन लोगों के लिए यह सबसे ज्यादा फायदेमंद है?

जवाब- SCSS उन लोगों के लिए सबसे फायदेमंद है, जो रिटायर हो चुके हैं और जिनके पास एकमुश्त राशि उपलब्ध है, जैसे PF या ग्रेच्युटी। यह खासतौर पर उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है, जो कम जोखिम में सुरक्षित और नियमित आय चाहते हैं।

सवाल- SCSS में निवेश करते हुए किन गलतियों से बचना चाहिए?

जवाब- SCSS में निवेश करते समय कुछ गलतियों से बचना जरूरी है। जैसे–

  • पूरा पैसा एक ही स्कीम में लगाना।
  • टैक्स को नजरअंदाज करना।
  • इमरजेंसी फंड अलग न रखना।

नोट: केवल ब्याज पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित निवेश रणनीति अपनाना जरूरी है।

सवाल- SCSS और FD में क्या अंतर है?

जवाब- SCSS एक सरकारी योजना है, जिसमें फिलहाल 8.2% का फिक्स ब्याज और तिमाही आय मिलती है, जबकि FD बैंक प्रोडक्ट है, जिसमें ब्याज दर अपेक्षाकृत कम होती है या बदलती रहती है। SCSS में 5 साल का लॉक-इन होता है, जबकि FD में ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी और अलग-अलग अवधि के विकल्प उपलब्ध होते हैं।

सवाल- क्या SCSS रिटायरमेंट की सारी जरूरतें पूरी कर सकता है?

जवाब- नहीं, SCSS अकेले सभी रिटायरमेंट जरूरतों को पूरा नहीं कर सकता। यह सुरक्षित और नियमित आय का अच्छा स्रोत है, लेकिन बेहतर वित्तीय योजना के लिए इसे FD, बॉन्ड और म्यूचुअल फंड जैसे अन्य निवेश विकल्पों के साथ में इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि ग्रोथ और सुरक्षा दोनों मिले।

……………… ये खबर भी पढ़िए आपका पैसा- किसान विकास पत्र क्या है: कितने दिनों में पैसा डबल होता है, कौन कर सकता है निवेश, जानें KVP लेने का पूरा प्रोसेस

निवेश करते समय हर व्यक्ति चाहता है कि उसकी रकम सुरक्षित रहे और अच्छा रिटर्न भी मिले। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच ये बेहद मुश्किल होता है। हालांकि, सुरक्षित और तय रिटर्न वाली एक ऐसी ही सरकारी स्मॉल सेविंग स्कीम है, किसान विकास पत्र (KVP)। यह कम रिस्क वाला निवेश विकल्प है, जिसमें निवेश की गई राशि तय अवधि में लगभग दोगुनी हो जाती है। आगे पढ़िए…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.