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Amit Shah Bengal Election Strategy

Amit Shah Bengal Election Strategy

नई दिल्ली/कोलकाता27 मिनट पहले

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भाजपा की बंगाल विजय ऐतिहासिक है। इस बदलाव के रणनीतिकार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रहे जो 15 दिन से ज्यादा बंगाल में डटे रहे। उन्होंने चुनाव अभियान को मिशन में बदल दिया।

शाह दिन में रैली और रोड शो करते, रात में हर सीट की समीक्षा करते। इसी आधार पर माइक्रो मैनेजमेंट देखते थे। 50 से अधिक रैली और रोड शो किए। उनके साथ 5 और प्रमुख नेता कोर टीम की तरह हर मोर्चे पर डटी रही।

2021 की हिंसा के बाद घर-घर पहुंचा संघ

भाजपा की जीत के पीछे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की करीब डेढ़ दशक लंबी तैयारी भी है। 2011 में राज्य में करीब 530 शाखाएं थीं, जो 2500 से ज्यादा हो चुकी हैं। पिछले साल में 583 नई शाखाएं खुलीं। चुनाव से पहले संघ ने पर्दे के पीछे रहकर एक लाख से ज्यादा छोटी बैठकों के जरिए परिवर्तन का नैरेटिव सेट कर दिया।

जानते हैं संघ के 5 असरदार कदम क्या रहे…

पीड़ितों का ‘कवच’: 2021 की हिंसा के बाद संघ सुरक्षा कवच की भूमिका में आया। पीड़ितों के घर जाकर आर्थिक और कानूनी मदद दी। शीर्ष नेतृत्व से संवाद कराया। संदेश गया कि संगठन साथ है।

संदेशखाली से आवाज: संदेशखाली जैसे इलाकों में सीधे टकराव के बजाय भरोसे की रणनीति अपनाई। महिलाओं व पीड़ितों से संवाद के जरिए उन्हें बात उठाने को प्रेरित किया। बड़ी संख्या में लोग सामने आए।

बाहरी नैरेटिव खत्म: सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर काम किया। स्थानीय त्योहारों, विवेकानंद और सुभाष चंद्र बोस जैसे महापुरुषों और क्षेत्रीय पहचान से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए भाजपा को स्थानीय विकल्प के रूप में पेश किया।

डर तोड़ने का अभियान: गांव-मोहल्ले तक पहुंच वोटर्स-वर्कर्स में भरोसा बनाया कि निडर हो वोट दें। लोगों को बूथ तक लाने की तैयारी की। हर क्षेत्र-बूथ की जमीनी स्थिति भाजपा तक पहुंचाई।

मुद्दे भविष्य से जोड़े: शिक्षक भर्ती घोटाला, आरजीकर व अन्य मामलों को परिवार और महिलाओं की सुरक्षा व भविष्य से जोड़ा। मुद्दे गांव और शहरी मध्यमवर्ग तक पहुंचाए। असंतोष को वोट में बदलने का माहौल बना।

…………………

यह खबर भी पढ़ें…

बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार, असम में हैट्रिक: तमिलनाडु में एक्टर विजय बनेंगे CM; केरलम में कांग्रेस लौटी, लेफ्ट सरकार अब देश में कहीं नहीं

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के रिजल्ट सोमवार को आए। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरलम में सरकारें बदल गईं। असम और पुडुचेरी में एनडीए ने वापसी की। बंगाल में TMC को हराकर भाजपा पहली बार सत्ता में आई। पार्टी दस साल में 3 सीटों से 206 सीटों पर पहुंच गई है। तमिलनाडु में एक्टर थलपति विजय की पार्टी TVK ने सबसे ज्यादा सीटें लाकर चौंका दिया। पूरी खबर पढ़ें…

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