Thursday, 30 Apr 2026 | 02:11 PM

Trending :

समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया फिर साथ दिखेंगे:‘कपिल के शो में इंडियाज गॉट लेटेंट विवाद के बाद पहली बार साथ नजर आएंगे बंगाल में एग्जिट पोल में टीएमसी-बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर दिखाई गई है। क्या महिला मतदाता संतुलन बना सकती हैं? | चुनाव समाचार भोपाल के ऋषिपुरम में शराब दुकान का विरोध:26 दिन से धरना दे रहे; कहा- 5 दिन में दुकान नहीं हटी तो उग्र प्रदर्शन करेंगे AIIMS Doctor Naval Kishore Vikram tips to protect heatwave | एम्स के डॉक्टर नवल किशोर ने बताए लू से बचने का तरीका करुणानिधि के उत्तराधिकारी से लेकर नए ‘कलैगनार’ तक: 2026 का तमिलनाडु चुनाव एमके स्टालिन की विरासत को कैसे प्रभावित कर सकता है | भारत समाचार भोपाल के बैरसिया में जनसुनवाई करेंगे कलेक्टर:तहसील में सुबह 10 बजे से शुरू होगी; सभी अधिकारी मौजूद रहेंगे
EXCLUSIVE

Schools will teach parents to recognize changing behavior in children

Schools will teach parents to recognize changing behavior in children
  • Hindi News
  • Career
  • Schools Will Teach Parents To Recognize Changing Behavior In Children

नई दिल्ली9 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

स्कूलों में बच्चों के व्यवहार में बदलाव, एंग्जायटी को पहचानने के लिए पैरेंट्स को ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया के जोखिम, गेमिंग एडिक्शन व स्क्रीन टाइम मैनेजमेंट पर गाइडेंस दी जाएगी।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शिक्षा की पारंपरिक परिभाषा को बदलते हुए क्रांतिकारी कदम उठाया है। सत्र 2026-27 के लिए बोर्ड ने अपना नया ‘पैरेंटिंग कैलेंडर’ लॉन्च किया है, जिसका मकसद अभिभावकों को पीटीएम (पैरेंट-टीचर मीटिंग) के महज औपचारिक दर्शक से बदलकर बच्चे के विकास में एक ‘सक्रिय भागीदार’ बनाना है। यह पहल नई शिक्षा नीति के उस विजन का हिस्सा है, जहां पढ़ाई का मतलब सिर्फ रटना और बेहतर अंक लाना नहीं, बल्कि बच्चे का मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास भी है। जानिए महत्वपूर्ण पहलू…

सपोर्ट ग्रुप बनाएंगे ताकि पैरेंट्स एक-दूसरे से सीख सकें, बच्चों के लिए इवेंट्स भी

कैलेंडर में पहली बार उन मुद्दों को स्कूल सिस्टम का हिस्सा बनाया गया है, जिन्हें अब तक ‘घर का मुद्दा’ माना जाता था। बच्चों के व्यवहार में बदलाव, एंग्जायटी को पहचानने के लिए पैरेंट्स को ट्रेनिंग दी जाएगी। एनसीबी के साथ नशे के खिलाफ जागरूकता के लिए अध्याय जोड़ा गया है। सोशल मीडिया के जोखिम, गेमिंग एडिक्शन व स्क्रीन टाइम मैनेजमेंट पर गाइडेंस दी जाएगी।

नर्सरी से 12वीं तक हर उम्र के लिए अलग नुस्खा

’सीबीएसई ने इस कैलेंडर को बच्चों की उम्र के हिसाब से अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है।

बाल वाटिका(नर्सरी से छोटी क्लास) – यहां फोकस बच्चे की आदतों, भावनात्मक विकास और स्क्रीन टाइम पर होगा।

मिडिल क्लास – दोस्ती के प्रति रुझान, डिजिटल व्यवहार पर चर्चा होगी।

सीनियर क्लास – 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए कॅरिअर की चिंता, बोर्ड परीक्षा का तनाव और लाइफ स्किल्स को प्राथमिकता दी गई है।

पैरेंट्स से व्यवस्थित संवाद – ​स्कूलों में सिर्फ पीटीएम नहीं बल्कि व्यवस्थित संवाद होगा। नियमित वर्कशॉप में पैरेंट्स बच्चों का व्यवहार व मानसिक स्थिति समझना सीखेंगे। अनुभव साझा करने के लिए सपोर्ट ग्रुप बनेंगे। प्रोजेक्ट्स, ओपन हाउस जैसे इवेंट्स से पैरेंट्स व बच्यों के बीच ‘ऑफलाइन जुड़ाव’ बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

समस्या सुलझाने पर जोर – बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया स्क्रीन एडिक्शन व कॅरिअर का दबाव बच्चों को अकेला कर रहा है। ऐसे में स्कूल, टीचर और पैरेंट्स के बीच तालमेल जरूरी है। कैलेंडर से यह संदेश देने की कोशिश है कि जरूरत पड़ने पर तुरंत पैरेंट्स टोचर मीटिंग बुलाई जाए, ताकि समस्या को गंभीर होने से पहले सुलझाया जा सके।

‘4 आर’ का सिद्धांत – नया कैलेंडर ‘4आर’ के सिद्धांत पर बनाया गया है, जो माता-पिता व बच्चों के रिश्ते को नई गहराई देगा।

रिफ्लेक्शन – परवरिश के तरीकों पर विचार करना ।

रीइंफोर्समेंट – सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देना ।

रिलेशनशिप – पैरेंट्स व बच्चे के बीच भरोसे का रिश्ता मजबूत करना।

रिजॉइसिंग – बच्चे की छोटी-छोटी उपलब्धियों और साथ बिताए पलों का जश्न मनाना।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Harmanpreet Kaur's India have been asked to bat (Picture credit: X @BCCIWomen)

April 22, 2026/
10:13 pm

आखरी अपडेट:22 अप्रैल, 2026, 22:13 IST तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों और पश्चिम बंगाल की 294 में से 152...

चार साल बाद अमेरिकी रैपर की वापसी:घूमती पृथ्वी के स्टेज पर हुआ कान्ये का कॉन्सर्ट, अगले महीने दिल्ली में करेंगे परफॉर्म

April 5, 2026/
1:21 pm

अमेरिकी रैपर और हिप-हॉप के दिग्गज कलाकार कान्ये वेस्ट ने हाल ही में लॉस एंजिलिस के सोफी स्टेडियम में घूमती...

गुना में बैंक की प्रोजेक्ट मैनेजर ने खाया जहर, मौत:पति को घर का सामान लाने बाजार भेजा; पति ने कॉल किया तो बोली-जहर खा लिया

April 25, 2026/
4:47 pm

गुना की विंध्याचल कॉलोनी में नवविवाहिता ने जहर खाकर सुसाइड कर लिया। महिला ने पहले अपने पति को घर का...

BJP releases manifesto ahead of Assam Assembly elections 2026. (Image: ANI)

March 31, 2026/
11:48 am

आखरी अपडेट:मार्च 31, 2026, 11:48 IST केरलम विधानसभा चुनाव 2026: पहचान की राजनीति मालाबार पर हावी है, शहरीकरण और विकास...

अशोकनगर में पेट्रोल पंपों पर अफवाहों से भीड़ उमड़ी:एसोसिएशन ने नागरिकों से जरूरत के हिसाब से ही खरीदने की अपील की

March 27, 2026/
1:37 pm

अशोकनगर में शुक्रवार सुबह से पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। लोग अफवाहों के चलते वाहनों में...

साई से लौटकर गांव में सीख रही कुश्ती:12 राष्ट्रीय पदक जीती माधुरी; ओलंपिक में भारत के लिए लाना चाहती हैं मेडल

April 26, 2026/
5:57 pm

खंडवा जिले के बोरगांवखुर्द की युवा पहलवान माधुरी पटेल देवास में आयोजित कुश्ती महोत्सव में हिस्सा लेने आई हैं। 21...

Stock Market Today

March 5, 2026/
11:34 am

आखरी अपडेट:मार्च 05, 2026, 11:34 IST जैसा कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की उम्मीद है, बिहार के अगले मुख्यमंत्री...

अवैध रेत खनन कर रहा युवक नर्मदा में कूदा, मौत:जबलपुर में प्रशासन-खनिज विभाग की टीम पहुंची दबिश देने, डर के चलते लगाई नदी में छलांग

April 20, 2026/
5:06 pm

जबलपुर के खिरैनी घाट पर अवैध खनन की दबिश के बीच एक युवक की डूबने से मौत हो गई। कलेक्टर...

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति

Schools will teach parents to recognize changing behavior in children

Schools will teach parents to recognize changing behavior in children
  • Hindi News
  • Career
  • Schools Will Teach Parents To Recognize Changing Behavior In Children

नई दिल्ली9 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

स्कूलों में बच्चों के व्यवहार में बदलाव, एंग्जायटी को पहचानने के लिए पैरेंट्स को ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया के जोखिम, गेमिंग एडिक्शन व स्क्रीन टाइम मैनेजमेंट पर गाइडेंस दी जाएगी।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शिक्षा की पारंपरिक परिभाषा को बदलते हुए क्रांतिकारी कदम उठाया है। सत्र 2026-27 के लिए बोर्ड ने अपना नया ‘पैरेंटिंग कैलेंडर’ लॉन्च किया है, जिसका मकसद अभिभावकों को पीटीएम (पैरेंट-टीचर मीटिंग) के महज औपचारिक दर्शक से बदलकर बच्चे के विकास में एक ‘सक्रिय भागीदार’ बनाना है। यह पहल नई शिक्षा नीति के उस विजन का हिस्सा है, जहां पढ़ाई का मतलब सिर्फ रटना और बेहतर अंक लाना नहीं, बल्कि बच्चे का मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास भी है। जानिए महत्वपूर्ण पहलू…

सपोर्ट ग्रुप बनाएंगे ताकि पैरेंट्स एक-दूसरे से सीख सकें, बच्चों के लिए इवेंट्स भी

कैलेंडर में पहली बार उन मुद्दों को स्कूल सिस्टम का हिस्सा बनाया गया है, जिन्हें अब तक ‘घर का मुद्दा’ माना जाता था। बच्चों के व्यवहार में बदलाव, एंग्जायटी को पहचानने के लिए पैरेंट्स को ट्रेनिंग दी जाएगी। एनसीबी के साथ नशे के खिलाफ जागरूकता के लिए अध्याय जोड़ा गया है। सोशल मीडिया के जोखिम, गेमिंग एडिक्शन व स्क्रीन टाइम मैनेजमेंट पर गाइडेंस दी जाएगी।

नर्सरी से 12वीं तक हर उम्र के लिए अलग नुस्खा

’सीबीएसई ने इस कैलेंडर को बच्चों की उम्र के हिसाब से अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है।

बाल वाटिका(नर्सरी से छोटी क्लास) – यहां फोकस बच्चे की आदतों, भावनात्मक विकास और स्क्रीन टाइम पर होगा।

मिडिल क्लास – दोस्ती के प्रति रुझान, डिजिटल व्यवहार पर चर्चा होगी।

सीनियर क्लास – 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए कॅरिअर की चिंता, बोर्ड परीक्षा का तनाव और लाइफ स्किल्स को प्राथमिकता दी गई है।

पैरेंट्स से व्यवस्थित संवाद – ​स्कूलों में सिर्फ पीटीएम नहीं बल्कि व्यवस्थित संवाद होगा। नियमित वर्कशॉप में पैरेंट्स बच्चों का व्यवहार व मानसिक स्थिति समझना सीखेंगे। अनुभव साझा करने के लिए सपोर्ट ग्रुप बनेंगे। प्रोजेक्ट्स, ओपन हाउस जैसे इवेंट्स से पैरेंट्स व बच्यों के बीच ‘ऑफलाइन जुड़ाव’ बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

समस्या सुलझाने पर जोर – बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया स्क्रीन एडिक्शन व कॅरिअर का दबाव बच्चों को अकेला कर रहा है। ऐसे में स्कूल, टीचर और पैरेंट्स के बीच तालमेल जरूरी है। कैलेंडर से यह संदेश देने की कोशिश है कि जरूरत पड़ने पर तुरंत पैरेंट्स टोचर मीटिंग बुलाई जाए, ताकि समस्या को गंभीर होने से पहले सुलझाया जा सके।

‘4 आर’ का सिद्धांत – नया कैलेंडर ‘4आर’ के सिद्धांत पर बनाया गया है, जो माता-पिता व बच्चों के रिश्ते को नई गहराई देगा।

रिफ्लेक्शन – परवरिश के तरीकों पर विचार करना ।

रीइंफोर्समेंट – सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देना ।

रिलेशनशिप – पैरेंट्स व बच्चे के बीच भरोसे का रिश्ता मजबूत करना।

रिजॉइसिंग – बच्चे की छोटी-छोटी उपलब्धियों और साथ बिताए पलों का जश्न मनाना।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.