Wednesday, 04 Nov 2026 | 02:04 PM

Trending :

“तारे जमीन पर” फिल्म में इशान को कौन सी बीमारी थी, जानिये लक्षण, और ऐसे बच्चों के साथ कैसा व्यवहार करें?

google-color.svg

आमिर खान के निर्देशन में बनी फिल्म “तारे ज़मीन पर” (2007) में दिखाया गया बच्चा इशान अवस्थी किसी मानसिक कमजोरी का नहीं, बल्कि एक विशेष सीखने की समस्या, डिस्लेक्सिया (Dyslexia) से जूझ रहा था. यह फिल्म समाज में इस बीमारी को समझने और स्वीकार करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जाती है.

डिस्लेक्सिया क्या है?
डिस्लेक्सिया एक लर्निंग डिसऑर्डर है, जिसमें बच्चे को पढ़ने, लिखने और अक्षरों को पहचानने में कठिनाई होती है. यह बुद्धिमत्ता की कमी नहीं है. डिस्लेक्सिया से ग्रस्त बच्चे अक्सर रचनात्मक, कल्पनाशील और कला में निपुण होते हैं, जैसे इशान चित्रकला में था.

डिस्लेक्सिया के प्रमुख लक्षण
डिस्लेक्सिया के लक्षण हर बच्चे में अलग हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर इनमें शामिल हैं,

अक्षरों या शब्दों को उल्टा-पुल्टा पढ़ना.
लिखते समय अक्षरों की अदला-बदली.
जोर से पढ़ने में कठिनाई.
बात समझने में सक्षम होते हुए भी लिख न पाना.
बार-बार कक्षा में फेल होना.
पढ़ाई से डर और आत्मविश्वास की कमी.
चिड़चिड़ापन, उदासी या अकेलापन.

इलाज और सीखने के तरीके
डिस्लेक्सिया कोई बीमारी नहीं जिसे दवा से ठीक किया जाए, बल्कि यह एक आजीवन स्थिति है जिसे सही मार्गदर्शन से संभाला जा सकता है.

इलाज और सहायता के तरीके,

विशेष शिक्षा (Special Education): ट्रेनिंग प्राप्त शिक्षकों द्वारा पढ़ाना.
मल्टी-सेंसरी तकनीक: देखने, सुनने और लिखने को साथ जोड़कर सिखाना.
स्पीच और भाषा थेरेपी.
काउंसलिंग: बच्चे के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए.
अभिभावकों और शिक्षकों का सहयोग.

डिस्लेक्सिया से ग्रस्त बच्चे के साथ कैसा करें व्यवहार
सबसे ज़रूरी है समझ और धैर्य.
बच्चे की तुलना दूसरों से न करें.
उसे डांटने या शर्मिंदा करने से बचें.
उसकी खूबियों को पहचानें और प्रोत्साहित करें.
पढ़ाई में वैकल्पिक तरीकों को अपनाएं.
सकारात्मक माहौल दें.
सफलता के छोटे-छोटे कदमों की सराहना करें.

परिणाम
“तारे ज़मीन पर” हमें सिखाती है कि हर बच्चा अलग होता है. इशान की तरह हजारों बच्चे डिस्लेक्सिया से जूझ रहे हैं, जिन्हें बस समझ, सहयोग और सही मार्गदर्शन की ज़रूरत है. सही दृष्टिकोण अपनाकर ऐसे बच्चे भी अपनी खास पहचान बना सकते हैं. तो अगली बार आप भी अगर ऐसे किसी बच्चे से मिलें, तो उसे समझने की कोशिश करें, न कि उस पर नाराजगी दिखाएं.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
IPL सीजन में 200+ रनचेज का रिकॉर्ड टूटा:हैदराबाद ने इतिहास का चौथा सबसे बड़ा चेज किया; नमन ने हेड के 3 कैच छोड़े

April 30, 2026/
4:59 am

सनराजर्स हैदराबाद ने IPL में बुधवार को मुंबई इंडियंस पर 6 विकेट की जीत दर्ज की। टीम ने 244 रन...

तस्वीर का विवरण

June 2, 2026/
10:46 pm

कटहल की भुजिया बनाने की सामग्री: 500 ग्राम कच्चा कटहल, 2 बड़े प्याज, 2 टमाटर, 2 हरी मिर्च, 1 मोटा...

अमेरिकी एक्टर जॉनी वेक्टर को चोरों ने गोली मारी थी:को–एक्टर को बचाते वक्त जान गई; मौत के 3 हफ्ते बाद अंतिम संस्कार हुआ था

February 28, 2026/
4:30 am

25 मई 2024 की बात है, जब अमेरिकी एक्टर जॉनी वेक्टर अपनी शूटिंग खत्म करके अपनी को-एक्टर के साथ घर...

रीति तिवारी की आपत्तिजनक टिप्पणी पर भड़के सलमान:बोले- किसी का अपमान करने की भी एक सीमा होनी चाहिए; आपको इस पर गर्व क्यों है

September 26, 2026/
12:56 pm

सलमान खान ने रीति तिवारी को उदिति सिंह और काजी तौकीर के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर फटकार...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

“तारे जमीन पर” फिल्म में इशान को कौन सी बीमारी थी, जानिये लक्षण, और ऐसे बच्चों के साथ कैसा व्यवहार करें?

google-color.svg

आमिर खान के निर्देशन में बनी फिल्म “तारे ज़मीन पर” (2007) में दिखाया गया बच्चा इशान अवस्थी किसी मानसिक कमजोरी का नहीं, बल्कि एक विशेष सीखने की समस्या, डिस्लेक्सिया (Dyslexia) से जूझ रहा था. यह फिल्म समाज में इस बीमारी को समझने और स्वीकार करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जाती है.

डिस्लेक्सिया क्या है?
डिस्लेक्सिया एक लर्निंग डिसऑर्डर है, जिसमें बच्चे को पढ़ने, लिखने और अक्षरों को पहचानने में कठिनाई होती है. यह बुद्धिमत्ता की कमी नहीं है. डिस्लेक्सिया से ग्रस्त बच्चे अक्सर रचनात्मक, कल्पनाशील और कला में निपुण होते हैं, जैसे इशान चित्रकला में था.

डिस्लेक्सिया के प्रमुख लक्षण
डिस्लेक्सिया के लक्षण हर बच्चे में अलग हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर इनमें शामिल हैं,

अक्षरों या शब्दों को उल्टा-पुल्टा पढ़ना.
लिखते समय अक्षरों की अदला-बदली.
जोर से पढ़ने में कठिनाई.
बात समझने में सक्षम होते हुए भी लिख न पाना.
बार-बार कक्षा में फेल होना.
पढ़ाई से डर और आत्मविश्वास की कमी.
चिड़चिड़ापन, उदासी या अकेलापन.

इलाज और सीखने के तरीके
डिस्लेक्सिया कोई बीमारी नहीं जिसे दवा से ठीक किया जाए, बल्कि यह एक आजीवन स्थिति है जिसे सही मार्गदर्शन से संभाला जा सकता है.

इलाज और सहायता के तरीके,

विशेष शिक्षा (Special Education): ट्रेनिंग प्राप्त शिक्षकों द्वारा पढ़ाना.
मल्टी-सेंसरी तकनीक: देखने, सुनने और लिखने को साथ जोड़कर सिखाना.
स्पीच और भाषा थेरेपी.
काउंसलिंग: बच्चे के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए.
अभिभावकों और शिक्षकों का सहयोग.

डिस्लेक्सिया से ग्रस्त बच्चे के साथ कैसा करें व्यवहार
सबसे ज़रूरी है समझ और धैर्य.
बच्चे की तुलना दूसरों से न करें.
उसे डांटने या शर्मिंदा करने से बचें.
उसकी खूबियों को पहचानें और प्रोत्साहित करें.
पढ़ाई में वैकल्पिक तरीकों को अपनाएं.
सकारात्मक माहौल दें.
सफलता के छोटे-छोटे कदमों की सराहना करें.

परिणाम
“तारे ज़मीन पर” हमें सिखाती है कि हर बच्चा अलग होता है. इशान की तरह हजारों बच्चे डिस्लेक्सिया से जूझ रहे हैं, जिन्हें बस समझ, सहयोग और सही मार्गदर्शन की ज़रूरत है. सही दृष्टिकोण अपनाकर ऐसे बच्चे भी अपनी खास पहचान बना सकते हैं. तो अगली बार आप भी अगर ऐसे किसी बच्चे से मिलें, तो उसे समझने की कोशिश करें, न कि उस पर नाराजगी दिखाएं.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.