Tuesday, 05 May 2026 | 09:01 PM

Trending :

EXCLUSIVE

क्या वाकई में हाइपरपिगमेंटेशन को ठीक करने के लिए काफी है लेज़र ट्रीटमेंट? जान लें पूरा खर्च और नुकसान

authorimg

Last Updated:

चेहरे पर जिद्दी दाग-धब्बे और असमान स्किन टोन से परेशान लोग अक्सर जल्दी रिजल्ट पाने के लिए लेज़र ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं. इसे हाइपरपिगमेंटेशन कम करने का एक मॉडर्न और असरदार तरीका माना जाता है, लेकिन क्या यह सच में स्थायी समाधान है? इससे पहले कि आप इस ट्रीटमेंट पर पैसा खर्च करें, इसके फायदे, संभावित नुकसान और असली असर को समझना बेहद जरूरी है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

हाइपरपिगमेंटेशन के लिए लेजर ट्रीटमेंट.

हाइपरपिगमेंटेशन तब होता है जब त्वचा में मेलानिन का उत्पादन ज्यादा हो जाता है, जिससे स्किन पर काले धब्बे या पैच नजर आने लगते हैं. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे तेज धूप में ज्यादा समय बिताना, हार्मोनल बदलाव, पिंपल्स के निशान या बढ़ती उम्र. लेज़र ट्रीटमेंट को इन दाग-धब्बों को कम करने का एक आधुनिक और तेजी से असर दिखाने वाला तरीका माना जाता है. इसमें हाई-इंटेंसिटी लाइट बीम का इस्तेमाल किया जाता है, जो त्वचा की गहरी परतों में जाकर अतिरिक्त पिगमेंट को तोड़ने का काम करता है. धीरे-धीरे यह पिगमेंट हल्का पड़ने लगता है और स्किन का टोन पहले से ज्यादा साफ नजर आने लगता है.

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि लेज़र ट्रीटमेंट कोई जादुई समाधान नहीं है. इसका असर हर व्यक्ति की त्वचा और समस्या की गंभीरता पर निर्भर करता है. कई मामलों में एक ही सेशन से पूरा फायदा नहीं मिलता, बल्कि 4 से 6 सेशन या उससे ज्यादा की जरूरत पड़ सकती है. हर सेशन के बीच कुछ हफ्तों का अंतर रखना पड़ता है, ताकि त्वचा को रिकवर होने का समय मिल सके.

लेज़र ट्रीटमेंट में कितना आता है खर्च
अगर खर्च की बात करें, तो लेज़र ट्रीटमेंट सस्ता नहीं होता. एक सेशन का खर्च शहर और क्लिनिक के हिसाब से लगभग 3,000 से 10,000 रुपये या उससे ज्यादा हो सकता है. अगर कई सेशन कराने पड़ें, तो कुल खर्च काफी बढ़ सकता है. यही वजह है कि यह हर किसी के लिए किफायती विकल्प नहीं माना जाता.

लेज़र ट्रीटमेंट के बाद का डर
साइड इफेक्ट्स की बात करें, तो लेज़र ट्रीटमेंट आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कुछ मामलों में हल्की रेडनेस, सूजन, जलन या स्किन का छिलना देखने को मिल सकता है. बहुत सेंसिटिव स्किन वाले लोगों में पिगमेंटेशन और बढ़ने का खतरा भी रहता है, खासकर अगर ट्रीटमेंट के बाद सही देखभाल न की जाए. इसलिए एक्सपर्ट की सलाह के बिना इसे कराना सही नहीं होता.

लेज़र कराने के बाद रखें इस चीज का ख्याल
इसके अलावा, लेज़र कराने के बाद स्किन केयर रूटीन का पालन करना बेहद जरूरी होता है. सनस्क्रीन का नियमित इस्तेमाल, धूप से बचाव और मॉइश्चराइजिंग बहुत जरूरी है, वरना पिगमेंटेशन दोबारा भी हो सकता है.

About the Author

authorimg

Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
क्रॉस-इंडस्ट्री कोलैबोरेशन का ट्रेंड:‘डकैत’ के बाद 'G2' पर जुटेंगे अदिवि, 'G3' भी हो सकती है अनाउंस

February 24, 2026/
4:23 pm

भारतीय सिनेमा में क्रॉस-इंडस्ट्री कोलैबोरेशन का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। इस वक्त जिस जोड़ी पर सबसे ज्यादा नजरें...

जबलपुर में बरगी डैम में क्रूज डूबा:30 से ज्यादा पयर्टक थे सवार; 15 तैरकर निकले, 4 शव मिले, 4 लापता

April 30, 2026/
7:07 pm

मध्यप्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम में गुरुवार शाम तेज हवा और तूफान के बीच पर्यटकों से भरा एक क्रूज...

authorimg

April 6, 2026/
8:50 am

Udta Punjab real Story: 60 की उम्र में अपने चार-चार जवान बेटों को पल-पल मरते देखने और उनकी लाशों को...

दिल्ली विधानसभा का बैरियर तोड़कर घुसी कार:VIP गेट से एंट्री की, ड्राइवर ने गुलदस्ता रखा और फरार हुआ

April 6, 2026/
3:17 pm

दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सोमवार दोपहर चूक हुई है। अज्ञात कार सवार वीआईपी गेट नंबर 2 की बैरिकेडिंग तोड़कर...

जल गंगा संवर्धन अभियान: देश में नंबर वन बना एमपी:नेशनल रैंकिंग में डिंडौरी पहले और खंडवा दूसरे स्थान पर

April 27, 2026/
12:01 am

मध्यप्रदेश ने जल संरक्षण और प्रबंधन के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के ‘जल संचय...

पश्चिम बंगाल के 15 बूथों पर दोबारा वोटिंग शुरू:सेकेंड फेज में मगरहाट-डायमंड हार्बर सीट पर हिंसा और EVM से छेड़छाड़ हुई थी

May 2, 2026/
5:05 am

पश्चिम बंगाल में डायमंड हार्बर के 4 और मगरहाट पश्चिम के 11 बूथों पर दोबारा मतदान शुरू हो गया है।...

राहुल गांधी पर भड़के केरल के सीएम पिनाराई विजयन, कांग्रेस पर बीजेपी की बी-टीम पर आरोप

March 21, 2026/
10:25 pm

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शनिवार (21...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

क्या वाकई में हाइपरपिगमेंटेशन को ठीक करने के लिए काफी है लेज़र ट्रीटमेंट? जान लें पूरा खर्च और नुकसान

authorimg

Last Updated:

चेहरे पर जिद्दी दाग-धब्बे और असमान स्किन टोन से परेशान लोग अक्सर जल्दी रिजल्ट पाने के लिए लेज़र ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं. इसे हाइपरपिगमेंटेशन कम करने का एक मॉडर्न और असरदार तरीका माना जाता है, लेकिन क्या यह सच में स्थायी समाधान है? इससे पहले कि आप इस ट्रीटमेंट पर पैसा खर्च करें, इसके फायदे, संभावित नुकसान और असली असर को समझना बेहद जरूरी है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

हाइपरपिगमेंटेशन के लिए लेजर ट्रीटमेंट.

हाइपरपिगमेंटेशन तब होता है जब त्वचा में मेलानिन का उत्पादन ज्यादा हो जाता है, जिससे स्किन पर काले धब्बे या पैच नजर आने लगते हैं. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे तेज धूप में ज्यादा समय बिताना, हार्मोनल बदलाव, पिंपल्स के निशान या बढ़ती उम्र. लेज़र ट्रीटमेंट को इन दाग-धब्बों को कम करने का एक आधुनिक और तेजी से असर दिखाने वाला तरीका माना जाता है. इसमें हाई-इंटेंसिटी लाइट बीम का इस्तेमाल किया जाता है, जो त्वचा की गहरी परतों में जाकर अतिरिक्त पिगमेंट को तोड़ने का काम करता है. धीरे-धीरे यह पिगमेंट हल्का पड़ने लगता है और स्किन का टोन पहले से ज्यादा साफ नजर आने लगता है.

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि लेज़र ट्रीटमेंट कोई जादुई समाधान नहीं है. इसका असर हर व्यक्ति की त्वचा और समस्या की गंभीरता पर निर्भर करता है. कई मामलों में एक ही सेशन से पूरा फायदा नहीं मिलता, बल्कि 4 से 6 सेशन या उससे ज्यादा की जरूरत पड़ सकती है. हर सेशन के बीच कुछ हफ्तों का अंतर रखना पड़ता है, ताकि त्वचा को रिकवर होने का समय मिल सके.

लेज़र ट्रीटमेंट में कितना आता है खर्च
अगर खर्च की बात करें, तो लेज़र ट्रीटमेंट सस्ता नहीं होता. एक सेशन का खर्च शहर और क्लिनिक के हिसाब से लगभग 3,000 से 10,000 रुपये या उससे ज्यादा हो सकता है. अगर कई सेशन कराने पड़ें, तो कुल खर्च काफी बढ़ सकता है. यही वजह है कि यह हर किसी के लिए किफायती विकल्प नहीं माना जाता.

लेज़र ट्रीटमेंट के बाद का डर
साइड इफेक्ट्स की बात करें, तो लेज़र ट्रीटमेंट आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कुछ मामलों में हल्की रेडनेस, सूजन, जलन या स्किन का छिलना देखने को मिल सकता है. बहुत सेंसिटिव स्किन वाले लोगों में पिगमेंटेशन और बढ़ने का खतरा भी रहता है, खासकर अगर ट्रीटमेंट के बाद सही देखभाल न की जाए. इसलिए एक्सपर्ट की सलाह के बिना इसे कराना सही नहीं होता.

लेज़र कराने के बाद रखें इस चीज का ख्याल
इसके अलावा, लेज़र कराने के बाद स्किन केयर रूटीन का पालन करना बेहद जरूरी होता है. सनस्क्रीन का नियमित इस्तेमाल, धूप से बचाव और मॉइश्चराइजिंग बहुत जरूरी है, वरना पिगमेंटेशन दोबारा भी हो सकता है.

About the Author

authorimg

Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.