Saturday, 19 Sep 2026 | 09:18 PM

Trending :

EXCLUSIVE

Bhopal NEET Aspirants House Collapses Day Before Exam, Doctor Dream Shattered

Bhopal NEET Aspirants House Collapses Day Before Exam, Doctor Dream Shattered
  • Hindi News
  • Career
  • Bhopal NEET Aspirants House Collapses Day Before Exam, Doctor Dream Shattered

5 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

आज 3 मई को देशभर में NEET का एग्जाम हुआ। इससे ठीक एक दिन पहले, जहां एक ओर सारे एस्पिरेंट्स इसकी आखिरी तैयारी में लगे थे, वहीं दूसरी ओर भोपाल की NEET एस्पिरेंट अंकिता दांगी मलबे में से अपना एडमिट कार्ड खोज रही थी। वही मलबा जो शनिवार सुबह तक उसका घर था।

17 साल की अंकिता दांगी ने सुबकते हुए कहा, ‘मैं ऐसी स्थिति में एग्जाम कैसे दूंगी? सब बिगाड़ दिया, हमारा घर-पढ़ाई और हमारा भविष्य। एक घर के साथ हमारी लाइफ खत्म कर दी।’

अंकिता दांगी का अपने परिवार में पहली डॉक्टर बनने का ख्वाब था।

अंकिता दांगी का अपने परिवार में पहली डॉक्टर बनने का ख्वाब था।

भोपाल में आदिवासी बस्ती पर बुलडोजर चला, अंकिता का घर उनमें से एक अंकिता दांगी भोपाल के मानस भवन से सटी आदिवासी बस्ती में परिवार के साथ रहती थीं। उनके परिवार में मां-पिता और बहनें हैं। परिवार के पास फिलहाल कमाने का कोई जरिया नहीं है।

अंकिता जिस आदिवासी बस्ती में रहती थीं, वो करीब 70 साल पुरानी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, ये बस्ती मानस भवन के परिसर में थी, जिसे मानस भवन प्रोजेक्ट के तहत जगह को खाली काराया जाना था। इसे हटाए जाने का सरकारी आदेश काफी पहले ही आ चुका था। शनिवार की सुबह जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने के लिए 27 परिवारों के घर पर बुलडोजर चलवा दिया।

सुबह 6 बजे प्रशासन ने बुलडोजर चलाया

अंकिता ने बताया कि उन्हें शुक्रवार रात 10 बजे प्रशासन ने घर खाली करने को कहा था। अंकिता और बाकी आदिवासी परिवारों ने पूरी रात सड़क पर बिताई। इसके बाद शनिवार सुबह करीब 6 बजे उनके घर बुलडोजर चला दिया। पूरा घर पल भर में मलबे में बदल गया और उन मलबों के बीच दबे रह गए उनके सारे डॉक्यूमेंट्स, जिनमें अंकिता का NEET UG एडमिट कार्ड भी था।

27 परिवारों को शिफ्ट किया जा रहा

प्रशासन के मुताबिक, यहां से 27 परिवारों को हटाकर भौंरी, कलखेड़ा और मालीखेड़ी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने पक्के मकानों में शिफ्ट किया जा रहा है। ये 1BHK फ्लैट हैं।

अंकिता के मुताबिक, उन्हें सामान निकालने तक का वक्त नहीं दिया गया। बड़ी मिन्नतों के बाद दोपहर में वो किसी तरह अपना NEET का एडमिट कार्ड निकाल पाईं। लेकिन तब भी उसके दिमाग में बस यही सवाल था कि इन हालातों में वो कल एग्जाम कैसे देंगी? अंकिता का परिवार में पहली डॉक्टर बनने का सपना भी चकनाचूर हो गया।

अंकिता बोलीं- ‘मेरे पास NEET एग्जाम के लिए न कपड़े बचे, न आईडी’

अंकिता ने एक इंटरव्यू में बताया, ‘अगर मैं रविवार को एग्जाम सेंटर तक पहुंच भी जाऊं, तब भी NEET के सख्त नियम मेरे लिए बड़ी परेशानी हैं। मेरे पास जो कपड़े बचे हैं, वो ड्रेस कोड के मुताबिक नहीं हैं और मेरे सारे डॉक्यूमेंट मलबे के नीचे दबे हुए हैं।’

NEET के नियमों के मुताबिक परीक्षार्थियों को हल्के रंग के, फुल स्लीव्स वाले बिना किसी डिजाइन या कढ़ाई के कपड़े पहनने होते हैं और साथ में असली पहचान पत्र लाना जरूरी होता है। ऐसे में अंकिता के लिए ये शर्तें पूरी कर पाना अब लगभग नामुमकिन था।

NEET UG 2026 के लिए 22.79 लाख ने रजिस्टर किया था

मेडिकल एट्रेंस एग्जाम NEET UG 2026 का 3 मई 2026 को आयोजित हुआ। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मुताबिक, इस एग्जाम के लिए 22.79 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन किया है।

NEET UG 2026 का पेपर बैलेंस्ड, लेकिन लेंदी रहा

दिल्ली में विशनरी मास्टर्ज के डायरेक्टर हरप्रीत सिंह के मुताबिक, NEET UG 2026 परीक्षा का स्तर कुल मिलाकर मॉडरेट रहा। हालांकि, अभ्यर्थियों के मुताबिक पेपर बैलेंस्ड, लेकिन लेंदी था।

फिजिक्स सेक्शन रैंक डिसाइडिंग फैक्टर साबित हो सकता है

फिजिक्स वाला सेक्शन काफी चैलेंजिग रहा, जिसमें करेंट करेंट इलेक्ट्रिसिटी, मैग्नेटिक इफेक्ट्स, जैसे विषयों से कॉन्सेप्चुअल और कैलकुलेटिव सवाल ज्यादा पूछे गए, जिससे ये सेक्शन रैंक डिसाइडिंग फैक्टर साबित हो सकता है।

NEET UG की परीक्षा ऑफलाइन पेन, पेपर मोड में आयोजित की जाती है।

NEET UG की परीक्षा ऑफलाइन पेन, पेपर मोड में आयोजित की जाती है।

केमिस्ट्री में ज्यादातर सवाल NCERT बेस्ड

केमिस्ट्री का लेवल आसान से मॉडरेट रहा, जहां फिजिकल केमिस्ट्री आसान रही, जबकि ऑर्गेनिक केमिस्ट्री के कुछ सवाल थोड़े पेचीदा थे और ज्यादातर सवाल NCERT बेस्ड थे।

बायोलॉजी में एस्पिरेंट्स की कॉन्सेप्चुअल अंडरस्टैंडिंग को परखा

बायोलॉजी सबसे ज्यादा स्कोरिंग सेक्शन रहा, जिसमें Human Physiology, Genetics, Biotechnology और Plant Physiology जैसे टॉपिक्स से सीधे सवाल पूछे गए।

इस साल बायोलॉजी सेक्शन में स्टेटमेंट-बेस्ड और मैच-द-कोलम जैसे ज्यादा सवाल रहे, जिनमें एस्पिरेंट्स की कॉन्सेप्चुअल अंडरस्टैंडिंग, NCERT की लाइन-बाई-लाइन समझ और आपस में मिलते-जुलते कॉन्सेप्ट्स में अंतर करने की क्षमता को परखा गया, न कि सिर्फ रटने की क्षमता को।

कुल मिलाकर पेपर में कॉन्सेप्ट की समझ और NCERT पर पकड़ को प्रायॉरिटी दी गई और एस्पिरेंट्स का मानना है कि सवाल आसान थे, लेकिन अच्छा स्कोर करने के लिए टाइम मैनेजमेंट बेहद जरूरी रहा। ————————-

ये खबर भी पढ़ें…

‘लेबर डे’ पर नोएडा में फैक्ट्रियों के बाहर पुलिस तैनात:अपने हक के लिए आवाज उठाने वाले 1100 से ज्यादा मजदूर हिरासत में

आज ‘इंटरनेशनल लेबर डे’ है। एक ओर दुनिया इस दिन को मजदूरों के योगदान और उनके अधिकारों को बढ़ावा देने के रूप में मना रही है, तो वहीं दूसरी तस्वीर अपने हक के लिए प्रदर्शन करते भारतीय मजदूरों की है, जिनके हिस्से आपराधिक मुकदमे और जेल की चारदीवारी आई। ये मजदूर नोएडा प्रोटेस्ट में अपने हक की मांग करते प्रदर्शनकारी हैं। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
फीफा वर्ल्ड कप के लिए बेल्जियम टीम का ऐलान:डि ब्रुइन और कोर्टुआ संभालेंगे कमान, ओपेंडा बाहर; लिले के फर्नांडीज को पहली बार मौका

May 16, 2026/
11:25 am

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए बेल्जियम ने 26 सदस्यीय टीम का ऐलान किया है। रियाल मैड्रिड के गोलकीपर थिबो...

2 तेज गेंदबाजों ने छोड़ा राजस्थान का साथ:अब हरियाणा और गुजरात से खेलेंगे; IPL में 154Km/ घंटे की रफ्तार से कर चुके बॉलिंग

June 13, 2026/
8:13 am

राजस्थान के 2 तेज गेंदबाज अशोक शर्मा और गणेश सुथार अब राजस्थान की ओर से क्रिकेट नहीं खेलेंगे। दोनों खिलाड़ियों...

Israel Nuclear Location Exposed; Iran Dimona Missile Attack

March 23, 2026/
2:52 pm

तेल अवीव6 मिनट पहले कॉपी लिंक इजराइल के सबसे सुरक्षित इलाकों में उसका मुख्य परमाणु रिसर्च सेंटर माना जाता है।...

दावा- बाब अल-मंदेब पर कब्जे के करीब हूती विद्रोही:दुनिया के अहम समुद्री रास्ते पर खतरा बढ़ा; यमनी फोर्स पेरिम द्वीप छोड़कर भागी

September 11, 2026/
3:15 pm

यमन के हूती विद्रोही बाब अल-मंदेब पर कब्जे के करीब पहुंच गए हैं। यह यह द्वीप बाब अल-मंदेब स्ट्रेट में...

पति पर तीन शादियां करने और धोखाधड़ी का आरोप:पत्नी ने पुलिस से मांगी मदद, पति ने दी अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी

March 17, 2026/
9:58 pm

ग्वालियर में एक नवविवाहिता महिला ने अपने पति पर धोखे, मारपीट और तीन शादियां करने का आरोप लगाया है। पीड़िता...

US President Donald Trump. (IMAGE: REUTERS)

February 11, 2026/
3:31 pm

आखरी अपडेट:फ़रवरी 11, 2026, 15:31 IST जगदंबिका पाल ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि अगर उनकी सलाह...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Bhopal NEET Aspirants House Collapses Day Before Exam, Doctor Dream Shattered

Bhopal NEET Aspirants House Collapses Day Before Exam, Doctor Dream Shattered
  • Hindi News
  • Career
  • Bhopal NEET Aspirants House Collapses Day Before Exam, Doctor Dream Shattered

5 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

आज 3 मई को देशभर में NEET का एग्जाम हुआ। इससे ठीक एक दिन पहले, जहां एक ओर सारे एस्पिरेंट्स इसकी आखिरी तैयारी में लगे थे, वहीं दूसरी ओर भोपाल की NEET एस्पिरेंट अंकिता दांगी मलबे में से अपना एडमिट कार्ड खोज रही थी। वही मलबा जो शनिवार सुबह तक उसका घर था।

17 साल की अंकिता दांगी ने सुबकते हुए कहा, ‘मैं ऐसी स्थिति में एग्जाम कैसे दूंगी? सब बिगाड़ दिया, हमारा घर-पढ़ाई और हमारा भविष्य। एक घर के साथ हमारी लाइफ खत्म कर दी।’

अंकिता दांगी का अपने परिवार में पहली डॉक्टर बनने का ख्वाब था।

अंकिता दांगी का अपने परिवार में पहली डॉक्टर बनने का ख्वाब था।

भोपाल में आदिवासी बस्ती पर बुलडोजर चला, अंकिता का घर उनमें से एक अंकिता दांगी भोपाल के मानस भवन से सटी आदिवासी बस्ती में परिवार के साथ रहती थीं। उनके परिवार में मां-पिता और बहनें हैं। परिवार के पास फिलहाल कमाने का कोई जरिया नहीं है।

अंकिता जिस आदिवासी बस्ती में रहती थीं, वो करीब 70 साल पुरानी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, ये बस्ती मानस भवन के परिसर में थी, जिसे मानस भवन प्रोजेक्ट के तहत जगह को खाली काराया जाना था। इसे हटाए जाने का सरकारी आदेश काफी पहले ही आ चुका था। शनिवार की सुबह जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने के लिए 27 परिवारों के घर पर बुलडोजर चलवा दिया।

सुबह 6 बजे प्रशासन ने बुलडोजर चलाया

अंकिता ने बताया कि उन्हें शुक्रवार रात 10 बजे प्रशासन ने घर खाली करने को कहा था। अंकिता और बाकी आदिवासी परिवारों ने पूरी रात सड़क पर बिताई। इसके बाद शनिवार सुबह करीब 6 बजे उनके घर बुलडोजर चला दिया। पूरा घर पल भर में मलबे में बदल गया और उन मलबों के बीच दबे रह गए उनके सारे डॉक्यूमेंट्स, जिनमें अंकिता का NEET UG एडमिट कार्ड भी था।

27 परिवारों को शिफ्ट किया जा रहा

प्रशासन के मुताबिक, यहां से 27 परिवारों को हटाकर भौंरी, कलखेड़ा और मालीखेड़ी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने पक्के मकानों में शिफ्ट किया जा रहा है। ये 1BHK फ्लैट हैं।

अंकिता के मुताबिक, उन्हें सामान निकालने तक का वक्त नहीं दिया गया। बड़ी मिन्नतों के बाद दोपहर में वो किसी तरह अपना NEET का एडमिट कार्ड निकाल पाईं। लेकिन तब भी उसके दिमाग में बस यही सवाल था कि इन हालातों में वो कल एग्जाम कैसे देंगी? अंकिता का परिवार में पहली डॉक्टर बनने का सपना भी चकनाचूर हो गया।

अंकिता बोलीं- ‘मेरे पास NEET एग्जाम के लिए न कपड़े बचे, न आईडी’

अंकिता ने एक इंटरव्यू में बताया, ‘अगर मैं रविवार को एग्जाम सेंटर तक पहुंच भी जाऊं, तब भी NEET के सख्त नियम मेरे लिए बड़ी परेशानी हैं। मेरे पास जो कपड़े बचे हैं, वो ड्रेस कोड के मुताबिक नहीं हैं और मेरे सारे डॉक्यूमेंट मलबे के नीचे दबे हुए हैं।’

NEET के नियमों के मुताबिक परीक्षार्थियों को हल्के रंग के, फुल स्लीव्स वाले बिना किसी डिजाइन या कढ़ाई के कपड़े पहनने होते हैं और साथ में असली पहचान पत्र लाना जरूरी होता है। ऐसे में अंकिता के लिए ये शर्तें पूरी कर पाना अब लगभग नामुमकिन था।

NEET UG 2026 के लिए 22.79 लाख ने रजिस्टर किया था

मेडिकल एट्रेंस एग्जाम NEET UG 2026 का 3 मई 2026 को आयोजित हुआ। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मुताबिक, इस एग्जाम के लिए 22.79 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन किया है।

NEET UG 2026 का पेपर बैलेंस्ड, लेकिन लेंदी रहा

दिल्ली में विशनरी मास्टर्ज के डायरेक्टर हरप्रीत सिंह के मुताबिक, NEET UG 2026 परीक्षा का स्तर कुल मिलाकर मॉडरेट रहा। हालांकि, अभ्यर्थियों के मुताबिक पेपर बैलेंस्ड, लेकिन लेंदी था।

फिजिक्स सेक्शन रैंक डिसाइडिंग फैक्टर साबित हो सकता है

फिजिक्स वाला सेक्शन काफी चैलेंजिग रहा, जिसमें करेंट करेंट इलेक्ट्रिसिटी, मैग्नेटिक इफेक्ट्स, जैसे विषयों से कॉन्सेप्चुअल और कैलकुलेटिव सवाल ज्यादा पूछे गए, जिससे ये सेक्शन रैंक डिसाइडिंग फैक्टर साबित हो सकता है।

NEET UG की परीक्षा ऑफलाइन पेन, पेपर मोड में आयोजित की जाती है।

NEET UG की परीक्षा ऑफलाइन पेन, पेपर मोड में आयोजित की जाती है।

केमिस्ट्री में ज्यादातर सवाल NCERT बेस्ड

केमिस्ट्री का लेवल आसान से मॉडरेट रहा, जहां फिजिकल केमिस्ट्री आसान रही, जबकि ऑर्गेनिक केमिस्ट्री के कुछ सवाल थोड़े पेचीदा थे और ज्यादातर सवाल NCERT बेस्ड थे।

बायोलॉजी में एस्पिरेंट्स की कॉन्सेप्चुअल अंडरस्टैंडिंग को परखा

बायोलॉजी सबसे ज्यादा स्कोरिंग सेक्शन रहा, जिसमें Human Physiology, Genetics, Biotechnology और Plant Physiology जैसे टॉपिक्स से सीधे सवाल पूछे गए।

इस साल बायोलॉजी सेक्शन में स्टेटमेंट-बेस्ड और मैच-द-कोलम जैसे ज्यादा सवाल रहे, जिनमें एस्पिरेंट्स की कॉन्सेप्चुअल अंडरस्टैंडिंग, NCERT की लाइन-बाई-लाइन समझ और आपस में मिलते-जुलते कॉन्सेप्ट्स में अंतर करने की क्षमता को परखा गया, न कि सिर्फ रटने की क्षमता को।

कुल मिलाकर पेपर में कॉन्सेप्ट की समझ और NCERT पर पकड़ को प्रायॉरिटी दी गई और एस्पिरेंट्स का मानना है कि सवाल आसान थे, लेकिन अच्छा स्कोर करने के लिए टाइम मैनेजमेंट बेहद जरूरी रहा। ————————-

ये खबर भी पढ़ें…

‘लेबर डे’ पर नोएडा में फैक्ट्रियों के बाहर पुलिस तैनात:अपने हक के लिए आवाज उठाने वाले 1100 से ज्यादा मजदूर हिरासत में

आज ‘इंटरनेशनल लेबर डे’ है। एक ओर दुनिया इस दिन को मजदूरों के योगदान और उनके अधिकारों को बढ़ावा देने के रूप में मना रही है, तो वहीं दूसरी तस्वीर अपने हक के लिए प्रदर्शन करते भारतीय मजदूरों की है, जिनके हिस्से आपराधिक मुकदमे और जेल की चारदीवारी आई। ये मजदूर नोएडा प्रोटेस्ट में अपने हक की मांग करते प्रदर्शनकारी हैं। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.