मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में गुरुवार 30 अप्रैल की शाम को तेज आंधी और बेमौसम बारिश ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और पन्ना-अमानगंज मार्ग मुख्य रूप से प्रभावित हुआ। पिपरवाह निवासी ध्रुव अवस्थी ने बताया कि द्वारी और पिपरवाह के बीच दर्जनों बिजली के खंभे और विशालकाय पेड़ गिर गए। इससे पन्ना-अमानगंज मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया, जिससे सड़क के दोनों ओर लगभग 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया और यात्री फंसे रहे। ओम प्रकाश विश्वकर्मा के अनुसार, बिजली के खंभे गिरने से पिपरवाह सहित दर्जनों गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। तूफान की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई ग्रामीणों के घरों की छतें (छप्पर और खपरैल) उड़ गईं। जगह-जगह गिरे पेड़ों ने रास्तों को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे राहत कार्यों में बाधा आ रही है। तूफान के बाद हुई मूसलाधार बारिश ने मलबे और बिजली के तारों को हटाने के काम को और भी मुश्किल बना दिया। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि जल्द से जल्द मार्ग से मलबा हटाकर यातायात सुचारू किया जा सके और क्षतिग्रस्त खंभों को ठीक कर बिजली बहाल की जा सके।















































