नेशनल हाईवे-46 पर इटारसी-बैतूल सेक्शन में स्थित 22 किमी में टाइगर कॉरिडोर (फोरलेन) बनेगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने 758 करोड़ का बजट दिया है। इटारसी बाघदेव से बैतूल के डांडीवाड़ा तक ये हिस्सा सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में है। यहां निर्माण पर हाईकोर्ट का स्टे है, इसलिए फोरलेन का काम 15 साल से अधूरा है। जब तक फोरलेन निर्माण की अनुमति नहीं मिलती, तब तक पुरानी टू-लेन सड़क की 5.5 करोड़ से मरम्मत की जा रही है। एमपीआरडीसी के प्रबंधक वेद प्रकाश के अनुसार- निर्माण कंपनी को 4 माह का समय दिया है। 5.5 करोड़ से सड़क का पूरी तरह से डामरीकरण किया जाएगा। उत्तर से दक्षिण की कनेक्टिविटी बढ़ेगी
22 किमी कॉरिडोर बनने से पूरा ग्वालियर-बैतूल कॉरिडोर फोरलेन हो जाएगा, जिससे उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सीधा संपर्क मजबूत होगा। महत्व: यह कॉरिडोर नर्मदापुरम और बैतूल जिलों के बीच आर्थिक सेतु का काम करेगा, जिससे कृषि और खनिज संपदा के परिवहन में आसानी होगी और स्थानीय रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। कोर्ट का फैसला आने के बाद ही फोरलेन का स्थायी निर्माण कार्य आगे बढ़ सकेगा। कानूनी लड़ाई के बीच सड़क की हालत बेहद खस्ता हो चुकी है। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। फिलहाल टू-लेन मार्ग की मरम्मत कराई जा रही है। मनीष मीणा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआई
















































